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मौत की डुबकी से चार दिन में तीन मौतें, प्रशासन फिर भी खामोश

Thu, 23 Jun 2016 01:15 AM IST
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fatehabad Updated Thu, 23 Jun 2016 01:15 AM IST
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drowning case, 4 day 4 death, fatehabad
गंगनहर में 4 युवकों की डूबकर मौत - फोटो : amar ujala
भयंकर गर्मी से निजात पाने के लिए नहरों का सहारा लेना युवाओं के लिए भारी पड़ रहा है। विभाग की लापरवाही की चलते चार दिन में नहर में डूबने से तीन मौतें हो गई हैं। लेकिन प्रशासन और सिंचाई विभाग अभी तक खामोश है। नहरों की गहराई के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नहर पर नहाने से रोकने का कोई कानून नहीं है। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से हर साल गर्मियों में नहरों में नहाने पर कागजी प्रतिबंध तो लगता है लेकिन आजतक इस दिशा में कोई कार्यवाही धरातल पर नहीं की गई है।
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हालांकि, नहरों की गहराई के बारे में जागरूक करने का प्रावधान सिंचाई विभाग के नियमों में भी है, लेकिन इस नियम की पालना भी नहीं की जा रही है।
बता दें कि पिछले चार दिनों में फतेहाबाद जिले में नहर में नहाने से तीन लोगों की मौत हो गई है। तीनों ही मामलों में डूबने से मौत हुई है और इन मामलों में पुलिस ने इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की है।
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केस: 1
शनिवार को भोड़ा होशनाक से गुजरने वाली किशनगढ़ नहर में नहाने के उतरे गांव के ही युवक सुभाष चंद्र की मौत हो गई। सुभाष चंद्र को नहर में तैरना नहीं आता था। जिसके शव को ग्रामीणों ने पांच किलोमीटर की दूरी पर बाहर निकाला।
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केस: 2
भूना के नजदीक से होकर गुजरने वाली नहर में डूबने से 50 वर्षीय महिला राजरानी की भी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने महिला का शव बरामद कर लिया था।

केस: 3
गांव गोरखपुर से होकर गुजरने वाली नहर में डूबने से 25 साल के मंगलपुर नरवाना निवासी रविंद्र की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, रविंद्र नहर में नहाने के लिए उतरा था लेकिन उसे गहराई का पता नहीं था और वह डूब गया। इससे उसकी मौत हो गई।

भूना के विनय नागपाल की मौत भी नहर में डूबने से, 3-4 दिन बाद राजस्थान जाकर मिला शव
एक अन्य मामले में बीते दिनों भूना के युवक विनय नागपाल की मौत भी नहर में डूबने से हुई थी। हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि विनय की मौत हादसा थी या साजिश। घटना के तकरीबन 3-4 दिन बाद उसका शव राजस्थान के गोगामेडी के नैठाणा माइनर से बरामद हुआ था।

नहरों की गहराई के नहीं हैं संकेतक
सिंचाई विभाग की मानें तो उनके पास लोगों को नहर पर नहाने से रोकने को कोई प्रावधान नहीं है। यहां तक कि चालान भी नहीं काटे जा सकते, लेकिन यह जरूर प्रावधान है कि नहर के नजदीक बोर्ड पर गहराई के बारे में प्रकाशित किया जाए ताकि नहाने वाला व्यक्ति यह जरूर जान ले कि नहर की गहराई कितनी है। लेकिन अधिकतर नहरों पर गहराई के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है। गहराई का पता नहीं होने के कारण नहाने आए लोग मौत का शिकार हो रहे हैं।


नहर पर नहाने से रोकने के लिए कोई कानून नहीं बनाया गया है। यह जरूर है कि नहर के नजदीक बोर्ड पर विभाग की तरफ से गहराई के बारे में प्रकाशित किया जाता है ताकि नहाने वाला व्यक्ति जान सके कि गहराई कितनी है। जहां पर नहीं है, वहां पर जल्द बोर्ड पर गहराई के बारे में जानकारी दे दी जाएगी।
रणजीत सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग फतेहाबाद

इस बारे में जिला प्रशासन का पक्ष जानने के लिए उपायुक्त एनके सोलंकी से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने बार-बार फोन करने के बावजूद फोन नहीं उठाया।
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