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Fatehabad News: पाठशाला की दरारों के साये में बचपन
Tue, 25 Aug 2026 10:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 25 Aug 2026 10:59 PM IST
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गांव समैन के राजकीय प्राथमिक पाठशाला के जर्जर हुए फर्श संवाद
समैन। गांव समैन की वाल्मीकि बस्ती स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में जर्जर कमरों से बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। स्कूल के नौ कमरों में तीन बेहद खराब हैं। कमरों की ऊपरी दीवारों और छतों में बड़ी दरारें हैं।
पाठशाला में बाल वाटिका से पांचवीं कक्षा तक 103 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनमें 42 लड़के और 61 लड़कियां हैं। स्कूल में चार अध्यापक कार्यरत हैं। विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में अध्यापकों की संख्या पर्याप्त बताई जा रही है।
स्कूल में कुल नौ कमरे हैं। इनमें तीन कमरे बेहद जर्जर हालत में हैं। इन कमरों के कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई है। छह कमरे विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। इनमें भी तीन कमरों की स्थिति खराब है। कमरों के ऊपरी हिस्सों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं।
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स्कूल के अध्यापकों ने बताया कि जर्जर कमरों की स्थिति से विभाग के उच्च अधिकारियों को यू-डाइज पोर्टल पर कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
पाठशाला में लड़कों के शौचालयों की स्थिति भी खराब है। इनमें सफाई का अभाव है। इससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल में मिड-डे मील तैयार करने के लिए तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगी हुई है। संवाद
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प्राथमिक पाठशाला में जिन कमरों की स्थिति खराब है उनके बारे में यू-डाइज पोर्टल पर अपलोड करके स्थिति के बारे में अवगत करवाया जा चुका है। पाठशाला की चहारदीवारी भी काफी नीची है। इसको भी ऊंची करवाने के लिए अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। कमरों की मरम्मत के लिए विभाग ने 25 हजार रुपये जारी किए हैं।
- रणधीर सिंह, मुख्य अध्यापक।
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राजकीय प्राथमिक पाठशाला समैन में जो कमरे जर्जर हालात में हैं उनके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। जल्द ही कमरों के निर्माण के लिए बजट जारी होगा। शौचालयों की सफाई के लिए सफाईकर्मियों की व्यवस्था की गई है। जिन कमरों में दरारें आई हैं उनकी मरम्मत के लिए 25 हजार रुपये का बजट जारी किया जा चुका है।
- जगदीश सेवदा, खंड शिक्षा अधिकारी, टोहाना
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पाठशाला में बाल वाटिका से पांचवीं कक्षा तक 103 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इनमें 42 लड़के और 61 लड़कियां हैं। स्कूल में चार अध्यापक कार्यरत हैं। विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में अध्यापकों की संख्या पर्याप्त बताई जा रही है।
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स्कूल में कुल नौ कमरे हैं। इनमें तीन कमरे बेहद जर्जर हालत में हैं। इन कमरों के कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई है। छह कमरे विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। इनमें भी तीन कमरों की स्थिति खराब है। कमरों के ऊपरी हिस्सों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं।
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स्कूल के अध्यापकों ने बताया कि जर्जर कमरों की स्थिति से विभाग के उच्च अधिकारियों को यू-डाइज पोर्टल पर कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
पाठशाला में लड़कों के शौचालयों की स्थिति भी खराब है। इनमें सफाई का अभाव है। इससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल में मिड-डे मील तैयार करने के लिए तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगी हुई है। संवाद
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प्राथमिक पाठशाला में जिन कमरों की स्थिति खराब है उनके बारे में यू-डाइज पोर्टल पर अपलोड करके स्थिति के बारे में अवगत करवाया जा चुका है। पाठशाला की चहारदीवारी भी काफी नीची है। इसको भी ऊंची करवाने के लिए अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। कमरों की मरम्मत के लिए विभाग ने 25 हजार रुपये जारी किए हैं।
- रणधीर सिंह, मुख्य अध्यापक।
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राजकीय प्राथमिक पाठशाला समैन में जो कमरे जर्जर हालात में हैं उनके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। जल्द ही कमरों के निर्माण के लिए बजट जारी होगा। शौचालयों की सफाई के लिए सफाईकर्मियों की व्यवस्था की गई है। जिन कमरों में दरारें आई हैं उनकी मरम्मत के लिए 25 हजार रुपये का बजट जारी किया जा चुका है।
- जगदीश सेवदा, खंड शिक्षा अधिकारी, टोहाना