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Fatehabad News: डीसी साहब, आशा वर्कर की टीकाकरण और शिविर के दिन एसआईआर से हटाई जाए ड्यूटी
Sat, 20 Jun 2026 10:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 20 Jun 2026 10:45 PM IST
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फतेहाबाद में आशा वर्कर एसआईआर कार्य को लेकर रिपोर्ट करते हुए संवाद
फतेहाबाद। मतदाता सूची को लेकर चल रहे एसआईआर में स्वास्थ्य विभाग की आशा वर्कर की ड्यूटी भी लगा दी गई है। हालात ये है कि आशा वर्कर को दूसरे क्षेत्र में भेज दिया गया है। ड्यूटी से आशा वर्कर के टीकाकरण, महिलाओं के लिए लगने वाले शिविर भी प्रभावित हो रहे हैं। अब स्वास्थ्य विभाग ने डीसी से फरियाद की है कि शिविर के दिन और पल्स पोलियो अभियान में आशा वर्कर को मुक्त किया जाए।
सिविल सर्जन कार्यालय ने डीसी कार्यालय को पत्र लिखा है। डीसी को लिखे गए पत्र में सिविल सर्जन कार्यालय ने कहा है कि जिले में 826 आशा वर्कर कार्यरत हैं। 14 जुलाई तक एसआईआर में ड्यूटी लगी है लेकिन शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में बुधवार और शहरी क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं बच्चों के लिए लगने वाले टीकाकरण शिविर, 28 से 30 जून तक पल्स पोलियो अभियान के दौरान एसआईआर कार्य से मुक्त किया जाए।
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शिविर संभाले या एसआईआर
हर माह की 9, 10, 23 और 30 तारीख को गर्भवती के लिए शिविर लगते हैं लेकिन वहां भी आशा वर्कर नहीं पहुंच पा रही है। इसलिए इन दिनों में भी कार्य से मुक्त किया जाए। सिविल सर्जन कार्यालय ने ये भी कहा है कि गावों में एक हजार आबादी और शहर में दो हजार आबादी में आशा वर्कर तैनात है लेकिन कुछ क्षेत्र में दूसरी जगहों पर डयूटी लगाई गई है। इसके अलावा महिलाओं की डिलिवरी को लेकर भी अचानक आशा वर्कर को जाना पड़ सकता है। इसलिए आशा वर्कर को छूट दी जाए।
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57 फीसदी गणना फॉर्म वितरित
जिले में एसआईआर के तहत कार्य जारी है। जिले में 7 लाख 10 हजार 261 पंजीकृत निर्वाचक हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के लिए 708 बीएलओ कार्यरत हैं। जिला में बीएलए-1 की संख्या 12 तथा बीएलए-2 की संख्या 1391 है। अब तक जिला में बीएलओ द्वारा 57.51 प्रतिशत गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं।
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एसआईआर कार्य में मदद के लिए डयूटी आशा वर्कर की लगाई गई है। शिविर व अन्य कई दिनों में आशा वर्करों को जरूरी काम होते है। इन दिनों में छूट को लेकर उच्च अधिकारियों से मांग की गई है।
- मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन
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सिविल सर्जन कार्यालय ने डीसी कार्यालय को पत्र लिखा है। डीसी को लिखे गए पत्र में सिविल सर्जन कार्यालय ने कहा है कि जिले में 826 आशा वर्कर कार्यरत हैं। 14 जुलाई तक एसआईआर में ड्यूटी लगी है लेकिन शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में बुधवार और शहरी क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं बच्चों के लिए लगने वाले टीकाकरण शिविर, 28 से 30 जून तक पल्स पोलियो अभियान के दौरान एसआईआर कार्य से मुक्त किया जाए।
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शिविर संभाले या एसआईआर
हर माह की 9, 10, 23 और 30 तारीख को गर्भवती के लिए शिविर लगते हैं लेकिन वहां भी आशा वर्कर नहीं पहुंच पा रही है। इसलिए इन दिनों में भी कार्य से मुक्त किया जाए। सिविल सर्जन कार्यालय ने ये भी कहा है कि गावों में एक हजार आबादी और शहर में दो हजार आबादी में आशा वर्कर तैनात है लेकिन कुछ क्षेत्र में दूसरी जगहों पर डयूटी लगाई गई है। इसके अलावा महिलाओं की डिलिवरी को लेकर भी अचानक आशा वर्कर को जाना पड़ सकता है। इसलिए आशा वर्कर को छूट दी जाए।
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57 फीसदी गणना फॉर्म वितरित
जिले में एसआईआर के तहत कार्य जारी है। जिले में 7 लाख 10 हजार 261 पंजीकृत निर्वाचक हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के लिए 708 बीएलओ कार्यरत हैं। जिला में बीएलए-1 की संख्या 12 तथा बीएलए-2 की संख्या 1391 है। अब तक जिला में बीएलओ द्वारा 57.51 प्रतिशत गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं।
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एसआईआर कार्य में मदद के लिए डयूटी आशा वर्कर की लगाई गई है। शिविर व अन्य कई दिनों में आशा वर्करों को जरूरी काम होते है। इन दिनों में छूट को लेकर उच्च अधिकारियों से मांग की गई है।
- मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन