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Fatehabad News: कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम से खाली हो सकते हैं खाते, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
Sun, 22 Feb 2026 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 22 Feb 2026 11:02 PM IST
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सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक
फतेहाबाद। पुलिस विभाग कार्यालय ने आमजन को कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम को लेकर सतर्क किया है। साइबर ठग कूरियर या डिलीवरी एजेंट बनकर लोगों से खास कोड डायल करवाते हैं, जिससे मोबाइल की कॉल उनके नंबर पर पहुंचने लगती हैं और खाते से रकम निकाल ली जाती है।
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि ठग पार्सल की पुष्टि या पता सत्यापन का बहाना बनाकर लोगों का भरोसा जीतते हैं। इसके बाद वे 21, 61, 67 या 401 से शुरू होने वाला यूएसएसडी कोड डायल करवाते हैं। कोड डायल होते ही मोबाइल में कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय हो जाती है और बैंक से आने वाले ओटीपी, लेनदेन संबंधी कॉल और अन्य जरूरी सूचनाएं ठगों तक पहुंच जाती हैं। इससे बैंक खाते, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों तक ठगों की पहुंच बन जाती है। कई बार पीड़ित को जानकारी तब मिलती है, जब खाते से बड़ी रकम निकल चुकी होती है। पुलिस ने सलाह दी है कि अनजान कॉलर के कहने पर कोई कोड डायल न करें और ओटीपी किसी से साझा न करें। ठगी होने पर 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि ठग पार्सल की पुष्टि या पता सत्यापन का बहाना बनाकर लोगों का भरोसा जीतते हैं। इसके बाद वे 21, 61, 67 या 401 से शुरू होने वाला यूएसएसडी कोड डायल करवाते हैं। कोड डायल होते ही मोबाइल में कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय हो जाती है और बैंक से आने वाले ओटीपी, लेनदेन संबंधी कॉल और अन्य जरूरी सूचनाएं ठगों तक पहुंच जाती हैं। इससे बैंक खाते, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों तक ठगों की पहुंच बन जाती है। कई बार पीड़ित को जानकारी तब मिलती है, जब खाते से बड़ी रकम निकल चुकी होती है। पुलिस ने सलाह दी है कि अनजान कॉलर के कहने पर कोई कोड डायल न करें और ओटीपी किसी से साझा न करें। ठगी होने पर 1930 हेल्पलाइन नंबर या साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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