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हर घर देगा कचरा, गांव खुद की बनाएगा खाद

Tue, 01 Mar 2016 12:21 AM IST
मुकेश खुराना/अमर उजाला फतेहाबाद
मुकेश खुराना/अमर उजाला फतेहाबाद Updated Tue, 01 Mar 2016 12:21 AM IST
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clean city, clean village

जिले के 40 गांव अब शहर की तरह विकास की राह में अपना सीधा योगदान देंगे। जिला प्रशासन की ओर से इन गांवों में ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन यूनिट (एसएलडब्ल्यूएम) को मंजूरी दी गई है।

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कागजी कार्यवाही पूरी हो चुकी है। जल्द ही टेंडर की तारीख भी घोषित कर दी जाएगी। प्रत्येक गांव में कूड़ा एकत्रित करने के लिए स्पेशल रिक्शों का भी इंतजाम कर लिया गया है।
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जिला प्रशासन की ये मुहिम अगर सिरे चढ़ती है तो गांवों के कूड़े-कचरे से जैविक खाद बनाकर खेतों को उपजाऊ बनाया जाएगा और लिक्विड ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए गांव के ही गंदे पानी को साफ कर सिंचाई योग्य बनाया जाएगा। साथ ही प्रशासन इस पानी को पेयजल के रूप में भी इस्तेमाल करने की संभावना तलाशने में भी जुट गया है।
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हर घर से कर्मचारी एकत्र करेंगे कचरा
इस योजना के शुरू होने के बाद बाकायदा गांव में एक सफाई कर्मचारी की नियुक्ति की जाएगी, जो स्पेशल रिक्शा लेकर गांव के प्रत्येक घर से कचरा उठाकर गांव में ही बनाए जाने वाले कचरा प्रबंधन प्लांट पर डंप करेगा। इस स्पेशल रिक्शे में कई अलग अलग जगह बनी होंगी जिसमें सूखा कचरा, गीला कचरा आदि अलग अलग रखा जा सकेगा। सूखे कचरे से जहां जैविक खाद बनाई जाएगी। हालांकि बोतलें और अन्य सख्त आइटमों को कबाड़ में बेचकर सफाई कर्मचारी की तनख्वाह का इंतजाम किया जाएगा। इतना ही नहीं, इन कूड़ा प्रबंधन के पास ही जिला प्रशासन लिक्विड ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाएगा।

लिक्विड प्लांट कैसे करेगा काम

जिन गांवों में तालाब नहीं है, वहां तालाब तैयार किया जाएगा। गांवों से नालियों के द्वारा गंदा पानी यहां पर पहुंचाया जाएगा। तालाब में अलग-अलग 5 ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे। एक प्लांट से दूसरे प्लांट में पानी को ट्रीट करके गुजारा जाएगा। पानी को खेती में प्रयोग योग्य बनाए पर खेतों में सप्लाई दी जाएगी।

इन गांवों से होगी शुरुआत
ललौदा, थरवी, समैन, डांगरा, पारता, अमानी, इंदाछुई, खुनन, बीराबदी, गंदा, कानाखेड़ा, म्योंद  खुर्द, दीवाना, धीड़, सुलीखेड़ा, मेहूवाला, नूरकी अहली, ढाणी मियाखां, भट्टू खुर्द, भोडिया खेड़ा, बीसला, धांगड़, भोड़ा होशनाक, खैरातीखेड़ा, काजलहेड़ी, ठुईया, सिरढ़ान, गदली, पूर्ण माजरा, भट्टू, चंद्रावल, रेहनखेड़ी, हांसपुर, गाजूवाला, टिब्बी, सिंधाला, बड़ोपल, म्योंदकलां, बनगांव, शहीदांवाली।

गांवों में स्वच्छता के साथ कमाई की तरफ कदम
प्रथम चरण में 40 गांवों का चयन किया गया। ठोस कचरा प्रबंधन के तहत तैयार होने वाली खाद को पैकेटों में पैक करके बेचा जाएगा। इसी के साथ दूसरे कचरे को कबाड़ियों को बेचा जाएगा। गांवों में घरों से निकलने वाले पानी को खेती के प्रयोग योग्य बनाकर उसे बेचा जाएगा। इस कमाई से खर्चा निकालने के साथ गांव के विकास में खर्च किया जाएगा।


40 गांवों में ठोस एंव लिक्विड कचरा प्रबंधन प्लांट बनाए जाने हैं। इसके लिए पंचायती राज विभाग को लगभग 92 लाख रुपये की राशि जारी कर दी है। टेंडर होते ही काम शुरू हो जाएगा। -रोहताश कुमार, जिला सलाहकार, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)

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