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Fatehabad News: नागरिक अस्पताल में अव्यवस्था का गलियारा
Thu, 18 Jun 2026 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 18 Jun 2026 11:02 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में गैलरी में दाखिल जच्चा-बच्चा संवाद
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में चल रहे मरम्मत कार्य के कारण प्रशासन ने जच्चा-बच्चा वार्ड को अस्थायी रूप से केएमसी (कंगारू मदर केयर) के कक्षों और गैलरियों में शिफ्ट कर दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन की इस व्यवस्था से नवजात और प्रसूताओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। गैलरियों में मरीजों और तीमारदारों की आवाजाही के बीच संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
हालात ये है कि तीन गैलरियों में जच्चा-बच्चा के बेड लगाए गए है वहां पर सफाई की कमी के साथ तीमारदारों के आने-जाने पर भी रोक नहीं है।अस्पताल की तीन अलग-अलग गैलरियों में जच्चा-बच्चा वार्ड संचालित किया जा रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी के संवाददाता ने जब पड़ताल की तो वहां पर कई अव्यवस्थाएं दिखी।
कई तीमारदार मरीजों के बेड पर ही बैठकर भोजन कर रहे थे। गैलरियों में लगातार लोगों की आवाजाही बनी हुई थी जबकि मरम्मत कार्य के कारण धूल-मिट्टी भी उड़ रही थी। ऐसे माहौल में नवजात को संक्रमण का खतरा बना हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर होती है। धूल, गंदगी और भीड़भाड़ के कारण उन्हें श्वसन संक्रमण, वायरल संक्रमण, त्वचा संबंधी संक्रमण, आंखों में संक्रमण और गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
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सफाई व सुरक्षाकर्मी तैनात
अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। कई स्थानों पर धूल जमी हुई थी और गैलरियों में पर्याप्त स्वच्छता के इंतजाम नजर नहीं आए। मरीजों के परिजनों का कहना है कि नवजातों और प्रसूताओं को खुले वातावरण में रखने से उनकी चिंता बढ़ गई है। हालात ये है कि तीमारदारों को रोकने के लिए सुरक्षाकर्मी तक तैनात नहीं किए गए हैं।
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अस्पताल का निरीक्षण करूंगा और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। जच्चा-बच्चा वार्ड के आसपास आम लोगों और अनावश्यक तीमारदारों की एंट्री सीमित की जाएगी ताकि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन
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हालात ये है कि तीन गैलरियों में जच्चा-बच्चा के बेड लगाए गए है वहां पर सफाई की कमी के साथ तीमारदारों के आने-जाने पर भी रोक नहीं है।अस्पताल की तीन अलग-अलग गैलरियों में जच्चा-बच्चा वार्ड संचालित किया जा रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी के संवाददाता ने जब पड़ताल की तो वहां पर कई अव्यवस्थाएं दिखी।
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कई तीमारदार मरीजों के बेड पर ही बैठकर भोजन कर रहे थे। गैलरियों में लगातार लोगों की आवाजाही बनी हुई थी जबकि मरम्मत कार्य के कारण धूल-मिट्टी भी उड़ रही थी। ऐसे माहौल में नवजात को संक्रमण का खतरा बना हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर होती है। धूल, गंदगी और भीड़भाड़ के कारण उन्हें श्वसन संक्रमण, वायरल संक्रमण, त्वचा संबंधी संक्रमण, आंखों में संक्रमण और गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
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सफाई व सुरक्षाकर्मी तैनात
अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। कई स्थानों पर धूल जमी हुई थी और गैलरियों में पर्याप्त स्वच्छता के इंतजाम नजर नहीं आए। मरीजों के परिजनों का कहना है कि नवजातों और प्रसूताओं को खुले वातावरण में रखने से उनकी चिंता बढ़ गई है। हालात ये है कि तीमारदारों को रोकने के लिए सुरक्षाकर्मी तक तैनात नहीं किए गए हैं।
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अस्पताल का निरीक्षण करूंगा और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। जच्चा-बच्चा वार्ड के आसपास आम लोगों और अनावश्यक तीमारदारों की एंट्री सीमित की जाएगी ताकि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके।
- डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन