{"_id":"67eade9826a6995645040d14","slug":"court-sentenced-rice-miller-to-nine-months-imprisonment-in-check-bounce-case-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-131583-2025-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राइस मिलर को दी नौ माह कैद की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राइस मिलर को दी नौ माह कैद की सजा
Mon, 31 Mar 2025 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 31 Mar 2025 11:57 PM IST
विज्ञापन
भूना। अनाज मंडी भूना की एक फर्म को 4 लाख 56 हजार रुपये का चेक देने के बाद बाउंस होने पर न्यायिक दंडाधिकारी जोगिंदर जांगड़ा की अदालत ने राइस मिलर्स के प्रोपराइटर राजेश कुमार को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 9 महीने की सजा सुनाई। साथ ही फर्म को 4 लाख 56 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए।
फर्म किशनचंद, दिनेश कुमार का टोहाना रोड पर डूल्ट गांव में नंबरदार राइस मिलर्स के साथ वर्षों से लेनदेन चल रहा था। फर्म का राइस मिलर्स के साथ 5 लाख 46 हजार 403 रुपये का लेनदेन था। इसके तहत 30 सितंबर 2018 को राइस मिलर्स ने फर्म को 4 लाख 56 हजार रुपये का चेक दिया। फर्म ने चेक बैंक में लगाया, लेकिन वह बाउंस हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कई बार पंचायती तौर पर समझौते की कोशिश हुई।
समझौता नहीं होने पर फर्म संचालक दिनेश ने 20 दिसंबर 2018 को अधिवक्ता तेजेंद्र बिश्नोई के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। अदालत में करीब 6 साल 2 महीने 18 दिन तक दोनों पक्षों की बहस चली। इसके बाद अदालत ने राजेश कुमार को दोषी माना और सजा का निर्धारण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
फर्म किशनचंद, दिनेश कुमार का टोहाना रोड पर डूल्ट गांव में नंबरदार राइस मिलर्स के साथ वर्षों से लेनदेन चल रहा था। फर्म का राइस मिलर्स के साथ 5 लाख 46 हजार 403 रुपये का लेनदेन था। इसके तहत 30 सितंबर 2018 को राइस मिलर्स ने फर्म को 4 लाख 56 हजार रुपये का चेक दिया। फर्म ने चेक बैंक में लगाया, लेकिन वह बाउंस हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कई बार पंचायती तौर पर समझौते की कोशिश हुई।
विज्ञापन
समझौता नहीं होने पर फर्म संचालक दिनेश ने 20 दिसंबर 2018 को अधिवक्ता तेजेंद्र बिश्नोई के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। अदालत में करीब 6 साल 2 महीने 18 दिन तक दोनों पक्षों की बहस चली। इसके बाद अदालत ने राजेश कुमार को दोषी माना और सजा का निर्धारण किया।
विज्ञापन