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फाइलों में दबा सिटीजन चार्टर
fatehabad
Updated Wed, 23 Jul 2014 11:12 PM IST
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सरकार ने लोगों को सुविधा देने के लिए सभी सेवाओं का समय तय कर दिया है, लेकिन यह नियम फतेहाबाद में लागू नहीं होता। नगर परिषद में तय समय में सेवाएं देने का कहीं दावा नहीं किया जा रहा। यहां पर सिटीजन चार्टर का बोर्ड ही नहीं लगा। इस कारण लोगों को अपने हकों का ही नहीं पता और वे कार्यालय में केवल धक्के खाते नजर आ रहे हैं। बोर्ड लगा नहीं होने के कारण लोगों को यही नहीं पता चल पा रहा कि कौन सा काम कर्मचारियों को कितने दिनों में पूरा करना है। यदि कर्मचारी तय समय में काम पूरा नहीं करते तो उनके ऊपर कार्रवाई भी हो सकती है।
अधिकारियों को भी जुबानी नहीं पता कि कौन सा काम कितने दिन में किया जाना है। सिटीजन चार्टर अधिकारियों की फाइलों के बीच दबकर रह गया है। इस बारे में जब लोगों से बात की तो उन्हें पता ही नहीं था कि सिटीजन चार्टर होता क्या है। जब उनको बताया कि सिटीजन चार्टर से हम काम के होने की अवधि जान सकते हैं तो उनका कहना था उन्होंने आज तक नगर परिषद में सिटीजन चार्टर का बोर्ड तो दूर इसके बारे में नहीं सुना।
खाली पड़ा है नोटिस बोर्ड
नगर परिषद ने न सिर्फ सिटीजन चार्टर की जानकारियां छिपा रखी हैं बल्कि किसी भी आदेश और नोटिस को नोटिस बोर्ड पर लगाया ही नहीं जाता। नोटिस बोर्ड महज शोपीस बनकर रह गया है। किसी भी सूचना को नोटिस बोर्ड पर नहीं लगाया जाता, जबकि हर बुधवार को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनाए जाते। बुधवार को सिर्फ संशोधन वाले काम ही किए जाते हैं। इस बारे में भी लोगों को सूचित करने के लिए नोटिस बोर्ड पर कुछ नहीं लिखा। लोग बुधवार को भी प्रमाण पत्र बनावाने के लिए आ जाते हैं और मायूस होकर उन्हें लौटना पड़ता है।
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हमें नहीं पता क्या होता है सिटीजन चार्टर
नगर परिषद में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने आए राजेंद्र कुमार, संदीप गर्ग, भारत भूषण, राकेश कुमार और संदीप शर्मा ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि सिटीजन चार्टर क्या होता है और न ही हमने आज तक इस बारे में बताया। जब उन्हें सिटीजन चार्टर के बारे में विस्तार से जानकारी दी तो उन्होंने कहा कि वे काफी महीनों से नगर परिषद में आ रहे हैं पर उन्होंने आज तक यहां कोई बोर्ड नहीं लगा देखा। नगर परिषद में काम को जानबूझकर लटकाया जाता है और यहां ऐसा लगता है कि काम ज्यादा है और कर्मचारी कम हैं। लोगों ने कहा कि चार्टर के साथ-साथ यह भी अंकित होना चाहिए कि कौन से काम में कौन-कौन से कागजात की जरूरत पड़ती है। उन्हें यहां आकर दो तीन चक्कर लगाने के बाद पता चलता है कि इस काम में इतने कागजात लगेंगे।
काम नहीं होता तो मिलें
नगर परिषद के ईओ धीरज कुमार ने बताया कि वैसे तो काम सिटीजन चार्टर के अनुसार तय अवधि में पूरा हो जाता है, लेकिन कई बार छुट्टी के कारण काम थोड़ा आगे बढ़ जाता है। लोगों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े ये जिम्मेदारी उनकी हैं और अगर किसी का काम होने में देरी हो रही हो तो वे उनसे आकर कभी भी मिल सकते हैं।
