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आदेश : दुकानें नहीं खुलेंगी, न बिकेगा मांस, उड़ी धज्जियां, दुकानें खुलीं भी धड़ल्ले से बिके भी
ब्यूरो/अमर उजाला/फतेहाबाद
Updated Mon, 10 Apr 2017 12:13 AM IST
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मांस बिक्री मामला
- फोटो : bureau
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जैन समाज के प्रमुख संत महाबीर जयंती पर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के दावे रविवार को फुस्स हो गए। इस दिन को अहिंसा दिवस के रूप में मनाने के लिए जिलेभर की मीट और शराब की दुकानें बंद रखने के आदेश सरकार ने दिए थे, जिसके बाद लोगों तक यह बात विभिन्न माध्यमों से प्रशासन ने पहुंचाई। लेकिन उसके बाद भी दुकानें खुली रहीं। शहर के तीनों शराब के ठेके तो रोजमर्रा की तरह धड़ल्ले से खुले रहे, साथ ही मीट की दुकानें भी आधे शटर के साथ अपना व्यापार अंदर ही अंदर करती रहीं। दोपहर बाद तो नेशनल हाइवे पर स्थित मीट मार्केट में तो खुलेआम बिक्री होने लगी। उधर जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारी अब कार्यवाही की बात कर रहे हैं, साथ ही शराब की बिक्री पर प्रतिबंध से उन्होंने इंकार किया है।
आधे शटर में सजी रही मीट की दुकानें, सांझ होते ही खुला बाजार
महाबीर जयंती के मौके पर मीट की दुकानों को बंद रखने के निर्देश ईओ नगर परिषद की ओर से दिए गए थे। रविवार सुबह ईओ ओपी सिहाग ने अपनी टीमें भेजकर बाजार में दुकानों की स्थिति का पता भी किया, एक-आध दुकान खुली मिलने पर नप टीम ने उसे बंद करवा दिया। लेकिन नगर परिषद की टीमों के जाने के बाद अधिकतर चिकन कॉर्नर वाले संचालकों ने आधा शटर खोलकर ग्राहकों को अंदर बिठाना शुरू कर दिया और धड़ल्ले से चिकन बेचने का काम जारी रखा। शाम होते-होते तो नेशनल हाइवे पर खुली मीट मार्केट भी पूरी तरह आबाद हो गई। मीट विक्रेताओं ने अपने काउंटर बाहर सजा दिए और मीट की बिक्री भी शुरु कर दी।
शहर में शराब के तीन ठेके और तीनों सारा दिन रहे खुले
शहर में शराब के ठेकों पर भी बिक्री पर प्रतिबंध की बात सामने आई थी, लेकिन शहर में मौजूद शराब के तीनों ठेके सारा दिन खुले रहे। शराब ठेका संचालकों ने इस बात को लेकर स्थिति साफ की है कि उनके पास प्रशासन की ओर से शराब बिक्री ना करने बाबत कोई लिखित आदेश नहीं आए थे। ऐसे में लिखित आदेश ना होने के चलते उन्होंने बकायदा सारा दिन दुकानें खुली रखी हैं। हां, कई ठेकों के बाहर खुलने वाले अहाते जरूर बंद दिखे।
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हमारी टीमों ने सुबह जांच की थी तो दुकानें बंद थी। अगर दुकानें बाद में खुली हैं तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
ओपी सिहाग, नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी, फतेहाबाद ।
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आधे शटर में सजी रही मीट की दुकानें, सांझ होते ही खुला बाजार
महाबीर जयंती के मौके पर मीट की दुकानों को बंद रखने के निर्देश ईओ नगर परिषद की ओर से दिए गए थे। रविवार सुबह ईओ ओपी सिहाग ने अपनी टीमें भेजकर बाजार में दुकानों की स्थिति का पता भी किया, एक-आध दुकान खुली मिलने पर नप टीम ने उसे बंद करवा दिया। लेकिन नगर परिषद की टीमों के जाने के बाद अधिकतर चिकन कॉर्नर वाले संचालकों ने आधा शटर खोलकर ग्राहकों को अंदर बिठाना शुरू कर दिया और धड़ल्ले से चिकन बेचने का काम जारी रखा। शाम होते-होते तो नेशनल हाइवे पर खुली मीट मार्केट भी पूरी तरह आबाद हो गई। मीट विक्रेताओं ने अपने काउंटर बाहर सजा दिए और मीट की बिक्री भी शुरु कर दी।
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शहर में शराब के तीन ठेके और तीनों सारा दिन रहे खुले
शहर में शराब के ठेकों पर भी बिक्री पर प्रतिबंध की बात सामने आई थी, लेकिन शहर में मौजूद शराब के तीनों ठेके सारा दिन खुले रहे। शराब ठेका संचालकों ने इस बात को लेकर स्थिति साफ की है कि उनके पास प्रशासन की ओर से शराब बिक्री ना करने बाबत कोई लिखित आदेश नहीं आए थे। ऐसे में लिखित आदेश ना होने के चलते उन्होंने बकायदा सारा दिन दुकानें खुली रखी हैं। हां, कई ठेकों के बाहर खुलने वाले अहाते जरूर बंद दिखे।
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हमारी टीमों ने सुबह जांच की थी तो दुकानें बंद थी। अगर दुकानें बाद में खुली हैं तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
ओपी सिहाग, नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी, फतेहाबाद ।