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झोलाछाप चिकित्सक के क्लीनिक में युवक की मौत का मामला
Updated Sat, 01 Jul 2017 12:16 AM IST
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पुलिस ने क्लीनिक किया सील, डॉक्टर को भेजा जेल
झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक में युवक की मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना।
गांव जमालपुरशेखां में युवक की मौत के मामले में झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक को सील कर दिया गया है। मृतक के शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर विसरा जांच के लिए लैब में भेजा दिया गया है। आरोपी डॉक्टर को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में हिसार भेज दिया गया।
टोहाना के थाना सदर प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस को भ्रमित करने व अपने बचाव के लिए डॉक्टर मृतक को नागरिक अस्पताल में ले आया था। मनगढ़ंत कहानी बनाते हुए उसने पुलिस को बताया कि देर शाम उसके पास मृतक का फोन आया कि उसकी तबियत खराब है। जबकि आरोपी डॉक्टर सुबह से मृतक का इलाज कर रहा था। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की तो सामने आया कि आरोपी चिकित्सक ने दो दिन तक मृतक को अपने क्लीनिक में रखा था और गलत उपचार करता रहा, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है।
पुलिस की टीम ने डॉक्टर अनिल के साथ क्लीनिक पर जाकर दवाइयां भी कब्जे में ले ली हैं व मेमों भी बनवाया है। प्रतिबंधित दवाईयां भी उन्हें वहां से मिली हैं। जिसके चलते आरोपी के क्लीनिक को भी सील करवा दिया है। आरोपी डॉक्टर के पास कोई डिग्री भी नहीं है। मृतक 22 वर्षीय संदीप जाखल में फाईनेंस कंपनी में सेल्समैन का काम करता था। 27 तारीख को संदीप उपरोक्त चिकित्सक के पास पेट दर्द की शिकायत लेकर आया था। चिकित्सक ने उसको इलाज के दौरान डीएनएस दिए तथा हैवी डोज देता रहा। क्लीनिक में ठीक उपचार न होने के कारण ही संदीप की मौत हो गई। चिकित्सक के पास कोई डिग्री नहीं थी, वह मात्र 12वीं पास था।
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21 पुलिस की गिरफ्त में डॉक्टर
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झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक में युवक की मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना।
गांव जमालपुरशेखां में युवक की मौत के मामले में झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक को सील कर दिया गया है। मृतक के शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर विसरा जांच के लिए लैब में भेजा दिया गया है। आरोपी डॉक्टर को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में हिसार भेज दिया गया।
टोहाना के थाना सदर प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस को भ्रमित करने व अपने बचाव के लिए डॉक्टर मृतक को नागरिक अस्पताल में ले आया था। मनगढ़ंत कहानी बनाते हुए उसने पुलिस को बताया कि देर शाम उसके पास मृतक का फोन आया कि उसकी तबियत खराब है। जबकि आरोपी डॉक्टर सुबह से मृतक का इलाज कर रहा था। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की तो सामने आया कि आरोपी चिकित्सक ने दो दिन तक मृतक को अपने क्लीनिक में रखा था और गलत उपचार करता रहा, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है।
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पुलिस की टीम ने डॉक्टर अनिल के साथ क्लीनिक पर जाकर दवाइयां भी कब्जे में ले ली हैं व मेमों भी बनवाया है। प्रतिबंधित दवाईयां भी उन्हें वहां से मिली हैं। जिसके चलते आरोपी के क्लीनिक को भी सील करवा दिया है। आरोपी डॉक्टर के पास कोई डिग्री भी नहीं है। मृतक 22 वर्षीय संदीप जाखल में फाईनेंस कंपनी में सेल्समैन का काम करता था। 27 तारीख को संदीप उपरोक्त चिकित्सक के पास पेट दर्द की शिकायत लेकर आया था। चिकित्सक ने उसको इलाज के दौरान डीएनएस दिए तथा हैवी डोज देता रहा। क्लीनिक में ठीक उपचार न होने के कारण ही संदीप की मौत हो गई। चिकित्सक के पास कोई डिग्री नहीं थी, वह मात्र 12वीं पास था।
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