जल्द लगवा देंगे बोर्ड : ईओ
नगर परिषद के ईओ धीरज कुमार ने कहा कि सिटीजन चार्टर से संबंधित बोर्ड पहले लगवाया गया था। बोर्ड खराब हो जाने के कारण नया बोर्ड बनवाने के लिए दिया गया है जल्द ही नगर परिषद में नया सिटीजन चार्टर का बोर्ड लग जाएगा।
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अधिकारियों को भी जुबानी नहीं पता कि कौन सा काम कितने दिन में किया जाना है। सिटीजन चार्टर अधिकारियों की फाइलों के बीच दबकर रह गया है। इस बारे में जब लोगों से बात की तो उन्हें पता ही नहीं था कि सिटीजन चार्टर होता क्या है। जब उनको बताया कि सिटीजन चार्टर से हम काम के होने की अवधि जान सकते हैं तो उनका कहना था उन्होंने आज तक नगर परिषद में सिटीजन चार्टर का बोर्ड तो दूर इसके बारे में नहीं सुना।
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खाली पड़ा है नोटिस बोर्ड
नगर परिषद ने न सिर्फ सिटीजन चार्टर की जानकारियां छिपा रखी हैं बल्कि किसी भी आदेश और नोटिस को नोटिस बोर्ड पर लगाया ही नहीं जाता। नोटिस बोर्ड महज शोपीस बनकर रह गया है। किसी भी सूचना को नोटिस बोर्ड पर नहीं लगाया जाता, जबकि हर बुधवार को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनाए जाते। बुधवार को सिर्फ संशोधन वाले काम ही किए जाते हैं। इस बारे में भी लोगों को सूचित करने के लिए नोटिस बोर्ड पर कुछ नहीं लिखा। लोग बुधवार को भी प्रमाण पत्र बनावाने के लिए आ जाते हैं और मायूस होकर उन्हें लौटना पड़ता है।
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हमें नहीं पता क्या होता है सिटीजन चार्टर
नगर परिषद में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने आए राजेंद्र कुमार, संदीप गर्ग, भारत भूषण, राकेश कुमार और संदीप शर्मा ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि सिटीजन चार्टर क्या होता है और न ही हमने आज तक इस बारे में बताया। जब उन्हें सिटीजन चार्टर के बारे में विस्तार से जानकारी दी तो उन्होंने कहा कि वे काफी महीनों से नगर परिषद में आ रहे हैं पर उन्होंने आज तक यहां कोई बोर्ड नहीं लगा देखा। नगर परिषद में काम को जानबूझकर लटकाया जाता है और यहां ऐसा लगता है कि काम ज्यादा है और कर्मचारी कम हैं। लोगों ने कहा कि चार्टर के साथ-साथ यह भी अंकित होना चाहिए कि कौन से काम में कौन-कौन से कागजात की जरूरत पड़ती है। उन्हें यहां आकर दो तीन चक्कर लगाने के बाद पता चलता है कि इस काम में इतने कागजात लगेंगे।
काम नहीं होता तो मिलें
नगर परिषद के ईओ धीरज कुमार ने बताया कि वैसे तो काम सिटीजन चार्टर के अनुसार तय अवधि में पूरा हो जाता है, लेकिन कई बार छुट्टी के कारण काम थोड़ा आगे बढ़ जाता है। लोगों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े ये जिम्मेदारी उनकी हैं और अगर किसी का काम होने में देरी हो रही हो तो वे उनसे आकर कभी भी मिल सकते हैं।
जल्द लगवा देंगे बोर्ड : ईओ
नगर परिषद के ईओ धीरज कुमार ने कहा कि सिटीजन चार्टर से संबंधित बोर्ड पहले लगवाया गया था। बोर्ड खराब हो जाने के कारण नया बोर्ड बनवाने के लिए दिया गया है जल्द ही नगर परिषद में नया सिटीजन चार्टर का बोर्ड लग जाएगा।