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कोरोना संक्रमित गर्भवती ने सामान्य वार्ड में करवाई डिलिवरी, खुलासा हुआ तो परिवार जच्चा-बच्चा को लेकर फरार
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नागरिक अस्पताल के डिलिवरी वार्ड में कोरोना संक्रमित गर्भवती की डिलिवरी होने का मामला सामने आया है। गर्भवती सात अप्रैल को कोरोना संक्रमित मिली थी और घर पर आइसोलेट थी। वीरवार रात को नागरिक अस्पताल के डिलिवरी वार्ड में कोरोना संक्रमित होने बारे में बताए बिना डिलिवरी करवा ली और बच्चे को जन्म दिया। शुक्रवार शाम को जब खुलासा हुआ था स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मामला बढ़ता देख महिला का पति जच्चा-बच्चा को लेकर फरार हो गया। इसके बाद मामले की सूचना भट्टूकलां के अधिकारियों को दी गई। शाम को भट्टू की टीम जच्चा-बच्चा को ट्रेस करने में जुटी।
वहीं अब नागरिक अस्पताल के डिलिवरी वार्ड में दाखिल जच्चा-बच्चा और स्टाफ की स्क्रीनिंग होगी। मामले के मुताबिक भट्टू निवासी गर्भवती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाने के लिए गई थी। यहां पर टीम ने महिला का कोरोना सैंपल लिया। सात अप्रैल को कोरोना संक्रमित मिली। टीम ने महिला को घर पर आइसोलेट कर दिया और बताया कि जब डिलिवरी पेन शुरू हो तो स्वास्थ्य विभाग को बताना है। विभाग की कोविड एंबुलेंस लेकर जाएगी और कोविड डिलिवरी वार्ड में डिलिवरी करवाई जाएगी। बताया जा रहा है कि वीरवार शाम को दर्द शुरू होने के बाद भट्टू स्वास्थ्य विभाग को बताए परिवार के लोग नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में ले आए। यहां पर बताया नहीं गया कि गर्भवती कोरोना संक्रमित है। यहां पर रात को डिलिवरी हो गई और बच्चे को जन्म दिया। शुक्रवार दोपहर को जब भट्टूकलां स्वास्थ्य विभाग की टीम महिला के घर जांच करने पहुंची तो पता चला कि उसकी तो नागरिक अस्पताल में डिलिवरी हो चुकी है। भट्टूकलां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां पर सूचना दी। इसके बाद यहां के अधिकारियों और स्टाफ में हड़कंप मच गया। टीम ने जब परिवार से पूछा तो उन्होंने गलती मानने की जगह हंगामा शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख परिवार के लोग जच्चा-बच्चा को लेकर फरार हो गए।
बच्चे के संक्रमित होने का खतरा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नवजात शिशु के कोरोना संक्रमित होने का खतरा है। 24 घंटे बाद बच्चे का सैंपल लिया जाता है।
कोट
भट्टू से एक गर्भवती आई थी उसने बताया नहीं कि वह कोरोना संक्रमित है। यहां पर उसकी डिलिवरी होने के बाद पता चला। लेकिन बाद में परिवार के लोग दोनों को लेकर चले गए। इस संबंध में भट्टू स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का बता दिया गया है। कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला के लिए अलग से वार्ड बना रखा है। यहां पर सभी सुविधाएं है। पहले भी डिलिवरी करवाई जा चुकी है।
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- मेजर डॉ. शरद तुली, नोडल अधिकारी, फ्लू क्लीनिक।
कोट
गर्भवती जब संक्रमित मिली थी तो उसे लगातार टीम समझा रही थी लेकिन लापरवाही दिखाई गई। नागरिक अस्पताल से जच्चा-बच्चा के गायब होने बारे पता चला है, इसके बाद टीम घर भेजी गई तो पता चला है कि वह गर्भवती अपने मायके चली गई है।
- डॉ. सुजाता बंसल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, भट्टूकलां।
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वहीं अब नागरिक अस्पताल के डिलिवरी वार्ड में दाखिल जच्चा-बच्चा और स्टाफ की स्क्रीनिंग होगी। मामले के मुताबिक भट्टू निवासी गर्भवती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाने के लिए गई थी। यहां पर टीम ने महिला का कोरोना सैंपल लिया। सात अप्रैल को कोरोना संक्रमित मिली। टीम ने महिला को घर पर आइसोलेट कर दिया और बताया कि जब डिलिवरी पेन शुरू हो तो स्वास्थ्य विभाग को बताना है। विभाग की कोविड एंबुलेंस लेकर जाएगी और कोविड डिलिवरी वार्ड में डिलिवरी करवाई जाएगी। बताया जा रहा है कि वीरवार शाम को दर्द शुरू होने के बाद भट्टू स्वास्थ्य विभाग को बताए परिवार के लोग नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में ले आए। यहां पर बताया नहीं गया कि गर्भवती कोरोना संक्रमित है। यहां पर रात को डिलिवरी हो गई और बच्चे को जन्म दिया। शुक्रवार दोपहर को जब भट्टूकलां स्वास्थ्य विभाग की टीम महिला के घर जांच करने पहुंची तो पता चला कि उसकी तो नागरिक अस्पताल में डिलिवरी हो चुकी है। भट्टूकलां स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यहां पर सूचना दी। इसके बाद यहां के अधिकारियों और स्टाफ में हड़कंप मच गया। टीम ने जब परिवार से पूछा तो उन्होंने गलती मानने की जगह हंगामा शुरू कर दिया। मामला बढ़ता देख परिवार के लोग जच्चा-बच्चा को लेकर फरार हो गए।
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बच्चे के संक्रमित होने का खतरा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नवजात शिशु के कोरोना संक्रमित होने का खतरा है। 24 घंटे बाद बच्चे का सैंपल लिया जाता है।
कोट
भट्टू से एक गर्भवती आई थी उसने बताया नहीं कि वह कोरोना संक्रमित है। यहां पर उसकी डिलिवरी होने के बाद पता चला। लेकिन बाद में परिवार के लोग दोनों को लेकर चले गए। इस संबंध में भट्टू स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का बता दिया गया है। कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला के लिए अलग से वार्ड बना रखा है। यहां पर सभी सुविधाएं है। पहले भी डिलिवरी करवाई जा चुकी है।
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- मेजर डॉ. शरद तुली, नोडल अधिकारी, फ्लू क्लीनिक।
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गर्भवती जब संक्रमित मिली थी तो उसे लगातार टीम समझा रही थी लेकिन लापरवाही दिखाई गई। नागरिक अस्पताल से जच्चा-बच्चा के गायब होने बारे पता चला है, इसके बाद टीम घर भेजी गई तो पता चला है कि वह गर्भवती अपने मायके चली गई है।
- डॉ. सुजाता बंसल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, भट्टूकलां।