{"_id":"580128134f1c1b4a2c28ef20","slug":"fatehabad-dengu-death-pregenent-lady-fatehabad-harayana","type":"story","status":"publish","title_hn":" टोहाना में डेंगू आशंकित गर्भवती की मौत, हड़कंप","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
टोहाना में डेंगू आशंकित गर्भवती की मौत, हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Sat, 15 Oct 2016 12:17 AM IST
विज्ञापन
टोहाना अस्पताल में उपचारधीन डेंगू पीडित मरीज।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
शुक्रवार सुबह डेंगू से पीड़ित एक गर्भवती की मौत हो गई। मृतका भाटिया नगर निवासी फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. गौरव भाटिया की पत्नी थीं। डेंगू से महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभी मरने वाली महिला के रक्त की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहने की बात कह रहे हैं। शुक्रवार को भी स्वास्थ्य विभाग ने 27 डेंगू आशंकित मरीजों के सैंपल जांच के लिए फतेहाबाद लैब भेजे हैं। अकेले टोहाना में अब तक 96 डेंगू आशंकित मरीजों के सैंपल भेजे जा चुके हैं। इससे पहले सनियाना निवासी एक महिला भी डेंगू की आशंका के चलते हिसार के अस्पताल में दम तोड़ चुकी है। हालांकि उस मामले की रिपोर्ट भी अभी तक नहीं आई है।
वार्ड-20 निवासी डॉ. गौरव भाटिया की पत्नी पूजा को लगभग एक सप्ताह पूर्व बुखार आया था। उनका इलाज टोहाना के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। बताया गया है कि वीरवार रात लगभग एक बजे अचानक पूजा की तबियत ज्यादा बिगड़ गई। इस पर उनके परिजन उसे कैंची चौक स्थित निजी अस्पताल ले गए। यहां पर चिकित्सकों ने उसे तुरंत वेंटीलेटर पर बड़ी मशीन पर कृत्रिम सांस देने का काम शुरू कर दिया। लगभग आधे घंटे बाद उनके प्लेटलेट्स गिरते चले गए और शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी और शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया।
क्या कहते हैं निजी अस्पताल के चिकित्सक
इस दौरान निजी अस्पताल के एमडी डॉ. दीपांकर गर्ग ने बताया कि भाटिया नगर से महिला पूजा रात लगभग एक बजे आई थी और उसकी हालत गंभीर थी। उसे तुरंत इलाज के लिए कृत्रिम सांस दी गई क्योंकि उस समय उसे सांस लेने में बहुत दिक्कत हो रही थी। बेहोशी की हालत में ही तुरंत जांच कराई गई। एनएस-वन जांच कराने पर डेंगू पॉजीटिव निकला। उन्होंने बताया कि जब मरीज उनके पास आया था तो उसके लगभग एक लाख 14 हजार प्लेटलेटस थे, जो लगातार 25-27 हजार प्रति घंटे की दर से गिरते 27 हजार रह गए। मरीज का रक्तचाप भी काफी कम था।
विज्ञापन
वार्ड-13 भी डेंगू की चपेट में
टोहाना के वार्ड नंबर-13 में डेंगू के मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। अकेले नागरिक अस्पताल में ही इस वार्ड के 5 से ज्यादा मरीज इलाज करा रहे हैं। इसके अलावा अन्य कई निजी अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती हैं। नागरिक अस्पताल में भर्ती वार्ड-13 निवासी मरीज दीपक ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों की कमी से गरीब मरीज बीमारी से तड़प रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
डेंगू से बचाव को लोग अपना रहे है देसी टोटके भी
अस्पताल में भर्ती मरीजों ने बताया कि वे डेंगू से छुटकारा पाने के लिए बकरी का दूध लेना, कीवी का सेवन, गिलोय की लकड़ी का जूस, नारियल का पानी, पपीते के छिलके का जूस सहित अन्य देसी टोटके अपना रहे हैं। मरीजों का मानना है कि जहां अंग्रेजी इलाज लाभ पहुंचाएगा वहीं देसी टोटके भी रामबाण सिद्ध हो सकते हैं। इसलिए वो कोई भी मौका नही छूटने दे रहे है।
