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Fatehabad News: रेलवे अंडरपास का निर्माण सात साल बाद भी अधूरा
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जाखल। जाखल शहर को जाखल गांव और आसपास के दर्जनों गांवों से जोड़ने वाला रेलवे अंडरपास सात साल बाद भी अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य की धीमी गति और बजट में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाने से स्थानीय लोग भारी परेशान हैं। अब इस मामले में नेशनल ह्यूमन राइट्स काउंसिल ने भी गंभीरता दिखाई है।
काउंसिल ने केंद्र व राज्य सरकार को पत्र भेजकर अंडरपास निर्माण में बड़े घोटाले के आरोप लगाए हैं। काउंसिल ने प्रोजेक्ट की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी वे संबंधित अधिकारियों से काम में देरी का कारण पूछते हैं, उन्हें हर बार जल्द कार्य पूर्ण होने का आश्वासन मिलता है। मगर जमीनी हकीकत कुछ और है।
2018 में हुआ था शिलान्यास, लागत अब 15 करोड़ के पार
अंडरपास का शिलान्यास वर्ष 2018 में तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने किया था। शुरुआत में 8 करोड़ रुपये की लागत से दो साल में परियोजना पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन समय के साथ निर्माण लागत 15.63 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इस दौरान दो बार बजट रिवाइज हुआ, बावजूद इसके काम अब तक अधूरा है।
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ढांचा कमजोर, धंसे ब्लॉक, खतरे में जान
ह्यूमन राइट्स काउंसिल ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि न सिर्फ यह प्रोजेक्ट वर्षों से लटका हुआ है, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। कई जगहों पर अंडरपास के ब्लॉक धंस चुके हैं, जिससे आवागमन करना लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। काउंसिल के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. राजेश शर्मा ने पत्र में लिखा है कि प्रोजेक्ट में भारी घोटाले की आशंका है, जिसे सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
अंडरपास से मिलती सीधी राह, अब भुगतनी पड़ रही दूरी
इस अंडरपास के पूरा होने पर जाखल शहर और आस-पास के गांवों को आपस में सीधा जुड़ाव मिल जाता। फिलहाल वाहन चालकों को करीब तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने भी कुछ माह पूर्व निर्माण स्थल का निरीक्षण कर निर्माण एजेंसी को काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उन निर्देशों का भी कोई असर नहीं दिखा।
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निर्माणाधीन अंडरपास के निर्माण में कुछ केबल तार बाधा उत्पन्न कर रहीं थी। जिन्हें दूर करने में समय लग गया है। इसके अलावा रहीं बात गुणवत्ता की तो रेलवे अंडरपास का निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण कराया जा रहा है। इसके कार्य में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। आगामी 30 जून तक इस निर्माणाधीन अंडरपास पुल का कार्य पूरा हो जाएगा।
- नवीन कुमार, निर्माण विंग अधिकारी, जाखल जंक्शन
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काउंसिल ने केंद्र व राज्य सरकार को पत्र भेजकर अंडरपास निर्माण में बड़े घोटाले के आरोप लगाए हैं। काउंसिल ने प्रोजेक्ट की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी वे संबंधित अधिकारियों से काम में देरी का कारण पूछते हैं, उन्हें हर बार जल्द कार्य पूर्ण होने का आश्वासन मिलता है। मगर जमीनी हकीकत कुछ और है।
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2018 में हुआ था शिलान्यास, लागत अब 15 करोड़ के पार
अंडरपास का शिलान्यास वर्ष 2018 में तत्कालीन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने किया था। शुरुआत में 8 करोड़ रुपये की लागत से दो साल में परियोजना पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन समय के साथ निर्माण लागत 15.63 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इस दौरान दो बार बजट रिवाइज हुआ, बावजूद इसके काम अब तक अधूरा है।
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ढांचा कमजोर, धंसे ब्लॉक, खतरे में जान
ह्यूमन राइट्स काउंसिल ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि न सिर्फ यह प्रोजेक्ट वर्षों से लटका हुआ है, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। कई जगहों पर अंडरपास के ब्लॉक धंस चुके हैं, जिससे आवागमन करना लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। काउंसिल के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. राजेश शर्मा ने पत्र में लिखा है कि प्रोजेक्ट में भारी घोटाले की आशंका है, जिसे सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
अंडरपास से मिलती सीधी राह, अब भुगतनी पड़ रही दूरी
इस अंडरपास के पूरा होने पर जाखल शहर और आस-पास के गांवों को आपस में सीधा जुड़ाव मिल जाता। फिलहाल वाहन चालकों को करीब तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने भी कुछ माह पूर्व निर्माण स्थल का निरीक्षण कर निर्माण एजेंसी को काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन उन निर्देशों का भी कोई असर नहीं दिखा।
निर्माणाधीन अंडरपास के निर्माण में कुछ केबल तार बाधा उत्पन्न कर रहीं थी। जिन्हें दूर करने में समय लग गया है। इसके अलावा रहीं बात गुणवत्ता की तो रेलवे अंडरपास का निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण कराया जा रहा है। इसके कार्य में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है। आगामी 30 जून तक इस निर्माणाधीन अंडरपास पुल का कार्य पूरा हो जाएगा।
- नवीन कुमार, निर्माण विंग अधिकारी, जाखल जंक्शन