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Fatehabad News: उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को लगाया 11 हजार रुपये का जुर्माना
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फतेहाबाद। उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बीमा कंपनी द्वारा क्लेम देने से मना करने पर कंपनी को 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही कंपनी को आदेश दिए हैं कि वह उपभोक्ता को 1 लाख 34 हजार 970 रुपये 45 दिनों के भीतर 6 फीसदी ब्याज सहित भुगतान करे।
इस मामले में फतेहाबाद के चिकित्सक डॉ. दलीप तंवर ने उपभोक्ता आयोग में 24 सितंबर 2021 को शिकायत दर्ज करवाई थी। डॉ. दलीप तंवर ने अपनी शिकायत में बताया था कि उन्होंने 18 अक्तूबर 2020 को स्टार हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से पूरे परिवार पर हेल्थ इंश्योरेंस करवाया था, जोकि 17 अक्तूबर 2021 तक था। इसके बीच में ही उनकी पत्नी बीमार हो गई और उनके इलाज पर 1 लाख 34 हजार 970 रुपये खर्च हुए। जब उन्होंने बीमा कंपनी से इस बारे में क्लेम मांगा तो कंपनी ने क्लेम देने से इंकार दिया। इस मामले की सुनवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष राजबीर सिंह, सदस्य डा. केएस निरानियां व हरीशा मेहता ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बीमा कंपनी ने खुद के फायदे के लिए गलत तरीके से क्लेम को खारिज किया है। इसलिए कंपनी पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है। साथ ही उपभोक्ता को 1 लाख 34 हजार 970 रुपये 45 दिनों के भीतर 6 फीसदी ब्याज सहित भुगतान किया जाए। अगर इस अवधि के दौरान क्लेम नहीं दिया गया तो उपभोक्ता को 12 फीसदी ब्याज सहित क्लेम देना होगा।
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इस मामले में फतेहाबाद के चिकित्सक डॉ. दलीप तंवर ने उपभोक्ता आयोग में 24 सितंबर 2021 को शिकायत दर्ज करवाई थी। डॉ. दलीप तंवर ने अपनी शिकायत में बताया था कि उन्होंने 18 अक्तूबर 2020 को स्टार हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से पूरे परिवार पर हेल्थ इंश्योरेंस करवाया था, जोकि 17 अक्तूबर 2021 तक था। इसके बीच में ही उनकी पत्नी बीमार हो गई और उनके इलाज पर 1 लाख 34 हजार 970 रुपये खर्च हुए। जब उन्होंने बीमा कंपनी से इस बारे में क्लेम मांगा तो कंपनी ने क्लेम देने से इंकार दिया। इस मामले की सुनवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष राजबीर सिंह, सदस्य डा. केएस निरानियां व हरीशा मेहता ने टिप्पणी करते हुए कहा कि बीमा कंपनी ने खुद के फायदे के लिए गलत तरीके से क्लेम को खारिज किया है। इसलिए कंपनी पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है। साथ ही उपभोक्ता को 1 लाख 34 हजार 970 रुपये 45 दिनों के भीतर 6 फीसदी ब्याज सहित भुगतान किया जाए। अगर इस अवधि के दौरान क्लेम नहीं दिया गया तो उपभोक्ता को 12 फीसदी ब्याज सहित क्लेम देना होगा।
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