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फिर छाई बेटियां : जिला टॉप तीन में आठ में से सात बेटियां, तीन सरकारी स्कूल के विद्यार्थी

Sun, 12 Jul 2020 12:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2020 12:06 AM IST
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Daughters again won
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की तरफ से घोषित परीक्षा परिणाम में फिर बेटियों ने परचम लहराया है। जिले के मेरिट लिस्ट में सात बेटियंा है। अहम बात यह है कि टॉपर में तीन सरकारी स्कूल के विद्यार्थी है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गाजूवाला की छात्रा अनकिता एक बार फिर से जिले में प्रथम स्थान पर रही है। फतेहाबाद के टैगोर मॉडल स्कूल की छात्रा सिमरन, भिरड़ाना के सिटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा मुस्कान ने भी 494 अंक लेकर जिला में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
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राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल गाजूवाला का छात्रा रोहित, सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा नेहा जिला में दूसरे स्थान पर रहे हैं। इन्होंने 493 अंक प्राप्त किए हैं। इसके अलावा जल्लोपुर के आरोही मॉडल स्कूल की छात्रा हर्षदीप कौर, टैगोर मॉडल स्कूल की छात्रा गुनगुन तथा ज्योति पब्लिक स्कूल लाली की छात्रा रीतिका जिला में तीसरे स्थान पर रहे हैं। इन्होंने 492 अंक प्राप्त किए हैं।
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टॉपर रहे छात्रों का कहना है कि स्कूल के बाद तीन से चार घंटे पढ़ाई के लिए समय निकाला। मोबाइल का अगर सही प्रयोग हो तो वह गलत नहीं है।
किसान की बेटी सिमरन बनना चाहती है सीए
टैगोर मॉडल स्कूल की जिला में प्रथम स्थान पर रही छात्रा सिमरन का कहना है कि वह सीए बनना चाहती है। गांव धांगड़ की रहने वाली छात्रा सिमरन का कहना है कि उसके पिता हनुमान सिंह कसिान है। उसने स्कूल में पढ़ाई के अलावा घर पर रोजाना तीन से चार घंटे पढ़ाई की। उसकी बैडमिंटन में काफी रूचि रही है। सिमरन का कहना है कि उसने पढ़ाई को हमेशा रूचि की तरह लिया कभी दबाव नहीं समझा। उसकी इस सफलता में मां-बाप के अलावा स्कूल प्रिंसीपल शैलेन भास्कर की अहम भूमिका रही है।
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सरकारी स्कूल में पढ़ी टॉपर अंकिता नेवी में जाना चाहती है : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गाजूवाला की छात्रा अंकिता जिला में प्रथम स्थान पर रही है। अंकिता ने सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए 494 अंक प्राप्त किए हैं। अंकिता का कहना है कि वह नेवी में जाकर देश के लिए सेवा करना चाहती है। मूल रूप से गांव गोरखपुर की रहने वाली अंकिता अपने ननिहाल पारता में रह रही है। अंकिता का कहना है कि छात्रों व अभिभावकों में वहम रहता है कि सरकारी स्कूल में पढ़ाई नहीं होती। उसने सरकारी स्कूल में पढ़कर टॉप स्थान प्राप्त किया है।
टॉपर मुस्कान ने तीन साल पहले सोच लिया था डीसी बनना है : गांव भिरड़ाना के सिटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा मुस्कान ने जिला में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। गांव ढाणी बीजा लांबा की रहने वाली मुस्कान के पिता मुख्त्यार सिंह किसान है। मुस्कान का कहना है कि वह यूपीएससी की तैयारी करेगी और इसे पास करके आईएएस बनना है। उसने तीन साल पहले ही घर वालों का कह दिया था कि वह आईएएस बनेगी। मुस्कान का कहना है कि वह ट्यूशन नहीं पढ़ी है। स्कूल से आने के बाद तीन से चार घंटे पढ़ी है। उसकी कामयाबी में स्कूल प्रिंसीपल सतीश बिश्रोई व मां-बाप की अहम भूमिका रही है।
देश की सेवा के लिए डॉक्टर बनना चाहती है टॉपर नेहा : सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल ढांड की छात्रा नेहा ने 493 अंक लेकर जिला में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। नेहा के पिता किसान है। नेहा का कहना है कि वह देश की सेवा के लिए डॉक्टर बनना चाहती है। ये राह उसने इसलिए चुनी है क्यों कि देश में बीमारी बढ़ रही है और इसके कारण जरूरतमंद को उपचार भी नहीं मिल पाता है। नेहा का कहना है कि उसने सेल्फ स्टडी की है। स्कूल से आने के बाद दो से तीन घंटे पढ़ाई को दिए। परीक्षा के दौरान इसे दो घंटे बढ़ा दिया। इस कामयाबी में स्कूल के शिक्षकों का अहम रोल रहा है।
सरकारी स्कूल में पढने वाला टॉपर रोहित जाना चाहता है सिविल सर्विस में : राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गाजूवाला का छात्र रोहित ने 493 अंक लेकर जिला में दूसरा स्थाना प्राप्त किया है। रोहित का कहना है कि वह सिविल सर्विस में जाना चाहता है। रोहित का कहना है कि सरकारी स्कूल में पढ़ते हुए उसने कोई टयूशन नहीं ली। स्कूल के शिक्षकों ने उन्हें गाइड किया। इसका यह नतीजा रहा कि वह जिला में दूसरे स्थान पर रहे हैं। रोहित का कहना है कि वह पांच से छह घंटे पढ़ाई को दिए हैं।

डॉक्टर बनना चाहती है टॉपर गुनगुन : टैगोर मॉडल स्कूल की छात्रा गुनगुन ने 492 अंक लेकर जिला में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। गुनगुन का कहना है कि वह डॉक्टर बनना चाहती है और अब इससे भी ज्यादा पढ़ाई पर फोकस करेगी। गुनगुन का कहना है कि उसने तीन से चार घंटे पढ़ाई को दिए। डांस में उसकी रूचि रही है और स्टेट लेवल पर काफी पुरस्कार भी जीते हैं। उसकी इस कामयाबी में स्कूल प्रिंसिपल शैलेन भास्कर, पिता श्याम सुंदर और मां सोनिया का अहम रोल रहा है।
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