{"_id":"68c45dbe9f6786ae2005a3f1","slug":"cm-canceled-tenders-cluster-formed-for-disposal-of-garbage-of-5-cities-in-bhuna-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-140192-2025-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: सीएम ने टेंडर किए रद्द, क्लस्टर बना 5 शहरों के कचरे का भूना में निस्तारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: सीएम ने टेंडर किए रद्द, क्लस्टर बना 5 शहरों के कचरे का भूना में निस्तारण
विज्ञापन
फतेहाबाद के नगर परिषद कार्यालय में खड़ी कचरा उठान गाड़ियां संवाद
फतेहाबाद। जिले के 5 शहरों से निकलने वाले कचरे का निस्तारण अब क्लस्टर बना एक ही जगह भूना में होगा। शहरी स्तर पर नगर परिषद या फिर नगर पालिका कचरे का निस्तारण नहीं कर पाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में पिछले दिनों हुई बैठक में कचरे के निस्तारण के लिए लगाए गए टेंडर को रद्द कर दिया गया है। सीएम ने जिले के 5 शहरों का क्लस्टर बनाकर कचरा निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
ऐसे में जिले की दोनों नगर परिषद फतेहाबाद व टोहाना और 3 नगर पालिका अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कचरा निस्तारण के लिए इस माह प्रोजेक्ट सिरे चढ़ने की उम्मीद थी लेकिन अब नए सिरे प्रक्रिया शुरू होगी।
विज्ञापन
जिले के पांचों शहरों फतेहाबाद, जाखल, रतिया, भूना और टोहाना से करीब 120 टन रोजाना कचरा निकल रहा है। हर माह करीब साढ़े तीन हजार टन कचरा संग्रह स्थल पर पहुंचता है।
नगर परिषद फतेहाबाद ने कचरे के निस्तारण के लिए 10 साल के लिए 9 करोड़ 20 लाख रुपये, टोहाना ने साढ़े 8 करोड़ रुपये, रतिया नगर पालिका ने करीब 8 करोड़ रुपये, भूना ने 8 करोड़ रुपये और जाखल ने करीब 5 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया था।
-
भूना में क्लस्टर बनाने की तैयारी
नगर निकाय अधिकारियों की माने तो भूना में क्लस्टर बनाकर कचरा संग्रह स्थल बनाया जाएगा। पांचों शहरों का कचरा यहां पहुंचेगा और फिर निस्तारण किया जाएगा। यहां करीब 25 एकड़ जगह है। इसके अलावा जिले के शहरों का सेंटर प्वाइंट भी है।
-
जानिए कहां से कितना निकल रहा कचरा
शहर कचरा निकल रहा
फतेहाबाद 40 से 45 टन
टोहाना 35 से 40 टन
रतिया 20 से 25 टन
भूना 15 से 20 टन
जाखल 7 से 10 टन
-
गलियों में लगेंगे स्कैनर
शहर फतेहाबाद में डोर टू डोर कचरे के उठान के लिए निजी एजेंसी को ठेका दिया जा चुका है। एजेंसी को शहर की गलियों में स्कैनर लगाने होंगे। इससे नगर परिषद मॉनिटरिंग कर पाएगा कि किस जगह पर कचरे का उठान हुआ है और कहां गाड़ी नहीं पहुंची है।
-
जिले का एक ही जगह पर क्लस्टर बनेगा। जहां पर कचरे का निस्तारण किया जाएगा। इससे मॉनिटरिंग अच्छे से हो पाएगी। जगह के चयन के लिए प्रक्रिया चल रही है। ऐसी जगह तलाशी जाएगी जहां पर किसी को दिक्कत न आए।
-राजेंद्र सोनी, ईओ, नगर परिषद
विज्ञापन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में पिछले दिनों हुई बैठक में कचरे के निस्तारण के लिए लगाए गए टेंडर को रद्द कर दिया गया है। सीएम ने जिले के 5 शहरों का क्लस्टर बनाकर कचरा निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
ऐसे में जिले की दोनों नगर परिषद फतेहाबाद व टोहाना और 3 नगर पालिका अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कचरा निस्तारण के लिए इस माह प्रोजेक्ट सिरे चढ़ने की उम्मीद थी लेकिन अब नए सिरे प्रक्रिया शुरू होगी।
विज्ञापन
जिले के पांचों शहरों फतेहाबाद, जाखल, रतिया, भूना और टोहाना से करीब 120 टन रोजाना कचरा निकल रहा है। हर माह करीब साढ़े तीन हजार टन कचरा संग्रह स्थल पर पहुंचता है।
नगर परिषद फतेहाबाद ने कचरे के निस्तारण के लिए 10 साल के लिए 9 करोड़ 20 लाख रुपये, टोहाना ने साढ़े 8 करोड़ रुपये, रतिया नगर पालिका ने करीब 8 करोड़ रुपये, भूना ने 8 करोड़ रुपये और जाखल ने करीब 5 करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाया था।
-
भूना में क्लस्टर बनाने की तैयारी
नगर निकाय अधिकारियों की माने तो भूना में क्लस्टर बनाकर कचरा संग्रह स्थल बनाया जाएगा। पांचों शहरों का कचरा यहां पहुंचेगा और फिर निस्तारण किया जाएगा। यहां करीब 25 एकड़ जगह है। इसके अलावा जिले के शहरों का सेंटर प्वाइंट भी है।
-
जानिए कहां से कितना निकल रहा कचरा
शहर कचरा निकल रहा
फतेहाबाद 40 से 45 टन
टोहाना 35 से 40 टन
रतिया 20 से 25 टन
भूना 15 से 20 टन
जाखल 7 से 10 टन
-
गलियों में लगेंगे स्कैनर
शहर फतेहाबाद में डोर टू डोर कचरे के उठान के लिए निजी एजेंसी को ठेका दिया जा चुका है। एजेंसी को शहर की गलियों में स्कैनर लगाने होंगे। इससे नगर परिषद मॉनिटरिंग कर पाएगा कि किस जगह पर कचरे का उठान हुआ है और कहां गाड़ी नहीं पहुंची है।
-
जिले का एक ही जगह पर क्लस्टर बनेगा। जहां पर कचरे का निस्तारण किया जाएगा। इससे मॉनिटरिंग अच्छे से हो पाएगी। जगह के चयन के लिए प्रक्रिया चल रही है। ऐसी जगह तलाशी जाएगी जहां पर किसी को दिक्कत न आए।
-राजेंद्र सोनी, ईओ, नगर परिषद