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Fatehabad News: बीडीपीओ कार्यालय में जांच करने पहुंचे डीडीपीओ
Tue, 13 May 2025 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 13 May 2025 11:49 PM IST
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फतेहाबाद। पंचायत समिति की ओर से करवाए गए विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप की जांच करने के लिए जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) अनूप कुमार मंगलवार को खंड विकास पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) के कार्यालय में पहुंचे लेकिन शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति के कारण जांच नहीं हो सकी।
बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सुशील बिश्नोई ने सीएम विंडो और समाधान शिविर में शिकायत दर्ज करवाई है। इसमें पंचायत समिति की ओर से करवाए गए विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। बिश्नोई का आरोप है कि एसएफसी और पीआरआई योजना के तहत मिली निधि से कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता बरती गई है। घोटाले की भी आशंका जताई गई है।
इसका पता लगाने के लिए सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत आवेदन किया गया। इसके बावजूद पंचायत समिति की ओर से ब्लॉक में बेंच लगाए गए स्थानों तक की सही जानकारी नहीं दी जा रही है। इससे आरटीआई एक्ट का उल्लंघन किया गया है।
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उन्होंने मुख्यमंत्री समेत कई अधिकारियों से इस आरोप की जांच करवा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करवाने की मांग की है।
इस आरोप की जांच की तिथि आठ मई को निर्धारित की गई थी, लेकिन उस दिन डीडीपीओ नहीं पहुंचे। इसके बाद सुशील ने समाधान शिविर में दोबारा शिकायत दे दी। इसलिए जांच का जिम्मा जिला परिषद के सीईओ को दे दिया गया।
मंगलवार को डीडीपीओ अनूप कुमार बीडीपीओ कार्यालय में पहुंचे लेकिन शिकायतकर्ता सुशील वहां नहीं पहुंचे। अब इस मामले में जांच के लिए नई तिथि दी जाएगी। वहीं, शिकायतकर्ता सुशील का कहना है कि जांच कार्य में देरी कर मामले को उलझाया जा रहा है।
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बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सुशील बिश्नोई ने सीएम विंडो और समाधान शिविर में शिकायत दर्ज करवाई है। इसमें पंचायत समिति की ओर से करवाए गए विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। बिश्नोई का आरोप है कि एसएफसी और पीआरआई योजना के तहत मिली निधि से कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता बरती गई है। घोटाले की भी आशंका जताई गई है।
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इसका पता लगाने के लिए सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत आवेदन किया गया। इसके बावजूद पंचायत समिति की ओर से ब्लॉक में बेंच लगाए गए स्थानों तक की सही जानकारी नहीं दी जा रही है। इससे आरटीआई एक्ट का उल्लंघन किया गया है।
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उन्होंने मुख्यमंत्री समेत कई अधिकारियों से इस आरोप की जांच करवा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करवाने की मांग की है।
इस आरोप की जांच की तिथि आठ मई को निर्धारित की गई थी, लेकिन उस दिन डीडीपीओ नहीं पहुंचे। इसके बाद सुशील ने समाधान शिविर में दोबारा शिकायत दे दी। इसलिए जांच का जिम्मा जिला परिषद के सीईओ को दे दिया गया।
मंगलवार को डीडीपीओ अनूप कुमार बीडीपीओ कार्यालय में पहुंचे लेकिन शिकायतकर्ता सुशील वहां नहीं पहुंचे। अब इस मामले में जांच के लिए नई तिथि दी जाएगी। वहीं, शिकायतकर्ता सुशील का कहना है कि जांच कार्य में देरी कर मामले को उलझाया जा रहा है।