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Fatehabad News: अफसरशाही हावी...चेयरमैन-पार्षदों ने परिषद कार्यालय पर जड़ा ताला, बोले-अधिकारी शराब पीकर आते हैं, मनमर्जी चलाते हैं
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नगर परिषद कार्यालय पर ताला लगाकर धरने पर बैठे चेयरमैन और पार्षद।
टोहाना। नगर परिषद अधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाराज होकर चेयरमैन नरेश बंसल और 15 पार्षदों ने बुधवार को नगर परिषद के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों पर शराब पीकर ड्यूटी पर आने, टेंडर प्रक्रिया में मनमानी करने, विकास कार्यों में बाधा डालने और चेयरमैन की अनदेखी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
चेयरमैन नरेश बंसल ने कहा कि नगर परिषद में अफसरशाही पूरी तरह हावी है। अधिकारी मनमर्जी से कार्यालय आते हैं, कुछ तो शराब के नशे में भी ड्यूटी पर पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों के टेंडर जानबूझकर रोके जा रहे हैं और केवल उन्हीं टेंडरों को प्राथमिकता दी जाती है, जिनमें ठेकेदार कमीशन देते हैं।
बंसल ने बताया कि परिषद में करीब 3 हजार स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से पड़ी हैं, लेकिन अधिकारी उन्हें लगवाने में रुचि नहीं दिखा रहे। बेसहारा पशुओं को पकड़ने का टेंडर बिना चेयरमैन की सहमति से किया गया, जिससे ठेकेदार काम नहीं कर रहा और पशु रोजाना दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
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पार्षदों ने लगाए गंभीर आरोप पार्षद अशोक गर्ग और संजय सपड़ा ने कहा कि ठेकेदार केवल फोटो खिंचवाकर रिपोर्ट देता है, जबकि शहर में सांड खुलेआम लोगों को घायल कर रहे हैं। जोनी मेहता ने बताया कि अधिकारी दोपहर तक गायब रहते हैं और शाम 5 बजे के बाद ठेकेदारों के साथ शराब पार्टी होती है।
रोशन लाल ने कहा कि अधिकारी कमीशन के चक्कर में सीसी सड़कें तोड़कर इंटरलॉकिंग लगवा रहे हैं, जो जनहित के विपरीत है। हालांकि, कार्यकारी अधिकारी संदीप सोलंकी ने मौके पर पहुंचकर जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई से चेयरमैन की फोन पर बात करवाई, जिसके बाद तीन घंटे चले धरने को समाप्त किया गया। डीएमसी के वीरवार को टोहाना आने की बात कही गई है। इसके बाद बातचीत होगी।
लोगों को लौटना पड़ा मायूस : नगर परिषद का गेट बंद होने से नगर परिषद में आधार कार्ड, प्रॉपर्टी आईडी कार्य, जन्म प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण, सफाई समस्या, स्ट्रीट लाइट समस्या लिखवाने के लिए आने वाले लोगों को मायूस लौटना पड़ा। लोगों ने कहा कि बड़े अधिकारी कभी अपने कार्यालय में नही मिलते जिसके चलते छोटे कर्मचारी मनमर्जी करते हैं।
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चेयरमैन नरेश बंसल ने कहा कि नगर परिषद में अफसरशाही पूरी तरह हावी है। अधिकारी मनमर्जी से कार्यालय आते हैं, कुछ तो शराब के नशे में भी ड्यूटी पर पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों के टेंडर जानबूझकर रोके जा रहे हैं और केवल उन्हीं टेंडरों को प्राथमिकता दी जाती है, जिनमें ठेकेदार कमीशन देते हैं।
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बंसल ने बताया कि परिषद में करीब 3 हजार स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से पड़ी हैं, लेकिन अधिकारी उन्हें लगवाने में रुचि नहीं दिखा रहे। बेसहारा पशुओं को पकड़ने का टेंडर बिना चेयरमैन की सहमति से किया गया, जिससे ठेकेदार काम नहीं कर रहा और पशु रोजाना दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
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पार्षदों ने लगाए गंभीर आरोप पार्षद अशोक गर्ग और संजय सपड़ा ने कहा कि ठेकेदार केवल फोटो खिंचवाकर रिपोर्ट देता है, जबकि शहर में सांड खुलेआम लोगों को घायल कर रहे हैं। जोनी मेहता ने बताया कि अधिकारी दोपहर तक गायब रहते हैं और शाम 5 बजे के बाद ठेकेदारों के साथ शराब पार्टी होती है।
रोशन लाल ने कहा कि अधिकारी कमीशन के चक्कर में सीसी सड़कें तोड़कर इंटरलॉकिंग लगवा रहे हैं, जो जनहित के विपरीत है। हालांकि, कार्यकारी अधिकारी संदीप सोलंकी ने मौके पर पहुंचकर जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई से चेयरमैन की फोन पर बात करवाई, जिसके बाद तीन घंटे चले धरने को समाप्त किया गया। डीएमसी के वीरवार को टोहाना आने की बात कही गई है। इसके बाद बातचीत होगी।
लोगों को लौटना पड़ा मायूस : नगर परिषद का गेट बंद होने से नगर परिषद में आधार कार्ड, प्रॉपर्टी आईडी कार्य, जन्म प्रमाण पत्र, विवाह पंजीकरण, सफाई समस्या, स्ट्रीट लाइट समस्या लिखवाने के लिए आने वाले लोगों को मायूस लौटना पड़ा। लोगों ने कहा कि बड़े अधिकारी कभी अपने कार्यालय में नही मिलते जिसके चलते छोटे कर्मचारी मनमर्जी करते हैं।