{"_id":"69249e186a2561ff2f0771fd","slug":"curtains-are-installed-in-the-womens-ward-of-the-hospital-yet-privacy-is-not-maintained-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-144176-2025-11-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: व्यवस्था बेपर्दा...पर्दे हैं पर निजता नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: व्यवस्था बेपर्दा...पर्दे हैं पर निजता नहीं
Mon, 24 Nov 2025 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 24 Nov 2025 11:34 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में निरीक्षण करते हुए टीम सदस्य संवाद
फतेहाबाद। एनक्वास यानी राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक की राज्यस्तरीय टीम सोमवार को नागरिक अस्पताल के निरीक्षण के लिए पहुंची। निरीक्षण के दौरान डिलिवरी से पहले गर्भवती महिलाओं के लिए बनाए गए वार्ड में प्राइवेसी पर्याप्त नहीं मिली, जबकि प्रत्येक बेड पर पर्दे लगे हुए थे।
टीम ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पर्दों के बावजूद निजता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि मरीज को दाखिल करते समय यूरिन बैग अवश्य लगाया जाए, ताकि तीमारदार की अनुपस्थिति में किसी प्रकार की असुविधा न हो। सिरसा से आए डॉ. अमनदीप सिंह सहित अधिकारियों ने अस्पताल की विभिन्न सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन किया।
निरीक्षण में टीम का मुख्य फोकस महिला वार्ड और प्रसूति सेवाओं पर रहा। टीम ने अस्पताल के रिसेप्शन, पोस्टमार्टम कक्ष, डायलिसिस केंद्र, लैबोरिट्री, लेबर रूम, आईपीडी, मैटरनिटी वार्ड, फार्मेसी और प्रशासनिक भवन का भी विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने इन सभी इकाइयों में उपलब्ध सुविधाओं, स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन और मरीज सेवा प्रक्रिया की बारीकी से जांच की।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान कई दस्तावेजों का मिलान किया गया और स्टाफ से जानकारी भी ली गई। इससे पहले जींद की राज्यस्तरीय टीम भी अस्पताल का मूल्यांकन कर चुकी है। अब यदि दोनों टीमें 70 से अधिक स्कोर प्रदान करती हैं, तो केंद्र की एनक्वास टीम अस्पताल का अंतिम निरीक्षण करने पहुंचेगी। नागरिक अस्पताल प्रशासन ने 30 जून को एनक्वास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन भेजा था। मार्च में केंद्र की टीम ने निरीक्षण किया था, लेकिन उस समय अस्पताल का स्कोर केवल 61 रहा था।
-
शिविर में परेशान हुई गर्भवती
नागरिक अस्पताल में सोमवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। महिला रोग विशेषज्ञ ओपीडी के बाहर लगे शिविर में अव्यवस्था का माहौल रहा। बैठने के लिए गर्भवती को कुर्सियां नहीं मिल पाई। महिला रोग विशेषज्ञ के टीम को निरीक्षण करवाए जाने के चलते गर्भवती को इंतजार करना पड़ा। अस्पताल में हर माह की 9, 10, 23 और 30 तारीख को शिविर लगाया जाता है। 23 को रविवार होने के कारण सोमवार को शिविर लगाया गया।
विज्ञापन
टीम ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पर्दों के बावजूद निजता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि मरीज को दाखिल करते समय यूरिन बैग अवश्य लगाया जाए, ताकि तीमारदार की अनुपस्थिति में किसी प्रकार की असुविधा न हो। सिरसा से आए डॉ. अमनदीप सिंह सहित अधिकारियों ने अस्पताल की विभिन्न सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन किया।
विज्ञापन
निरीक्षण में टीम का मुख्य फोकस महिला वार्ड और प्रसूति सेवाओं पर रहा। टीम ने अस्पताल के रिसेप्शन, पोस्टमार्टम कक्ष, डायलिसिस केंद्र, लैबोरिट्री, लेबर रूम, आईपीडी, मैटरनिटी वार्ड, फार्मेसी और प्रशासनिक भवन का भी विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने इन सभी इकाइयों में उपलब्ध सुविधाओं, स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन और मरीज सेवा प्रक्रिया की बारीकी से जांच की।
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान कई दस्तावेजों का मिलान किया गया और स्टाफ से जानकारी भी ली गई। इससे पहले जींद की राज्यस्तरीय टीम भी अस्पताल का मूल्यांकन कर चुकी है। अब यदि दोनों टीमें 70 से अधिक स्कोर प्रदान करती हैं, तो केंद्र की एनक्वास टीम अस्पताल का अंतिम निरीक्षण करने पहुंचेगी। नागरिक अस्पताल प्रशासन ने 30 जून को एनक्वास प्रमाणपत्र के लिए आवेदन भेजा था। मार्च में केंद्र की टीम ने निरीक्षण किया था, लेकिन उस समय अस्पताल का स्कोर केवल 61 रहा था।
-
शिविर में परेशान हुई गर्भवती
नागरिक अस्पताल में सोमवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। महिला रोग विशेषज्ञ ओपीडी के बाहर लगे शिविर में अव्यवस्था का माहौल रहा। बैठने के लिए गर्भवती को कुर्सियां नहीं मिल पाई। महिला रोग विशेषज्ञ के टीम को निरीक्षण करवाए जाने के चलते गर्भवती को इंतजार करना पड़ा। अस्पताल में हर माह की 9, 10, 23 और 30 तारीख को शिविर लगाया जाता है। 23 को रविवार होने के कारण सोमवार को शिविर लगाया गया।