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Fatehabad News: जन्मदिन पर जलघर टैंक में गिरा बच्चा, तीन घंटे बाद मिला शव
Fri, 09 Feb 2024 08:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 09 Feb 2024 08:38 PM IST
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गांव मताना में जलघर की डिग्गी में गिरे बच्चे का फाइल फोटो
फतेहाबाद। गांव मताना में शुक्रवार शाम को पतंग उड़ाते समय 8 साल का कुदरत अपने जन्मदिन पर जलघर टैंक में गिर गया। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बच्चे को जलघर की डिग्गी से निकालने का प्रयास किया लेकिन कामयाब नहीं हुए। रात 8 बजे तक सर्च अभियान जारी रहा और नरवाना से गोताखोर बुलाए गए। रात 8 बजे आए गोताखोरों ने अभियान शुरू किया और बच्चे का शव निकाला।
मामले के मुताबिक गांव मताना निवासी कुदरत अपने दोस्तों के साथ जलघर की डिग्गी के पास पतंग उड़ा रहा था। अचानक कुदरत पानी की डिग्गी में जा गिरा। मौके पर मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाया और ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और अपने स्तर पर निकालने का प्रयास किया। लेकिन डिग्गी करीब 20 से 25 फुट गहरी होने के कारण नहीं निकाल पाए। इसके चलते ग्रामीणों ने अपने स्तर पर नरवाना से गोताखोर बुलाए। नरवाना से आए गोताखोरों ने बच्चे को बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस के जरिए नागरिक अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सक ने कुदरत को मृत घोषित कर दिया।
प्रशासन की टीम नहीं पहुंची
बच्चे के गिरने की सूचना के बाद जहां ग्रामीण काफी संख्या में इकट्ठा हो गए और प्रशासन को सूचना दी गई। लेकिन प्रशासन की तरफ से बच्चे को निकालने का प्रयास नहीं किया गया और न ही कोई व्यवस्था की गई। यहां तक गोताखोर भी अपने स्तर पर ग्रामीणों ने उपलब्ध करवाए। हालांकि घटना के दौरान एंबुलेंस जरूर तैनात कर दी गई थी।
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12 हजार रुपये देकर बुलाए गोताखोर : सरपंच
करीब 5 बजे बच्चा जलघर की डिग्गी में गिरा था। प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन प्रशासन के पास कोई गोताखोर ही नहीं था। प्रशासन भी ग्रामीणों की तरह वहां पर खड़ा था। बाद में नरवाना से गोताखोर को 12 हजार रुपये की फीस देकर बुलाया। गोताखोर ने बच्चे का शव निकाला। बच्चे को समय पर मदद मिल जाती तो उसकी जान बच सकती थी।
- एडवोकेट दलबीर वर्मा, सरपंच मताना
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मामले के मुताबिक गांव मताना निवासी कुदरत अपने दोस्तों के साथ जलघर की डिग्गी के पास पतंग उड़ा रहा था। अचानक कुदरत पानी की डिग्गी में जा गिरा। मौके पर मौजूद अन्य बच्चों ने शोर मचाया और ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और अपने स्तर पर निकालने का प्रयास किया। लेकिन डिग्गी करीब 20 से 25 फुट गहरी होने के कारण नहीं निकाल पाए। इसके चलते ग्रामीणों ने अपने स्तर पर नरवाना से गोताखोर बुलाए। नरवाना से आए गोताखोरों ने बच्चे को बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस के जरिए नागरिक अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सक ने कुदरत को मृत घोषित कर दिया।
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प्रशासन की टीम नहीं पहुंची
बच्चे के गिरने की सूचना के बाद जहां ग्रामीण काफी संख्या में इकट्ठा हो गए और प्रशासन को सूचना दी गई। लेकिन प्रशासन की तरफ से बच्चे को निकालने का प्रयास नहीं किया गया और न ही कोई व्यवस्था की गई। यहां तक गोताखोर भी अपने स्तर पर ग्रामीणों ने उपलब्ध करवाए। हालांकि घटना के दौरान एंबुलेंस जरूर तैनात कर दी गई थी।
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12 हजार रुपये देकर बुलाए गोताखोर : सरपंच
करीब 5 बजे बच्चा जलघर की डिग्गी में गिरा था। प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन प्रशासन के पास कोई गोताखोर ही नहीं था। प्रशासन भी ग्रामीणों की तरह वहां पर खड़ा था। बाद में नरवाना से गोताखोर को 12 हजार रुपये की फीस देकर बुलाया। गोताखोर ने बच्चे का शव निकाला। बच्चे को समय पर मदद मिल जाती तो उसकी जान बच सकती थी।
- एडवोकेट दलबीर वर्मा, सरपंच मताना