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एक बार विदेशी ने लंदन से, सात बार भारतीय युवक ने फोनकर दिया 40 हजार पाऊंड मिलने का झांसा, हड़पे 23 लाख
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लंदन से 40 हजार पाउंड का सामान भेजने का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में ठगे 23 लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। जिले के गांव जांडवाला सोतर के एक व्यक्ति को सोशल मीडिया पर विदेश से कीमती सामान भेजने का झांसा देकर और उक्त कीमती सामान को 40 हजार पाउंड बताकर 23 लाख की ठगी करने का मामला सामने आया है। शहर थाना पुलिस ने पीड़ित भालसिंह की शिकायत के आधार पर ग्रेटर लंदन निवासी निकोल अबरिल और मुंबई के संजीव के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस शिकायत में पीड़ित भाल सिंह ने बताया कि वह खेती-बाड़ी का काम करता है। नवंबर 2018 में उसके पास लंदन निवासी उक्त आरोपी का फेसबुक पर मैसेज आया और उसने कहा कि वह उसे कोई कीमती सामान भेजना चाहता है। आरोप है कि उक्त आरोपी ने उसे फेसबुक पर ही वहां से कीमती सामान भेजने की बात कहकर फिर मैसेज किया और कहा कि सामान भेज दिया गया है जो आपके काम आएगा। इसके बाद अगले ही दिन उसके पास दूसरे आरोपी मुंबई निवासी संजीव का फोन आया और उसने खुद को कस्टम अधिकारी बताया और बोला कि आपका कोई कोरियर आया है।
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कोरियर छुड़वाने के लिए मांगे 39 हजार 900 रुपये
मुंबई से कस्टम अधिकारी बन फोन करने वाले आरोपी ने कहा कि कोरियर छुड़वाने के लिए आपको 39 हजार 900 रुपये उसके खाते में डलवाने होंगे। इस पर पीड़ित ने उसके खाते में उक्त राशि जमा करवा दी।
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इमीग्रेशन विभाग में पैकेट को स्कैन करने का झांसा देकर ठगे 98 हजार
आरोपी संजीव ने उसके बाद पीड़ित भालाराम को फोन किया और कहा कि उक्त कोरियर का इमीग्रेशन किया गया है। आरोप है कि आरोपी ने उसे बताया कि उसके दो कोरियर में कुल 40 हजार पाउंड है जिनका पता स्कैन करने पर लगा है। आरोपी ने पीड़ित को फोन किया और कहा कि इतनी बड़ी रकम लेने के लिए उसे एक प्रमाण पत्र बनवाना होगा। जिसका चार्ज आरोपी ने 98 हजार 900 रुपये बताया। झांसे में आए पीड़ित ने तुरंत उसके खाते में उक्त राशि जमा करवा दी।
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तीसरी बार में खाता खुलवाने का दिया झांसा
इसके बाद आरोपी संजीव ने शिकायतकर्ता से कहा कि यह पैसा कस्टम विभाग आरबीआई बैंक में जमा करवाएगा। इसके लिए उसे अपना खाता उक्त बैंक में खुलवाना होगा। झांसे में आए पीड़ित ने उसे अपने सारे कागजात भेज दिए। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित को खाता खुलने के फर्जी मैसेेज भेज दिए। जिससे शिकायतकर्ता को उस पर भरोसा हो गया।
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सीओटी कोड के नाम पर फिर ठगे पौने तीन लाख रुपये
आरोपी संजीव ने पीड़ित से कहा कि उक्त राशि उसको अपने खाते में लेने के लिए आरबीआई बैंक से एक सीओटी कोड लेना होगा। जिसके लिए उसे पौने 3 लाख रुपये देने होंगे। इसके बाद उसके खाते में 36 लाख रुपये भारतीय पैसे आ जाएंगे। झांसे में आए पीड़ित ने उक्त राशि भी आरोपी द्वारा बताए खाते में जमा करवा दी।
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फर्जी तरीके से खाते में 36 लाख दिखाकर टैक्स के नाम पर ठगे 5.90 लाख रुपये
