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Fatehabad News: जीजा-सालों ने मिलकर बनाया गिरोह, इंश्योरेंस के नाम पर करने लगे ठगी
Thu, 09 Jul 2026 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 09 Jul 2026 11:23 PM IST
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फतेहाबाद में साइबर ठगी के मामले में पकड़े गए आरोपी और एएसपी मामले की जानकारी देते हुए संवाद
फतेहाबाद। गांव हिजरावां कलां निवासी सैनिक बलजिंद्र सिंह से फर्जी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में पुलिस ने तीन भाइयों और उनके जीजा को गिरफ्तार कर मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड, प्रिंटर और फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
आरोपियों रवि कुमार उर्फ रवि निवासी हांसी, गांव बरसीन के रवि और रिपन हाल निवासी अशोक नगर और नितेश कुमार निवासी भट्ठा कॉलोनी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि जल्दी अमीर बनने की चाह में उन्होंने साइबर ठगी का रास्ता अपनाया। फतेहाबाद निवासी रवि कुमार और रिपन सगे भाई हैं जबकि नितेश उनका जीजा है। हांसी निवासी रवि इनका रिश्तेदार है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने यह भी बताया कि ठगी गई रकम क्रिकेट सट्टा में लगाते थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने हरियाणा, पंजाब, उड़ीसा और राजस्थान तक अपना नेटवर्क फैला रखा था। गिरोह फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोगों को इंश्योरेंस पॉलिसी और अन्य योजनाओं के नाम पर झांसा देते थे।
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इस मामले में पुलिस ने पहले कुरुक्षेत्र के टंगोली निवासी मुकेश, चनालहेड़ी निवासी बंटी कुमार और दिल्ली निवासी दीपक को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
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10 हजार में कुरुक्षेत्र के युवकों ने बेचे थे बैंक खाते
ठगी मामले में पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पहले कुरुक्षेत्र निवासी मुकेश और बंटी को गिरफ्तार किया था। इन्होंने दीपक को 10-10 हजार रुपये में बैंक खाते बेचे थे। दीपक ने इन खातों को फतेहाबाद के जीजा-साला गिरोह को बेचा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने गुरुग्राम में किराये पर मकान ले रखा था। यहां पर बैठकर वह ठगी का गिरोह चलाते थे। आरोपी दीपक इन्हें बैंक खाते उपलब्ध करवाता था। ठगी के मामले में रिपन दिमाग लगाता था। सभी आरोपी बारहवीं कक्षा पास हैं।
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फर्जी पॉलिसी का झांसा देकर करते थे ठगी
एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने बताया कि भारतीय सेना में लांस नायक के पद पर कार्यरत बलजिंद्र सिंह ने शिकायत दी थी कि आरोपियों ने स्वयं को एक प्रतिष्ठित लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कस्टमर आईडी बनाने एवं विशेष लाभ दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने उसे विश्वास में लेकर विभिन्न बैंक खातों में अलग-अलग किश्तों में 4,46,882 जमा करवा लिए। राशि प्राप्त करने के बाद न तो कोई पॉलिसी संबंधी लाभ दिया गया और न ही राशि वापस की गई। साइबर ठगी का शिकार महसूस होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दी थी।
मामले की जांच के दौरान साइबर थाना पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, यूपीआई ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कर पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद 8 जुलाई को गिरफ्तार किए गए आरोपी हांसी निवासी रवि कुमार उर्फ रवि एवं फतेहाबाद के रवि कुमार को न्यायालय में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गिरोह के दो अन्य गुर्गों रिपन एवं नितेश कुमार को भी गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के तार ओडिशा, पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से जुड़े हुए हैं।
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आरोपियों से नकदी बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल,एक लैपटॉप, प्रिंटर, तीन सिम कार्ड, एक एटीएम कार्ड, वीआई कंपनी के फर्जी टावर लगाने से संबंधित दस्तावेज तथा दो कंपनियों के नाम की तीन फर्जी मुहर बरामद की हैं। पुलिस ने आरोपी रवि कुमार उर्फ रवि से 10,000, रवि कुमार से 15,000, रिपन से 20,000 तथा नितेश कुमार से 20,000 रुपये बरामद किए हैं।
