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Fatehabad News: श्रीलंका के खिलाफ खेलेंगे दिव्यांग राजेश, करेंगे गेंदबाजी
Thu, 05 Jun 2025 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 05 Jun 2025 11:42 PM IST
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राजेश वर्मा, व्हील चेयर क्रिकेट खिलाड़ी।
फतेहाबाद। गांव दैयड़ में राजेश वर्मा का भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम में चयन हुआ है। वह अंतरराष्ट्रीय व्हील चेयर क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग लेंगे। टीम की तरफ से वे तेज गेंदबाजी करेंगे। 27 वर्षीय राजेश अब तक 43 मैच खेलते हुए 78 विकेट ले चुके हैं।
राजेश की 13 रन देकर 5 विकेट लेना सर्वोच्च उपलब्धि है। जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई में इंडियन टीम और श्रीलंका के बीच क्रिकेट मैच में होगा। राजेश वर्मा ने क्रिकेट खेलते हुए चंडीगढ़ और हरियाणा के दिव्यांग क्रिकेटरों में पहचान बनाई हैं।
राजेश बचपन से ही पोलियो ग्रस्त होने से व्हील चेयर से चलते हैं। इसके बावजूद भी उनका क्रिकेट खेल के प्रति जज्बा कायम है। इसी जज्बे ने उन्हें व्हील चेयर क्रिकेट का स्टार बनाया है।
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नेशनल टूर्नामेंट खेलने के दौरान उनके पिता रामकुमार का निधन हो गया था। इसके बाद भी उनके हौसले पस्त नहीं हुए। उन्होंने टूर्नामेंट बीच में छोड़कर पारिवारिक रस्मे निभाई और दो दिन बाद फिर से जाकर टूर्नामेंट ज्वाइन किया। उस टूर्नामेंट में कर्नाटक की टीम को हराकर राजेश के बेहतर प्रदर्शन के बल पर चंडीगढ़ की टीम विजेता बनी।
कोच जगरूप कुंडू से मिला प्रशिक्षण
राजेश ने बताया कि अब वह चंडीगढ़ की टीम में खेलते हैं। कोच जगरूप कुंडू के निर्देशन में उन्होंने व्हीलचेयर क्रिकेट की बारीकियां सीखी हैं। पिछले पांच साल में कई मुकाबले खेले हैं, जिनमें बेहतर प्रदर्शन करके दिखाया है। वह कई मैचों में निर्णायक की भूमिका निभा चुके हैं।
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राजेश की 13 रन देकर 5 विकेट लेना सर्वोच्च उपलब्धि है। जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई में इंडियन टीम और श्रीलंका के बीच क्रिकेट मैच में होगा। राजेश वर्मा ने क्रिकेट खेलते हुए चंडीगढ़ और हरियाणा के दिव्यांग क्रिकेटरों में पहचान बनाई हैं।
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राजेश बचपन से ही पोलियो ग्रस्त होने से व्हील चेयर से चलते हैं। इसके बावजूद भी उनका क्रिकेट खेल के प्रति जज्बा कायम है। इसी जज्बे ने उन्हें व्हील चेयर क्रिकेट का स्टार बनाया है।
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नेशनल टूर्नामेंट खेलने के दौरान उनके पिता रामकुमार का निधन हो गया था। इसके बाद भी उनके हौसले पस्त नहीं हुए। उन्होंने टूर्नामेंट बीच में छोड़कर पारिवारिक रस्मे निभाई और दो दिन बाद फिर से जाकर टूर्नामेंट ज्वाइन किया। उस टूर्नामेंट में कर्नाटक की टीम को हराकर राजेश के बेहतर प्रदर्शन के बल पर चंडीगढ़ की टीम विजेता बनी।
कोच जगरूप कुंडू से मिला प्रशिक्षण
राजेश ने बताया कि अब वह चंडीगढ़ की टीम में खेलते हैं। कोच जगरूप कुंडू के निर्देशन में उन्होंने व्हीलचेयर क्रिकेट की बारीकियां सीखी हैं। पिछले पांच साल में कई मुकाबले खेले हैं, जिनमें बेहतर प्रदर्शन करके दिखाया है। वह कई मैचों में निर्णायक की भूमिका निभा चुके हैं।