आरोपी ने शिकायतकर्ता का जो फर्जी खाता आरबीआई का दिखाया था उसमें से फर्जी तरीके से 36 लाख रुपये दिखा दिए। इसके बाद फोन कर कहा कि उक्त रुपये को लेने के लिए उसके इसका 16 प्रतिशत टैक्स देना होगा जो 5 लाख 90 हजार रुपये बनता है। झांसे में आए पीड़ित ने फिर उक्त राशि खाते में जमा करवा दी।
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खाता मेनुअल करवाने के लिए ठगे 3.87 लाख रुपये
इसके बाद आरोपी ने कहा कि पैसे उसके खाते में तो आ गए हैं लेकिन दिखा नहीं रहा है। इसके लिए आरोपी ने कहा कि आरबीआई का खाता मेनुअल करवाने के लिए उसके 3 लाख 87 हजार रुपये और देने होंगे और उक्त राशि अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली।
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5 मिनट में पैसे खाते में भेजने का कहकर फिर ठगे 9 लाख रुपये
इसके बाद भी आरोपी ने कहा कि अभी 5 मिनट में उसके खाते में पैसे आ जाएंगे लेकिन उसके लिए पहले खाते में 9 लाख रुपये जमा करवाने होंगे। इस पर शिकायतकर्ता ने आरोपी द्वारा उसके फर्जी बनाए गए आरबीआई के खाते में भी 9 लाख रुपये और जमा करवा दिए। --------------------------
उक्त के अलावा 2 लाख रुपये और मांगे तो हुआ शक
इतना सब कुछ होने और 23 लाख की ठगी होने के बाद भी जब आरोपी ने शिकायतकर्ता से 2 लाख रुपये और मांगे तो उसे शक हो गया। शक के आधार पर जब उसने चंडीगढ़ में आरबीआई बैंक में जाकर पता किया तो उसे पता चला की वह ठगी का शिकार हो गया है।
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सीएम विंडो में शिकायत की तो दर्ज हुआ केस
उक्त पूरे मामले की शिकायत पीड़ित ने सीएम विंडो में लगाई थी। जिस पर सीएम विंडो से कार्रवाई होने के बाद शहर थाना पुलिस ने केस उक्त दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
कोट्स
सीएम विंडो से शिकायत प्राप्त होने के बाद केस दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की गहराई से जांच उपरांत ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- रिछपाल साहू, शहर थाना प्रभारी।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। जिले के गांव जांडवाला सोतर के एक व्यक्ति को सोशल मीडिया पर विदेश से कीमती सामान भेजने का झांसा देकर और उक्त कीमती सामान को 40 हजार पाउंड बताकर 23 लाख की ठगी करने का मामला सामने आया है। शहर थाना पुलिस ने पीड़ित भालसिंह की शिकायत के आधार पर ग्रेटर लंदन निवासी निकोल अबरिल और मुंबई के संजीव के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस शिकायत में पीड़ित भाल सिंह ने बताया कि वह खेती-बाड़ी का काम करता है। नवंबर 2018 में उसके पास लंदन निवासी उक्त आरोपी का फेसबुक पर मैसेज आया और उसने कहा कि वह उसे कोई कीमती सामान भेजना चाहता है। आरोप है कि उक्त आरोपी ने उसे फेसबुक पर ही वहां से कीमती सामान भेजने की बात कहकर फिर मैसेज किया और कहा कि सामान भेज दिया गया है जो आपके काम आएगा। इसके बाद अगले ही दिन उसके पास दूसरे आरोपी मुंबई निवासी संजीव का फोन आया और उसने खुद को कस्टम अधिकारी बताया और बोला कि आपका कोई कोरियर आया है।
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कोरियर छुड़वाने के लिए मांगे 39 हजार 900 रुपये
मुंबई से कस्टम अधिकारी बन फोन करने वाले आरोपी ने कहा कि कोरियर छुड़वाने के लिए आपको 39 हजार 900 रुपये उसके खाते में डलवाने होंगे। इस पर पीड़ित ने उसके खाते में उक्त राशि जमा करवा दी।
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इमीग्रेशन विभाग में पैकेट को स्कैन करने का झांसा देकर ठगे 98 हजार