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साइबर ठगी मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। साइबर ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों, मोबाइल सिम, वित्तीय लेन-देन, डिजिटल ट्रांजेक्शन तथा गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान के प्रयास जारी हैं। आमजन से अपील की कि किसी भी व्यक्ति द्वारा फोन, सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यम से निवेश, बीमा, केवाईसी, कस्टमर आईडी, लॉटरी अथवा किसी भी प्रकार के वित्तीय लाभ का लालच दिए जाने पर बिना सत्यापन कोई राशि जमा न करें।
- दिव्यांशी सिंगला, एएसपी
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आरोपियों रवि कुमार उर्फ रवि निवासी हांसी, गांव बरसीन के रवि और रिपन हाल निवासी अशोक नगर और नितेश कुमार निवासी भट्ठा कॉलोनी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि जल्दी अमीर बनने की चाह में उन्होंने साइबर ठगी का रास्ता अपनाया। फतेहाबाद निवासी रवि कुमार और रिपन सगे भाई हैं जबकि नितेश उनका जीजा है। हांसी निवासी रवि इनका रिश्तेदार है।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने यह भी बताया कि ठगी गई रकम क्रिकेट सट्टा में लगाते थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने हरियाणा, पंजाब, उड़ीसा और राजस्थान तक अपना नेटवर्क फैला रखा था। गिरोह फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोगों को इंश्योरेंस पॉलिसी और अन्य योजनाओं के नाम पर झांसा देते थे।
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इस मामले में पुलिस ने पहले कुरुक्षेत्र के टंगोली निवासी मुकेश, चनालहेड़ी निवासी बंटी कुमार और दिल्ली निवासी दीपक को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
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10 हजार में कुरुक्षेत्र के युवकों ने बेचे थे बैंक खाते
ठगी मामले में पुलिस ने जब जांच शुरू की तो पहले कुरुक्षेत्र निवासी मुकेश और बंटी को गिरफ्तार किया था। इन्होंने दीपक को 10-10 हजार रुपये में बैंक खाते बेचे थे। दीपक ने इन खातों को फतेहाबाद के जीजा-साला गिरोह को बेचा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने गुरुग्राम में किराये पर मकान ले रखा था। यहां पर बैठकर वह ठगी का गिरोह चलाते थे। आरोपी दीपक इन्हें बैंक खाते उपलब्ध करवाता था। ठगी के मामले में रिपन दिमाग लगाता था। सभी आरोपी बारहवीं कक्षा पास हैं।
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फर्जी पॉलिसी का झांसा देकर करते थे ठगी
एएसपी दिव्यांशी सिंगला ने बताया कि भारतीय सेना में लांस नायक के पद पर कार्यरत बलजिंद्र सिंह ने शिकायत दी थी कि आरोपियों ने स्वयं को एक प्रतिष्ठित लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कस्टमर आईडी बनाने एवं विशेष लाभ दिलाने का झांसा दिया। आरोपियों ने उसे विश्वास में लेकर विभिन्न बैंक खातों में अलग-अलग किश्तों में 4,46,882 जमा करवा लिए। राशि प्राप्त करने के बाद न तो कोई पॉलिसी संबंधी लाभ दिया गया और न ही राशि वापस की गई। साइबर ठगी का शिकार महसूस होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दी थी।
मामले की जांच के दौरान साइबर थाना पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, यूपीआई ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कर पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद 8 जुलाई को गिरफ्तार किए गए आरोपी हांसी निवासी रवि कुमार उर्फ रवि एवं फतेहाबाद के रवि कुमार को न्यायालय में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गिरोह के दो अन्य गुर्गों रिपन एवं नितेश कुमार को भी गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के तार ओडिशा, पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से जुड़े हुए हैं।
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आरोपियों से नकदी बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल,एक लैपटॉप, प्रिंटर, तीन सिम कार्ड, एक एटीएम कार्ड, वीआई कंपनी के फर्जी टावर लगाने से संबंधित दस्तावेज तथा दो कंपनियों के नाम की तीन फर्जी मुहर बरामद की हैं। पुलिस ने आरोपी रवि कुमार उर्फ रवि से 10,000, रवि कुमार से 15,000, रिपन से 20,000 तथा नितेश कुमार से 20,000 रुपये बरामद किए हैं।
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साइबर ठगी मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। साइबर ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों, मोबाइल सिम, वित्तीय लेन-देन, डिजिटल ट्रांजेक्शन तथा गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान के प्रयास जारी हैं। आमजन से अपील की कि किसी भी व्यक्ति द्वारा फोन, सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यम से निवेश, बीमा, केवाईसी, कस्टमर आईडी, लॉटरी अथवा किसी भी प्रकार के वित्तीय लाभ का लालच दिए जाने पर बिना सत्यापन कोई राशि जमा न करें।
- दिव्यांशी सिंगला, एएसपी