फर्जी पासपोर्ट मामला: लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश
एसपी ने कहा कि पुलिस वेरिफिकेशन में जरूरी नियमों की अनदेखी करने और लापरवाही की डिस्कलोजर रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई होगी।
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हरियाणा के फतेहाबाद में फर्जी पासपोर्ट के मामलों में आरोपियों की धरपकड़ आखिरी चरण में पहुंचने के बाद अब विभागीय स्तर पर हुई लापरवाही का आकलन शुरू किया गया है। संबंधित थाना से लेकर पासपोर्ट ब्रांच तक वेरिफिकेशन व दस्तावेजों की जांच करने से जुड़े हर पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद डिस्क्लोजर रिपोर्ट में जो सामने आएगा, उसके अनुसार संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
बता दें कि सदर थाना के तहत आने वाले गांव अहरवां के पते पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर रवि उर्फ नोनू का करन नाम से फर्जी पासपोर्ट बना, जबकि आतंकी हैंडलर के साथ हरमनप्रीत नाम के व्यक्ति का भी फर्जी पासपोर्ट बना। अहरवां के पते पर एक साथ दो फर्जी पासपोर्ट तब बने जब टोहाना में फर्जी पासपोर्ट के दो मामले रिपोर्ट हो चुके थे।
बाद में टोहाना में 57 फर्जी पासपोर्ट बनने की पुष्टि हुई थी। फिर भी पासपोर्ट से जुड़ी वेरिफिकेशन में इतनी बड़ी लापरवाही बरती गई कि गैंगस्टर के फर्जी पासपोर्ट बनने के बाद गांव अहरवां के पते पर तो आतंकी हैंडलर और उससे जुड़े एक व्यक्ति का फर्जी पासपोर्ट बना दिया गया।
जम्मू-कश्मीर पुलिस का इनपुट यदि नहीं मिलता तो हो फतेहाबाद पुलिस को इन फर्जी पासपोर्ट के बारे में भनक भी नहीं लगती। जम्मू-कश्मीर पुलिस के इनपुट के बाद फर्जी पासपोर्ट के मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस तलाश में कर रही छापेमारी, मनदीप ने अग्रिम जमानत के लिए दी अर्जी
पुलिस के अनुसार फर्जी पासपोर्ट के मामले में फरार चल रहे आरोपी अहरवां निवासी मनदीप की तलाश के लिए छापे मारे जा रहे हैं। चार राज्यों में आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी है। वहीं गिरफ्तार किए गए आरोपियों सतनाम, मनीष, तिलक, बलविंद्र से भी मनदीप के बारे में पुलिस ने पूछताछ की, लेकिन अभी तक मनदीप की गिरफ्तारी पुलिस नहीं कर पाई है। उधर, फतेहाबाद की अदालत में मनदीप ने अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दी है।
विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं : एसपी
अब तक चार लोगों की हुई गिरफ्तारी से फर्जी पासपोर्ट बनवाने के पूरे नेक्सस का लगभग पता चल चुका है। इस मामले में संबंधित थाना से लेकर पासपोर्ट ब्रांच तक जिन भी पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी वेरिफिकेशन को लेकर रहती है, उनकी विभागीय जांच करवाने के ओश दिए गए हैं। विभागीय जांच के बाद डिस्क्लोजर रिपोर्ट में जो भी सामने आएगा, उसी के अनुसार संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सुरिंद्र भोरिया, एसपी, फतेहाबाद