आरोपी संजीव ने उसके बाद पीड़ित भालाराम को फोन किया और कहा कि उक्त कोरियर का इमीग्रेशन किया गया है। आरोप है कि आरोपी ने उसे बताया कि उसके दो कोरियर में कुल 40 हजार पाउंड है जिनका पता स्कैन करने पर लगा है। आरोपी ने पीड़ित को फोन किया और कहा कि इतनी बड़ी रकम लेने के लिए उसे एक प्रमाण पत्र बनवाना होगा। जिसका चार्ज आरोपी ने 98 हजार 900 रुपये बताया। झांसे में आए पीड़ित ने तुरंत उसके खाते में उक्त राशि जमा करवा दी।
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तीसरी बार में खाता खुलवाने का दिया झांसा
इसके बाद आरोपी संजीव ने शिकायतकर्ता से कहा कि यह पैसा कस्टम विभाग आरबीआई बैंक में जमा करवाएगा। इसके लिए उसे अपना खाता उक्त बैंक में खुलवाना होगा। झांसे में आए पीड़ित ने उसे अपने सारे कागजात भेज दिए। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित को खाता खुलने के फर्जी मैसेेज भेज दिए। जिससे शिकायतकर्ता को उस पर भरोसा हो गया।
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सीओटी कोड के नाम पर फिर ठगे पौने तीन लाख रुपये
आरोपी संजीव ने पीड़ित से कहा कि उक्त राशि उसको अपने खाते में लेने के लिए आरबीआई बैंक से एक सीओटी कोड लेना होगा। जिसके लिए उसे पौने 3 लाख रुपये देने होंगे। इसके बाद उसके खाते में 36 लाख रुपये भारतीय पैसे आ जाएंगे। झांसे में आए पीड़ित ने उक्त राशि भी आरोपी द्वारा बताए खाते में जमा करवा दी।
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फर्जी तरीके से खाते में 36 लाख दिखाकर टैक्स के नाम पर ठगे 5.90 लाख रुपये
आरोपी ने शिकायतकर्ता का जो फर्जी खाता आरबीआई का दिखाया था उसमें से फर्जी तरीके से 36 लाख रुपये दिखा दिए। इसके बाद फोन कर कहा कि उक्त रुपये को लेने के लिए उसके इसका 16 प्रतिशत टैक्स देना होगा जो 5 लाख 90 हजार रुपये बनता है। झांसे में आए पीड़ित ने फिर उक्त राशि खाते में जमा करवा दी।
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खाता मेनुअल करवाने के लिए ठगे 3.87 लाख रुपये
इसके बाद आरोपी ने कहा कि पैसे उसके खाते में तो आ गए हैं लेकिन दिखा नहीं रहा है। इसके लिए आरोपी ने कहा कि आरबीआई का खाता मेनुअल करवाने के लिए उसके 3 लाख 87 हजार रुपये और देने होंगे और उक्त राशि अपने खाते में ट्रांसफर करवा ली।
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5 मिनट में पैसे खाते में भेजने का कहकर फिर ठगे 9 लाख रुपये
इसके बाद भी आरोपी ने कहा कि अभी 5 मिनट में उसके खाते में पैसे आ जाएंगे लेकिन उसके लिए पहले खाते में 9 लाख रुपये जमा करवाने होंगे। इस पर शिकायतकर्ता ने आरोपी द्वारा उसके फर्जी बनाए गए आरबीआई के खाते में भी 9 लाख रुपये और जमा करवा दिए। --------------------------
उक्त के अलावा 2 लाख रुपये और मांगे तो हुआ शक
इतना सब कुछ होने और 23 लाख की ठगी होने के बाद भी जब आरोपी ने शिकायतकर्ता से 2 लाख रुपये और मांगे तो उसे शक हो गया। शक के आधार पर जब उसने चंडीगढ़ में आरबीआई बैंक में जाकर पता किया तो उसे पता चला की वह ठगी का शिकार हो गया है।
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सीएम विंडो में शिकायत की तो दर्ज हुआ केस
उक्त पूरे मामले की शिकायत पीड़ित ने सीएम विंडो में लगाई थी। जिस पर सीएम विंडो से कार्रवाई होने के बाद शहर थाना पुलिस ने केस उक्त दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
कोट्स
सीएम विंडो से शिकायत प्राप्त होने के बाद केस दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की गहराई से जांच उपरांत ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- रिछपाल साहू, शहर थाना प्रभारी।