{"_id":"66c633628d9099a87d03e621","slug":"cameras-installed-at-government-institutions-and-major-squares-in-the-district-are-faulty-fatehabad-news-c-127-1-ftb1001-121205-2024-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: जिले के सरकारी संस्थानों और प्रमुख चौकों पर लगे कैमरे खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: जिले के सरकारी संस्थानों और प्रमुख चौकों पर लगे कैमरे खराब
Thu, 22 Aug 2024 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 22 Aug 2024 12:05 AM IST
विज्ञापन
गांव मेहूवाला के अनुसुचित जाति चौपाल में लगे सीसीटीवी के लिए रखी स्क्रीन हो चुकी गायब।
फतेहाबाद। प्रदेश सरकार द्वारा जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विभिन्न सरकारी संस्थानों में लगाए गए कैमरे खराब हो चुके हैं तो कुछ से ये गायब हो चुके हैं। सरकार ने आपराधिक घटनाओं पर निगरानी व सुरक्षा को लेकर ग्रामीण और शहर के प्रमुख स्थानों, सरकारी कार्यालयों व थानों में कैमरे लगाए गए हैं, लेकिन इनमें से कुछ खराब हैं, तो कुछ को अभी लगने का इंतजार है।
खराब पड़े कैमरों को प्रशासन द्वारा ठीक नहीं गया है। जिले में जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते शहर के प्रमुख चौक, चौराहे व सरकारी कार्यालयों में लगाए गए कैमरे खराब हैं। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों पंचायत के द्वारा साल 2019-20 में गांव के सरकारी स्कूल, पशु अस्पताल, पंचायत भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों आदि में कैमरे लगवाए थे। अब चार वर्षों के बाद इन कैमरों की हालात खराब हो गई हैं।
गांव ढिंगसरा के ग्रामीण विनोद कुमार, रोहताश, कर्मपाल, रमेश और अरुण आदि ने बताया कि पंचायत ने एक बार कैमरे लगवाने के बाद कभी भी इन की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया, जिस कारण ये खराब हो गए हैं। गांव मेहूवाला के ग्रामीण अश्वनी, बिहारी, देवीलाल और हेतराम आदि ने बताया कि कैमरे लगने के एक साल बाद ही खराब हो गए थे, जिसको लेकर कई बार सरपंच को अवगत करवाया गया था, मगर फिर भी इनको ठीक नहीं करवाया गया है। इसके कारण अब कैमरे लगे कई स्थानों पर तो तार ही लटक रही है। इस कारण रात के समय में ये भवन नशेड़ियों का अड्डा बन गए हैं। वहीं कैमरे नहीं होने के कारण संस्थानों में चोरी की वारदात बढ़ने की आशंका बढ़ रही हैं।
विज्ञापन
गांव के सरकारी संस्थानों में लगे कैमरों को ठीक करवाने के लिए पंचायती राज विभाग की ओर से कोई राशि नहीं डाली जा रही है। सरपंचों ने खुद के बजट से कैमरों की मरम्मत का कार्य करवाया गया। अगर अब भी गांव में कोई कैमरों को लेकर समस्या है, तो उसकी जांच करवाकर ठीक करवाया जाएगा।
-सुभाष मुंड, सरपंच, गांव ढिंगसरा
विज्ञापन
खराब पड़े कैमरों को प्रशासन द्वारा ठीक नहीं गया है। जिले में जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते शहर के प्रमुख चौक, चौराहे व सरकारी कार्यालयों में लगाए गए कैमरे खराब हैं। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों पंचायत के द्वारा साल 2019-20 में गांव के सरकारी स्कूल, पशु अस्पताल, पंचायत भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों आदि में कैमरे लगवाए थे। अब चार वर्षों के बाद इन कैमरों की हालात खराब हो गई हैं।
विज्ञापन
गांव ढिंगसरा के ग्रामीण विनोद कुमार, रोहताश, कर्मपाल, रमेश और अरुण आदि ने बताया कि पंचायत ने एक बार कैमरे लगवाने के बाद कभी भी इन की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया, जिस कारण ये खराब हो गए हैं। गांव मेहूवाला के ग्रामीण अश्वनी, बिहारी, देवीलाल और हेतराम आदि ने बताया कि कैमरे लगने के एक साल बाद ही खराब हो गए थे, जिसको लेकर कई बार सरपंच को अवगत करवाया गया था, मगर फिर भी इनको ठीक नहीं करवाया गया है। इसके कारण अब कैमरे लगे कई स्थानों पर तो तार ही लटक रही है। इस कारण रात के समय में ये भवन नशेड़ियों का अड्डा बन गए हैं। वहीं कैमरे नहीं होने के कारण संस्थानों में चोरी की वारदात बढ़ने की आशंका बढ़ रही हैं।
विज्ञापन
गांव के सरकारी संस्थानों में लगे कैमरों को ठीक करवाने के लिए पंचायती राज विभाग की ओर से कोई राशि नहीं डाली जा रही है। सरपंचों ने खुद के बजट से कैमरों की मरम्मत का कार्य करवाया गया। अगर अब भी गांव में कोई कैमरों को लेकर समस्या है, तो उसकी जांच करवाकर ठीक करवाया जाएगा।
-सुभाष मुंड, सरपंच, गांव ढिंगसरा