क्या कहते है एसएमओ
इस बारे मे डॉ. सतीश गर्ग ने बताया कि उन्होंने निजी अस्पताल के संचालक से बात कर जानकारी ली है जिसमें उन्होंने बताया कि महिला की प्लेटलेट्स लगातार कम होने से मृत्यु हुई है तथा रिपोर्ट आने के बाद महिला की मौत के बारे में सही जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि विभाग के कर्मचारी लगातार विभिन्न वार्डों में जाकर जांच कर रहे हैं, जहां भी डेंगू का लारवा दिखाई पड़ता है। उसमें दवाई डलवाकर नष्ट कर दिया जाता है। रिपोर्ट के बाद उनकी टीम वार्ड में सर्वे कर जानकारी प्राप्त करेगी।
वार्ड-20 निवासी डॉ. गौरव भाटिया की पत्नी पूजा को लगभग एक सप्ताह पूर्व बुखार आया था। उनका इलाज टोहाना के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। बताया गया है कि वीरवार रात लगभग एक बजे अचानक पूजा की तबियत ज्यादा बिगड़ गई। इस पर उनके परिजन उसे कैंची चौक स्थित निजी अस्पताल ले गए। यहां पर चिकित्सकों ने उसे तुरंत वेंटीलेटर पर बड़ी मशीन पर कृत्रिम सांस देने का काम शुरू कर दिया। लगभग आधे घंटे बाद उनके प्लेटलेट्स गिरते चले गए और शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी और शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया।
विज्ञापन
क्या कहते हैं निजी अस्पताल के चिकित्सक
इस दौरान निजी अस्पताल के एमडी डॉ. दीपांकर गर्ग ने बताया कि भाटिया नगर से महिला पूजा रात लगभग एक बजे आई थी और उसकी हालत गंभीर थी। उसे तुरंत इलाज के लिए कृत्रिम सांस दी गई क्योंकि उस समय उसे सांस लेने में बहुत दिक्कत हो रही थी। बेहोशी की हालत में ही तुरंत जांच कराई गई। एनएस-वन जांच कराने पर डेंगू पॉजीटिव निकला। उन्होंने बताया कि जब मरीज उनके पास आया था तो उसके लगभग एक लाख 14 हजार प्लेटलेटस थे, जो लगातार 25-27 हजार प्रति घंटे की दर से गिरते 27 हजार रह गए। मरीज का रक्तचाप भी काफी कम था।
विज्ञापन
वार्ड-13 भी डेंगू की चपेट में
टोहाना के वार्ड नंबर-13 में डेंगू के मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। अकेले नागरिक अस्पताल में ही इस वार्ड के 5 से ज्यादा मरीज इलाज करा रहे हैं। इसके अलावा अन्य कई निजी अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती हैं। नागरिक अस्पताल में भर्ती वार्ड-13 निवासी मरीज दीपक ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों की कमी से गरीब मरीज बीमारी से तड़प रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
डेंगू से बचाव को लोग अपना रहे है देसी टोटके भी
अस्पताल में भर्ती मरीजों ने बताया कि वे डेंगू से छुटकारा पाने के लिए बकरी का दूध लेना, कीवी का सेवन, गिलोय की लकड़ी का जूस, नारियल का पानी, पपीते के छिलके का जूस सहित अन्य देसी टोटके अपना रहे हैं। मरीजों का मानना है कि जहां अंग्रेजी इलाज लाभ पहुंचाएगा वहीं देसी टोटके भी रामबाण सिद्ध हो सकते हैं। इसलिए वो कोई भी मौका नही छूटने दे रहे है।
क्या कहते है एसएमओ
इस बारे मे डॉ. सतीश गर्ग ने बताया कि उन्होंने निजी अस्पताल के संचालक से बात कर जानकारी ली है जिसमें उन्होंने बताया कि महिला की प्लेटलेट्स लगातार कम होने से मृत्यु हुई है तथा रिपोर्ट आने के बाद महिला की मौत के बारे में सही जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि विभाग के कर्मचारी लगातार विभिन्न वार्डों में जाकर जांच कर रहे हैं, जहां भी डेंगू का लारवा दिखाई पड़ता है। उसमें दवाई डलवाकर नष्ट कर दिया जाता है। रिपोर्ट के बाद उनकी टीम वार्ड में सर्वे कर जानकारी प्राप्त करेगी।