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प्लाट का फर्जी इकरारनामा कर दंपति ने 22 लाख हड़पे
fatehabad
Updated Thu, 11 Aug 2016 11:48 PM IST
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करोड़ो की लूट
- फोटो : demo
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मॉडल टाउन स्थित प्लाट का इकरारनामा करने के बाद भी प्लाट की रजिस्ट्री नहीं करवाने और 22 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। रतिया पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर मॉडल टाउन निवासी दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी तथा जान से मारने की धमकी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
वार्ड नं-16 निवासी शकुंतला देवी ने पुलिस को शिकायत दी है कि माडल टाउन निवासी लीला कृष्ण उसके पति का जान-पहचान का था। लीला कृष्ण ने उन्हें बताया कि उसकी पत्नी के नाम पर कुरुक्षेत्र के सेक्टर-3 में आठ मरले का प्लाट नंबर 1897 बिकाऊ है और वह उन्हें सस्ती कीमत पर बेच सकता है। इसके बाद लीला कृष्ण ने उनसे 10 अक्टूबर 2007 को उक्त प्लाट के सौदे के तौर पर लाखों रुपये ले लिए। कुछ समय बाद फिर से बहाना बनाकर प्लाट के नाम पर आठ लाख रुपये लिए और जून 2014 तक प्लाट के नाम पर फिर उनसे 22 लाख 13 हजार रुपये ले लिए, लेकिन प्लाट उनके नाम नहीं करवाया।
जब उन्होंने कुरुक्षेत्र के हुडा विभाग से आरटीआई के तहत जानकारी ली तो उन्हें पता चला कि उक्त प्लाट 10 जनवरी 2012 को ही कुरुक्षेत्र के नरेंद्र पाल को बेचा जा चुका है। इसके बाद उन्होंने लीला कृष्ण से अपने पैसे मांगने शुरू किए तो उसनेे पैसे वापस नहीं लौटाए। इसके बाद एक पंचायत की गई, जिसमें लीला कृष्ण ने पंचायती लोगों के सामने कहा कि उसकी माडल टाउन में कोठी है और अगर वह पैसे नहीं दे पाया तो वह कोठी दे देगा।
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इसके बाद लीला कृष्ण ने 30 जून 2014 को रतिया स्थित माडल टाउन की कोठी का इकरारनामा उसके नाम करवा दिया और 30 जून 2015 तक सारी रकम लिखित में वापस करने की बात भी कही। शकुंतला ने आरोप लगाया कि अब लीला कृष्ण न तो उनके रुपये वापस कर रहा है और न ही इकरार नामा के तहत कोठी उनके नाम करवा रहा है। पुलिस ने आरोपी लीला कृष्ण और उसकी पत्नी कृष्णा देवी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
जांच अधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और तथ्यों के आधार पर जांच कर आगामी कार्यवाही की जा रही है।
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वार्ड नं-16 निवासी शकुंतला देवी ने पुलिस को शिकायत दी है कि माडल टाउन निवासी लीला कृष्ण उसके पति का जान-पहचान का था। लीला कृष्ण ने उन्हें बताया कि उसकी पत्नी के नाम पर कुरुक्षेत्र के सेक्टर-3 में आठ मरले का प्लाट नंबर 1897 बिकाऊ है और वह उन्हें सस्ती कीमत पर बेच सकता है। इसके बाद लीला कृष्ण ने उनसे 10 अक्टूबर 2007 को उक्त प्लाट के सौदे के तौर पर लाखों रुपये ले लिए। कुछ समय बाद फिर से बहाना बनाकर प्लाट के नाम पर आठ लाख रुपये लिए और जून 2014 तक प्लाट के नाम पर फिर उनसे 22 लाख 13 हजार रुपये ले लिए, लेकिन प्लाट उनके नाम नहीं करवाया।
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जब उन्होंने कुरुक्षेत्र के हुडा विभाग से आरटीआई के तहत जानकारी ली तो उन्हें पता चला कि उक्त प्लाट 10 जनवरी 2012 को ही कुरुक्षेत्र के नरेंद्र पाल को बेचा जा चुका है। इसके बाद उन्होंने लीला कृष्ण से अपने पैसे मांगने शुरू किए तो उसनेे पैसे वापस नहीं लौटाए। इसके बाद एक पंचायत की गई, जिसमें लीला कृष्ण ने पंचायती लोगों के सामने कहा कि उसकी माडल टाउन में कोठी है और अगर वह पैसे नहीं दे पाया तो वह कोठी दे देगा।
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इसके बाद लीला कृष्ण ने 30 जून 2014 को रतिया स्थित माडल टाउन की कोठी का इकरारनामा उसके नाम करवा दिया और 30 जून 2015 तक सारी रकम लिखित में वापस करने की बात भी कही। शकुंतला ने आरोप लगाया कि अब लीला कृष्ण न तो उनके रुपये वापस कर रहा है और न ही इकरार नामा के तहत कोठी उनके नाम करवा रहा है। पुलिस ने आरोपी लीला कृष्ण और उसकी पत्नी कृष्णा देवी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
जांच अधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और तथ्यों के आधार पर जांच कर आगामी कार्यवाही की जा रही है।