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फतेहाबाद: DSP ने दुष्कर्म के दोषी को दे दी थी क्लीन चिट, अदालत ने स्वतः संज्ञान लेकर सुनाई 10 साल की सजा
Sat, 19 Nov 2022 07:06 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 19 Nov 2022 07:06 PM IST
सार
चार साल की अबोध बालिका को दोषी बहलाकर अपने साथ ले गया था। डीएसपी ने दोषी को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन अदालत ने बात नहीं मानी। पुलिस की क्लीनचिट को दरकिनार कर आरोपी को दोषी करार दिया।
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विस्तार
हरियाणा के फतेहाबाद में चार साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में अदालत (फास्ट ट्रैक) ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अभियुक्त को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत बहला-फुसलाकर साथ ले जाने के मामले में तीन साल कैद की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियुक्त पर सात रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इससे पहले, डीएसपी ने दोषी रवि को क्लीनचिट दे दिया था।
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चार साल की बच्ची की मां ने तीन जून 2019 को महिला थाना फतेहाबाद में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसकी बेटी पड़ोसी के घर खेलने गई थी। वहां से आरोपी रवि कुमार उसकी बेटी को यह कहकर ले गया कि उसे उसकी मां खेत में बुला रही है। खेत में जाते हुए रास्ते में आरोपी ने बच्ची के साथ गलत हरकत कर उसकी मर्यादा भंग की। इस पर महिला थाना ने आरोपी रवि के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा चार के तहत केस दर्ज किया था।
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इस मामले की जांच करते हुए डीएसपी दलजीत सिंह ने आरोपी रवि कुमार को बेकसूर ठहराया। उन्होंने कोर्ट में दायर अपनी रिपोर्ट में लिखा कि शिकायतकर्ता द्वारा गलतफहमी में आरोप लगाना पाया गया है। पुलिस ने अदालत में कैंसिलेशन रिपोर्ट भी सबमिट कर दी।
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इस पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट) के जज बलवंत सिंह की अदालत ने कैंसिलेशन रिपोर्ट को रद्द करते हुए मामले पर स्वयं संज्ञान लेकर आरोपी व शिकायतकर्ता को नोटिस भेजकर ट्रायल शुरू कर दिया। इस ट्रायल की सुनवाई के बाद शनिवार को अदालत ने पुलिस की क्लीनचिट को दरकिनार कर रवि कुमार को दोषी करार दिया और उसे 10 साल की कैद व सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।