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Fatehabad News: दूध-दही खानपान के प्रदेश में बच्चे भी मिल रहे टीबी ग्रस्त, कमजोर हो रहे फेफड़े
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फतेहाबाद में टीबी को लेकर लोगों की स्क्रीनिंग करते हुए स्वास्थ्यकर्मी।
फतेहाबाद। दूध-दही हरियाणा प्रदेश की पहचान है और बावजूद इसके बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक यहां खतरनाक बीमारी टीबी का शिकार हो रहे हैं। समय रहते उपचार लेने से टीबी बीमारी पर जीत भी हासिल की है। जिले में वर्ष 2022 में लैब में सैंपल जांच के दौरान 2286 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई है। इसमें 62 बच्चे भी मिले है। हालांकि जिले में पिछले साल 2525 टीबी मरीजों का उपचार शुरू हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त करना है, लेकिन चिकित्सकों का कहना ये तभी हो पाएगा जब लोग इससे जागरूक होंगे। टीबी ग्रस्त मरीज बीच में दवा छोड़ देते हैं ऐसे में मरीज ठीक नहीं हो पाता। बीमारी को खत्म करने और दोबारा इससे पीड़ित न हो इसके लिए पौष्टिक आहार लेना जरूरी है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने निक्षय पोषण योजना शुरू कर रखी है। इसके तहत जब तक मरीज की दवाई चलती है स्वास्थ्य विभाग उसे हर माह 500 रुपये की राशि जारी करता है। जिले में पिछले साल 2161 मरीजों के खाते में राशि जारी की जा चुकी है। चिकित्सकों के मुताबिक क्षय रोग यानि टीबी माइको बैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु के कारण होता है। रोगाणु हवा के माध्यम से फैलते हैं और आमतौर पर फेफड़ों को संक्रमित करते हैं, लेकिन शरीर के अन्य भागों को भी संक्रमित कर सकते हैं। संवाद
वर्ष 2022 में टीबी के जिले में ये मिले मरीज
क्षेत्र टीबी मरीज मिले
फतेहाबाद 640
भट्टू 374
भूना 366
रतिया 410
टोहाना 732
ये हैं टीबी बीमारी के लक्षण
- दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना
- रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना
- बुखार आना, संक्रमण बढ़ने के साथ बढ़ना
- थकावट होना
- वजन कम होना
-सांस लेने में दिक्कत होना
पुरुष सबसे ज्यादा टीबी शिकार, 34 फीसदी महिलाएं मिली संक्रमित
जिले की लैब में जांच के दौरान 2286 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई है। इसमें सबसे ज्यादा पुरुष मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 1495 पुरुष तो 791 महिलाओं में टीबी बीमारी मिली है।
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आज 68 निष्य मित्रों को सम्मानित करेगा स्वास्थ्य विभाग
टीबी मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कम्युनिटी स्पोर्ट योजना शुरू कर रखी है। इस योजना के तहत सामाजिक संस्थाओं व समाजसेवी ने टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण किट उपलब्ध करवाई। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग इन 68 निष्य मित्रों को सम्मानित करेगा।
बेहतर उपचार के चलते जिला हो चुका है सिल्वर मेडल के लिए नामित
टीबी मरीजों को बेहतर उपचार देने के चलते पिछले साल कांस्य पदक मिला था और इस बार जिले को सिल्वर मेडल के लिए नामित किया गया था। मेडल को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें जिले में सर्वे कर चुकी है और मरीजों को दिए जा रहे उपचार को लेकर भी फीडबैक लिया गया है। हालांकि सिल्वर पदक को लेकर अभी तक परिणाम जारी नहीं हुआ है।
कोट
टीबी बीमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से गंभीर है। जिले में ज्यादा से ज्यादा जांच की जा रही है। टीबी बीमारी को लेकर जिले में स्थिति कंट्रोल में है। लोगों को इसके प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। मरीजों को टीबी बीमारी के उपचार को लेकर गंभीर रहने की जरूरत होती है। समय रहते और पूरा उपचार लेने से ही बीमारी को खत्म किया जा सकता है।
-डॉ. मनीष टुटेजा, जिला क्षयरोग अधिकारी
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स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त करना है, लेकिन चिकित्सकों का कहना ये तभी हो पाएगा जब लोग इससे जागरूक होंगे। टीबी ग्रस्त मरीज बीच में दवा छोड़ देते हैं ऐसे में मरीज ठीक नहीं हो पाता। बीमारी को खत्म करने और दोबारा इससे पीड़ित न हो इसके लिए पौष्टिक आहार लेना जरूरी है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने निक्षय पोषण योजना शुरू कर रखी है। इसके तहत जब तक मरीज की दवाई चलती है स्वास्थ्य विभाग उसे हर माह 500 रुपये की राशि जारी करता है। जिले में पिछले साल 2161 मरीजों के खाते में राशि जारी की जा चुकी है। चिकित्सकों के मुताबिक क्षय रोग यानि टीबी माइको बैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु के कारण होता है। रोगाणु हवा के माध्यम से फैलते हैं और आमतौर पर फेफड़ों को संक्रमित करते हैं, लेकिन शरीर के अन्य भागों को भी संक्रमित कर सकते हैं। संवाद
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वर्ष 2022 में टीबी के जिले में ये मिले मरीज
क्षेत्र टीबी मरीज मिले
फतेहाबाद 640
भट्टू 374
भूना 366
रतिया 410
टोहाना 732
ये हैं टीबी बीमारी के लक्षण
- दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना
- रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना
- बुखार आना, संक्रमण बढ़ने के साथ बढ़ना
- थकावट होना
- वजन कम होना
-सांस लेने में दिक्कत होना
पुरुष सबसे ज्यादा टीबी शिकार, 34 फीसदी महिलाएं मिली संक्रमित
जिले की लैब में जांच के दौरान 2286 मरीजों में टीबी की पुष्टि हुई है। इसमें सबसे ज्यादा पुरुष मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 1495 पुरुष तो 791 महिलाओं में टीबी बीमारी मिली है।
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आज 68 निष्य मित्रों को सम्मानित करेगा स्वास्थ्य विभाग
टीबी मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कम्युनिटी स्पोर्ट योजना शुरू कर रखी है। इस योजना के तहत सामाजिक संस्थाओं व समाजसेवी ने टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण किट उपलब्ध करवाई। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग इन 68 निष्य मित्रों को सम्मानित करेगा।
बेहतर उपचार के चलते जिला हो चुका है सिल्वर मेडल के लिए नामित
टीबी मरीजों को बेहतर उपचार देने के चलते पिछले साल कांस्य पदक मिला था और इस बार जिले को सिल्वर मेडल के लिए नामित किया गया था। मेडल को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें जिले में सर्वे कर चुकी है और मरीजों को दिए जा रहे उपचार को लेकर भी फीडबैक लिया गया है। हालांकि सिल्वर पदक को लेकर अभी तक परिणाम जारी नहीं हुआ है।
कोट
टीबी बीमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से गंभीर है। जिले में ज्यादा से ज्यादा जांच की जा रही है। टीबी बीमारी को लेकर जिले में स्थिति कंट्रोल में है। लोगों को इसके प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। मरीजों को टीबी बीमारी के उपचार को लेकर गंभीर रहने की जरूरत होती है। समय रहते और पूरा उपचार लेने से ही बीमारी को खत्म किया जा सकता है।
-डॉ. मनीष टुटेजा, जिला क्षयरोग अधिकारी