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हसंगा की करोड़ों की भूमि पर अवैध कब्जा, सीएम विंडों में दी शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sat, 05 Nov 2016 12:26 AM IST
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ग्राम पंचायत हसंगा की करोड़ों रुपये की मलकीयत भूमि पर 20 लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। एसडीएम रतिया के कब्जा कार्रवाई को हटाने के आदेश देने के बाद भी संबंधित विभाग उपरोक्त फाइल दबाकर बैठा है। इसको लेकर हसंगा के नंबरदार जंगीर सिंह, पूर्व सरपंच एवं नंबरदार देवीलाल, उदय सिंह नंबरदार, राधेश्याम, सतबीर सिंह, बंसी लाल, शंकर लाल, पंचायत सदस्य सुशील, राजबीर सिंह, बलबीर सिंह, सुरेश सुरा, सतपाल सिंह आदि दर्जनों लोगों ने सीएम विंडो में शिकायत देकर हसंगा की पंचायती जमीन छुटवाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने पंचायती जमीन के साथ-साथ गांव की फिरनी पर भी अवैध कब्जे खाली करवाने के लिए गुहार लगाई है। हसंगा वासियों ने बताया कि गांव की फिरनी पर भारी मात्रा में लोगों ने कब्जा किया है। इससे फिरनी पक्की करने में दिक्कत आ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि खड्डा खाद जमीन भी कुछ लोगों ने दबाई है। इससे जमीन मालिकों को कूड़ा-कर्कट सार्वजनिक स्थल पर डालना पड़ रहा है। इससे गांव में गंदगी भी पनप रही है। लोगों ने बताया कि जोहड़ के पास करोड़ों रुपये की करीब आठ एकड़ जमीन पर 20 लोगों ने मकान बनाकर और सब्जियां लगाकर कब्जे में किया है। इससे पंचायत को प्रति वर्ष लाखों रुपये की आय का भी नुकसान हो रहा है। जिन लोगों ने जमीन पर कब्जा कर रखा है। उनको 100-100 गज के प्लाट भी पंचायत ने वितरित कर रखे हैं।
मगर फिर भी पंचायती जमीन पर अपना मालिकाना हक जमा रहे हैं। एसडीएम की अदालत ने कब्जाधारियों को तुरंत मौके से खदेड़ने के आदेश भी कई साल पहले दिए थे। मगर तहसील कार्यालय और बीडीपीओ कार्यालय के लोग कब्जाधारियों से मिले हैं। इसलिए एसडीएम के न्यायालय के कब्जा खाली करने की फाइल को दबाकर रखा है। इस संबंध में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि हसंगा की पंचायत की जमीन पर गैर कानूनी रूप से कब्जा है। इसको खाली करवाने के लिए पंचायत ने एसडीएम के न्यायालय में याचिका भी दायर की थी, जिसका फैसला पंचायत के पक्ष में देकर कब्जाधारियों से जमीन छुड़वाने के लिए निर्देश दिए जा चुके हैं। लेकिन तहसीलदार सत्र पर उपरोक्त कार्रवाई होनी है।
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फाइल दबा दी है : सरपंच
गांव हसंगा के सरपंच सुरेंद्र लांबा ने बताया कि कब्जा कार्रवाई को लेकर बार-बार तारीख निर्धारित की जा चुकी हैं। मगर मौके पर कोई हलचल नहीं हो रही। मामले को लेकर कानूनगो से संपर्क किया गया, तो एसडीएम के आदेश की फाइल गुम हो जाने का हवाला दिया जा रहा है।
क्या कहते हैं नायब तहसीलदार :
नायब तहसीलदार कर्ण सिंह ने बताया कि हसंगा की पंचायती जमीन से कब्जा कार्रवाई को हटाने की प्रक्रिया चल रही है। इसको लेकर शीघ्र ही हसंगा की पंचायती जमीन को खाली करवा दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने पंचायती जमीन के साथ-साथ गांव की फिरनी पर भी अवैध कब्जे खाली करवाने के लिए गुहार लगाई है। हसंगा वासियों ने बताया कि गांव की फिरनी पर भारी मात्रा में लोगों ने कब्जा किया है। इससे फिरनी पक्की करने में दिक्कत आ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि खड्डा खाद जमीन भी कुछ लोगों ने दबाई है। इससे जमीन मालिकों को कूड़ा-कर्कट सार्वजनिक स्थल पर डालना पड़ रहा है। इससे गांव में गंदगी भी पनप रही है। लोगों ने बताया कि जोहड़ के पास करोड़ों रुपये की करीब आठ एकड़ जमीन पर 20 लोगों ने मकान बनाकर और सब्जियां लगाकर कब्जे में किया है। इससे पंचायत को प्रति वर्ष लाखों रुपये की आय का भी नुकसान हो रहा है। जिन लोगों ने जमीन पर कब्जा कर रखा है। उनको 100-100 गज के प्लाट भी पंचायत ने वितरित कर रखे हैं।
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मगर फिर भी पंचायती जमीन पर अपना मालिकाना हक जमा रहे हैं। एसडीएम की अदालत ने कब्जाधारियों को तुरंत मौके से खदेड़ने के आदेश भी कई साल पहले दिए थे। मगर तहसील कार्यालय और बीडीपीओ कार्यालय के लोग कब्जाधारियों से मिले हैं। इसलिए एसडीएम के न्यायालय के कब्जा खाली करने की फाइल को दबाकर रखा है। इस संबंध में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि हसंगा की पंचायत की जमीन पर गैर कानूनी रूप से कब्जा है। इसको खाली करवाने के लिए पंचायत ने एसडीएम के न्यायालय में याचिका भी दायर की थी, जिसका फैसला पंचायत के पक्ष में देकर कब्जाधारियों से जमीन छुड़वाने के लिए निर्देश दिए जा चुके हैं। लेकिन तहसीलदार सत्र पर उपरोक्त कार्रवाई होनी है।
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फाइल दबा दी है : सरपंच
गांव हसंगा के सरपंच सुरेंद्र लांबा ने बताया कि कब्जा कार्रवाई को लेकर बार-बार तारीख निर्धारित की जा चुकी हैं। मगर मौके पर कोई हलचल नहीं हो रही। मामले को लेकर कानूनगो से संपर्क किया गया, तो एसडीएम के आदेश की फाइल गुम हो जाने का हवाला दिया जा रहा है।
क्या कहते हैं नायब तहसीलदार :
नायब तहसीलदार कर्ण सिंह ने बताया कि हसंगा की पंचायती जमीन से कब्जा कार्रवाई को हटाने की प्रक्रिया चल रही है। इसको लेकर शीघ्र ही हसंगा की पंचायती जमीन को खाली करवा दिया जाएगा।