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Fatehabad News: डीसी कार्यालय से चला बोगस फर्म का खेल, आबकारी विभाग मूंदे रहा आंखें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Nov 2023 10:56 PM IST
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Bogus firm's game running from DC office, Excise department turning a blind eye
फतेहाबाद। जिला सूचना एवं प्रौद्योगिकी सोसायटी में बोगस फर्म के साथ लेनदेन का खेल डीसी कार्यालय से चलता रहा, इसलिए आबकारी विभाग भी आंखें मूंदे बैठा रहा। इस मामले में डीसी के पीए ऋषिकेश के अलावा अनुबंधित आधार पर रखे गए लेखाकार की भूमिका भी संदेहास्पद है। इस पूरे खेल का पर्दाफाश मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के पास गई गुप्त सूचना के बाद हुआ है। इसके बाद लघु सचिवालय में खलबली मच गई है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने आगामी जांच आबकारी विभाग के अधिकारियों को सौंप दी है। मगर इस जांच पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते कार्यालय की भी पैनी नजर रहेगी। हालांकि, मामला डीसी कार्यालय से जुड़ा होने के कारण इसे दबाने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं।गौरतलब है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने सब इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह के नेतृत्व में आबकारी अधिकारियों को साथ लेकर केएन इंटरनेशनल फर्म के पते पर छापे की कार्रवाई की थी। फतेहाबाद में केएन इंटरनेशनल फर्म को डीआईटीएस में स्टेशनरी व अन्य सामान देने के लिए अनुबंधित किया गया था। इस कंपनी ने जुलाई व सितंबर महीने में डीआईटीएस को स्टेशनरी का सामान उपलब्ध करवाया था। यह फर्म डीसी के पीए ऋषिकेश की पत्नी नरेश रानी और नरेश रानी की भाभी कृष्णा की पार्टनरशिप में बनी हुई है। फर्म के दर्शाए गए पते पर किराने की दुकान चलती हुई मिली थी।
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लेखाकार की भूमिका इसलिए संदेहास्पद
फर्म का जो पता दिखाया गया है, वह भट्टू रोड पर वेयरहाउस के पास का घर है। इसी घर में किरयाणा की दुकान भी चल रही है। यह घर डीआईटीएस में ही अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारी सोहनलाल का है। सोहनलाल अकाउंटेंट का काम करता है। इस कारण बिलों की अदायगी का काम भी वही देखता है। माना जा रहा है कि सामान कम दिया गया जबकि बिल ज्यादा के पास किए गए हैं। अभी जांच के दौरान और भी खुलासे होने की संभावना है।
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सात साल से लंबित है सालाना ऑडिट
डीआईटीएस को सामान उपलब्ध करवाने वाली कंपनी पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते द्वारा मारे गए छापे के बाद कई खुलासे हो रहे हैं। बड़ा खुलासा यह हुआ है कि डीआईटीएस ने 2016 से सालाना ऑडिट ही जमा नहीं करवाई है। डीआईटीएस को हर साल भट्टू रोड पर स्थित फर्म एवं सोसायटी रजिस्ट्रार के कार्यालय में ऑडिट जमा करवानी होती है। मगर आरटीआई कार्यकर्ता एवं बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एडवोकेट सुशील बिश्नोई ने बताया कि 2016 से अब तक ऑडिट की जानकारी ही नहीं दी गई है। जब उन्होंने आरटीआई के माध्यम से 2016 से अक्तूबर 2023 की डीआईटीसी से जानकारी मांगी तो उनको भी यह जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई गई है।
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आठ साल पहले डीसी को दी थी इनोवा, आज तक नहीं मिला आरटीआई का जवाब
डीआईटीएस में खेल नया नहीं है। आठ साल पहले डीआईटीएस के पैसे से तत्कालीन डीसी को इनोवा गाड़ी खरीद कर दी गई थी। मगर इनोवा गाड़ी किस फंड से ली गई, इसका जवाब आज तक नहीं दिया गया है। आरटीआई कार्यकर्ता सुशील बिश्नोई ने इसको लेकर आरटीआई लगाई थी, जिसका उन्हें अभी तक जवाब नहीं मिला है।

फर्म निकली है बोगस, दिया नोटिस : ईटीओ
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने भट्टू रोड पर एक फर्म को लेकर छापा मारा था। यहां पर फर्म का कोई कार्यालय नहीं पाया गया है। फर्म का पता व फर्म बोगस निकली है। इस मामले में फर्म को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।

-लव कुमार, ईटीओ, फतेहाबाद

सोमवार से शुरू करेंगे जांच : डीईटीसी
मुझे किसी फर्म की सूचना मिली है, जो फर्जी पते पर बताई गई है। इस मामले में मेरे पास रिपोर्ट नहीं आई है। सोमवार को इस मामले की जांच आरंभ की जाएगी। जिसमें कंपनी की भूमिका का पता लगाया जाएगा।
-अनु सिंह, डीईटीसी, आबकारी एवं काराधान, फतेहाबाद
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