{"_id":"5dc4511f8ebc3e5afc2f043e","slug":"congress-demonstrated-on-the-small-secretariat-protest-against-government-fatehabad-fatehabad-news-rtk526516139","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांग्रेस ने लघु सचिवालय पर जिला स्तरीय प्रदर्शन किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांग्रेस ने लघु सचिवालय पर जिला स्तरीय प्रदर्शन किया
विज्ञापन
उपायुक्त को राष्ट्रपति व राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लांखेड़ा,
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। कांग्रेस पार्टी ने वीरवार को लघु सचिवालय पर जिला स्तरीय प्रदर्शन कर उपायुक्त को राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला संयोजक पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लांखेड़ा, पूर्व कृषि मंत्री परमवीर सिंह, पूर्व चेयरमैन जरनैल सिंह, जिला कोर्डिनेटर अरविंद शर्मा ने किया। इस दौरान फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य न मिलने, बढ़ती बेरोजगारी, खत्म होता व्यापार, बिगड़ती कानून व्यवस्था और पराली को लेकर किसानों पर दर्ज हो रहे पर्चों सहित अनेक जनहित मुद्दों को लेकर रोष जताया गया।
प्रदर्शन के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए प्रहलाद सिंह गिल्लांखेड़ा ने कहा कि पराली के नाम पर दोषी ठहराकर किसानों पर जबरदस्ती पर्चे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश में जब भी भाजपा की सरकार बनी है, बड़े घरानों अडानी व अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए हमेशा ही किसान, गरीब, मजदूर का शोषण किया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसान को फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहंी मिल रहा है बल्कि खराब मौसम की वजह से इस बार प्रति एकड़ 7 से 8 क्विंटल पैदावार कम हुई है। उन्होंने कहा कि तालाबंदी व नोटबंदी ने देश की अर्थ व्यवस्था को चौपट कर दिया। देश की 80 प्रतिशत जनता का पेट देश का किसान भरता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पराली किसान के खेत से उठवाती है तो किसान 500 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से सरकार को देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि किसान को डराया व धमकाया जा रहा है।
नोटबंदी के दौरान देश में 22 हजार करोड़ रुपये का नुकसान
पूर्व कृषि मंत्री परमवीर सिंह ने कहा कि नोटबंदी के दौरान देश में 22 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ व फैक्ट्रियां बंद हुई, लाखों लोगों का रोजगार चला गया। लेकिन यह सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि देश के विकास की दर (जीडीपी) लगातार गिरती जा रही है। किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी लगातार कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के समय किसान को उसकी फसल का उचित मूल्य मिला और कहा जाता था कि जीरी गई जहाज में, अब भाजपा के समय कहा जाता है जीरी गई ब्याज में।
विज्ञापन
कानून व्यवस्था चरमराई
पूर्व विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि सरकार ने मनरेगा को खत्म कर दिया है। न तो मजदूर को काम मिलता है और यदि मिलता है तो उसे उसकी दिहाड़ी पूरी नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है। प्रतिदिन लूटपाट की घटनाओं की बात आम हो गई हैं। इस अवसर पर पूर्व सांसद सुशील इंदौरा, अरविंद शर्मा, कृष्णा पूनिया, गोपाल चौधरी, अजब सिंह सिंवर, राज नारंग, बलबीर सिंह बल्ली, पूर्व जिला परिषद चेयरमैन प्रतिनिधि कृष्ण नांगली, डॉ. मुख्तयार सिंह सदर, दलबीर जांडली, अजीत माचरा, संत लाल जांगू, तजिंद्र सिंह, पूर्व पार्षद ललित गोयल, गौतम चौधरी, पूर्व चेयरमैन हरजंत सिंह सहित अनेक कांग्रेस जन व हजारों किसान मौजूद थे।
विज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए प्रहलाद सिंह गिल्लांखेड़ा ने कहा कि पराली के नाम पर दोषी ठहराकर किसानों पर जबरदस्ती पर्चे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश में जब भी भाजपा की सरकार बनी है, बड़े घरानों अडानी व अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए हमेशा ही किसान, गरीब, मजदूर का शोषण किया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसान को फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहंी मिल रहा है बल्कि खराब मौसम की वजह से इस बार प्रति एकड़ 7 से 8 क्विंटल पैदावार कम हुई है। उन्होंने कहा कि तालाबंदी व नोटबंदी ने देश की अर्थ व्यवस्था को चौपट कर दिया। देश की 80 प्रतिशत जनता का पेट देश का किसान भरता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार पराली किसान के खेत से उठवाती है तो किसान 500 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से सरकार को देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि किसान को डराया व धमकाया जा रहा है।
विज्ञापन
नोटबंदी के दौरान देश में 22 हजार करोड़ रुपये का नुकसान
पूर्व कृषि मंत्री परमवीर सिंह ने कहा कि नोटबंदी के दौरान देश में 22 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ व फैक्ट्रियां बंद हुई, लाखों लोगों का रोजगार चला गया। लेकिन यह सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि देश के विकास की दर (जीडीपी) लगातार गिरती जा रही है। किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी लगातार कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के समय किसान को उसकी फसल का उचित मूल्य मिला और कहा जाता था कि जीरी गई जहाज में, अब भाजपा के समय कहा जाता है जीरी गई ब्याज में।
विज्ञापन
कानून व्यवस्था चरमराई
पूर्व विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि सरकार ने मनरेगा को खत्म कर दिया है। न तो मजदूर को काम मिलता है और यदि मिलता है तो उसे उसकी दिहाड़ी पूरी नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है। प्रतिदिन लूटपाट की घटनाओं की बात आम हो गई हैं। इस अवसर पर पूर्व सांसद सुशील इंदौरा, अरविंद शर्मा, कृष्णा पूनिया, गोपाल चौधरी, अजब सिंह सिंवर, राज नारंग, बलबीर सिंह बल्ली, पूर्व जिला परिषद चेयरमैन प्रतिनिधि कृष्ण नांगली, डॉ. मुख्तयार सिंह सदर, दलबीर जांडली, अजीत माचरा, संत लाल जांगू, तजिंद्र सिंह, पूर्व पार्षद ललित गोयल, गौतम चौधरी, पूर्व चेयरमैन हरजंत सिंह सहित अनेक कांग्रेस जन व हजारों किसान मौजूद थे।