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शहर को चाहिए 225 सफाई कर्मी, काम कर रहे आधे, समय पर नहीं उठ रहा कूड़ा
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नगर परिषद में खड़ी कचरा उठाने वाली गाड़ियां।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। शहर में सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई है समय पर न तो सफाई हो पा रही है और न कूड़ा उठ रहा है। जवाहर चौक, बीघड़ रोड, फव्वारा चौक पर दोपहर तक लगने वाले कूड़े के ढेर इसके उदाहरण है। सफाई न होने के पीछे सबसे बड़ी वजह एक ही है अफसर इस मुद्दे को गंभीर ही नहीं ले रहे हैं। नगर परिषद के पास सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए संसाधन ही नहीं है। नगर परिषद के पास करीब 158 सफाईकर्मी हैं। इसमें 38 स्थायी कर्मचारी, 120 अनुबंध पर कर्मचारी हैं। इसमें करीब 25 कर्मचारी अलग-अलग अफसरों की कोठियों पर काम कर रहे हैं। 6 कर्मचारी दरोगा की ड्यूटी दे रहे हैं।
शहर में सिर्फ सफाई के लिए जहां 400 की जनसंख्या पर एक कर्मचारी होना चाहिए वहां हालात ये है कि 750 पर एक कर्मचारी काम कर रहा है। ये ही नहीं 15 फीसदी कर्मचारी अफसरों की कोठियों पर काम कर रहे हैं। नगर परिषद न तो संसाधन बढ़ा रहा है और न ही कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई है। नप ने शहर में घर-घर से कचरा इकट्ठा करने और फिर उसे कचरा संग्रह स्थल पर छोड़ने के लिए करीब 10 माह पहले टेंडर लगाया था, एजेंसी भी आ गई लेकिन मुख्यालय ने वर्क ऑर्डर नहीं दिया। यहां तक कि मुख्यालय इस टेंडर को नप के स्तर पर रद्द करने के आदेश भी जारी कर चुका है। लेकिन टेंडर न तो रद्द हुआ है न ही कोई आगे कार्रवाई हुई है।
ट्रैक्टर-ट्रॉली नहीं खरीद पाया नप
मुख्य चौकों से कचरा उठाने के लिए नगर परिषद ट्रैक्टर-ट्रॉली ठेके पर लेता है, लंबे समय से ये ही चलता आ रहा है। इस बार ट्रैक्टर-ट्रॉली का ठेका भी सिरे नहीं चढ़ा है। कर्मचारी यूनियन नेताओं का कहना है कि नप जितना ठेके का भुगतान कर चुका है उतने के खुद ट्रैक्टर-ट्रॉली खरीद सकता था।
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कोट
नगर परिषद के पास संसाधनों की कमी है। मात्र 158 कर्मचारी हैं जबकि 250 से 300 सफाईकर्मी होने चाहिए। हम बार-बार मांग कर चुके हैं कि कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए लेकिन अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यहां तक कि नप ट्रैक्टर-ट्रॉली भी नहीं खरीद पा रहा है। ये सबसे बड़ी वजह है कि शहर में सफाई ढंग से नहीं हो पा रही है।
- राजाराम, प्रधान, कर्मचारी यूनियन
कोट
सफाईकर्मी बढ़ाने के लिए मुख्यालय के पास डिमांड भेजी गई है। मुख्यालय ने स्थिति के बारे में जानकारी मांगी थी। 400 की जनसंख्या पर एक सफाई कर्मचारी होना चाहिए। उम्मीद है जल्द कर्मचारियों की संख्या बढ़ जाए।
- ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद
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शहर में सिर्फ सफाई के लिए जहां 400 की जनसंख्या पर एक कर्मचारी होना चाहिए वहां हालात ये है कि 750 पर एक कर्मचारी काम कर रहा है। ये ही नहीं 15 फीसदी कर्मचारी अफसरों की कोठियों पर काम कर रहे हैं। नगर परिषद न तो संसाधन बढ़ा रहा है और न ही कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई है। नप ने शहर में घर-घर से कचरा इकट्ठा करने और फिर उसे कचरा संग्रह स्थल पर छोड़ने के लिए करीब 10 माह पहले टेंडर लगाया था, एजेंसी भी आ गई लेकिन मुख्यालय ने वर्क ऑर्डर नहीं दिया। यहां तक कि मुख्यालय इस टेंडर को नप के स्तर पर रद्द करने के आदेश भी जारी कर चुका है। लेकिन टेंडर न तो रद्द हुआ है न ही कोई आगे कार्रवाई हुई है।
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ट्रैक्टर-ट्रॉली नहीं खरीद पाया नप
मुख्य चौकों से कचरा उठाने के लिए नगर परिषद ट्रैक्टर-ट्रॉली ठेके पर लेता है, लंबे समय से ये ही चलता आ रहा है। इस बार ट्रैक्टर-ट्रॉली का ठेका भी सिरे नहीं चढ़ा है। कर्मचारी यूनियन नेताओं का कहना है कि नप जितना ठेके का भुगतान कर चुका है उतने के खुद ट्रैक्टर-ट्रॉली खरीद सकता था।
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कोट
नगर परिषद के पास संसाधनों की कमी है। मात्र 158 कर्मचारी हैं जबकि 250 से 300 सफाईकर्मी होने चाहिए। हम बार-बार मांग कर चुके हैं कि कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए लेकिन अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यहां तक कि नप ट्रैक्टर-ट्रॉली भी नहीं खरीद पा रहा है। ये सबसे बड़ी वजह है कि शहर में सफाई ढंग से नहीं हो पा रही है।
- राजाराम, प्रधान, कर्मचारी यूनियन
कोट
सफाईकर्मी बढ़ाने के लिए मुख्यालय के पास डिमांड भेजी गई है। मुख्यालय ने स्थिति के बारे में जानकारी मांगी थी। 400 की जनसंख्या पर एक सफाई कर्मचारी होना चाहिए। उम्मीद है जल्द कर्मचारियों की संख्या बढ़ जाए।
- ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद