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नागरिक अस्पताल में जल्द शुरू होगी ब्लड कंपोनेट सेपरेटर यूनिट
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स्वास्थ्य विभाग के निदेशक अस्पताल के निरीक्षण के दौरान निर्देश देते हुए।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में ब्लड कंपोनेट सेपरेटर यूनिट लगाने की एक बार फिर से तैयारी शुरू हो गई है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. रणदीप सिंह पूनिया ने अस्पताल का निरीक्षण किया। पूनिया ने ब्लड बैंक का भी जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान ब्लड बैंक के अंदर जगह की कमी के चलते कंपोनेट सेपरेटर यूनिट को लगाना असंभव बताया गया और इसके लिए अन्य जगह का चयन करके प्रपोजल भेजने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान निदेशक ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र की बिल्डिंग के लिए जो बजट आया है उसे वापस न भेजकर उससे बिल्डिंग बनाई जाए। नई बिल्डिंग में नशा मुक्ति केंद्र में शुरू किया जाए। ब्लड बैंक और मौजूदा नशा मुक्ति केंद्र की बिल्डिंग को मिलाकर ब्लड कंपोनेट यूनिट शुरू की जाए।
डायरेक्टर ने दो डॉक्टरों के एप्रेन नहीं लगाने पर फटकार लगाई। करीब 20 मिनट तक निदेशक अस्पताल में रहे। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत, उप सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप, डॉ. हनुमान, एसएमओ डॉ. राजेश चौधरी, मनोचिकित्सक डॉ. गिरीश, मेजर डॉ. शरद तुली व अन्य स्टाफ मौजूद रहे।
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चार साल पहले भेजी गई थी मशीनें
नागरिक अस्पताल में ब्लड कंपोनेट सेपरेटर यूनिट लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने करीब चार साल पहले मशीनें भेजी थी। ये मशीनें दो साल तक डिब्बे में बंद रही, कोई अधिकारी सुध लेने नहीं आया। इसके बाद मशीनों को अग्रोहा मेडिकल में आरटीपीसीआर लैब के लिए भेज दिया गया। अब दोबारा विभाग ने मशीनें भेजी है, लेकिन जगह नहीं है। जगह के चयन को लेकर शनिवार को डायरेक्टर ने निरीक्षण किया। अब सिविल सर्जन प्रपोजल बनाकर भेजेंगी इसके बाद योजना सिरे चढ़ेगी।
यूनिट शुरू हुई तो प्लेटलेट्स के लिए मरीजों को नहीं होगा भटकना
नागरिक अस्पताल में अगर ब्लड कंपोनेट सेपरेटर यूनिट शुरू होती है तो इसका फायदा कई मरीजों को होगा। एक यूनिट रक्त से तीन मरीजों की जान बच सकेगी। मरीज को ब्लड के जिस कंपोनेंट की जरूरत होगी, उसे वही कंपोनेट दिया जा सकेगा। थैलेसीमिया के मरीजों को आरबीसी की जरूरत होती है और मशीन के माध्यम से उसे आरबीसी ही दिया जा सकेगा। इसी तरह से डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स की जरूरत है तो उसे प्लेटलेट्स दी जा सकेगी। फिलहाल मरीजों को ब्लड कंपोनेट के लिए हिसार-सिरसा जाना पड़ रहा है।
अग्रोहा मेडिकल में शुरू होगा एआरटी सेंटर
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में एचआईवी मरीजों के लिए एआरटी सेंटर शुरू होगा। इसको लेकर भी निदेशक डॉ.रणदीप सिंह पूनिया ने अग्रोहा मेडिकल में निरीक्षण किया। डॉ.पूनिया ने बताया कि यहां पर एचआईवी मरीजों के लिए एआरटी सेंटर बनाना प्रस्तावित है। इसको लेकर जगह का निरीक्षण किया गया। एआरटी सेंटर बनने यहां के मरीजों को उपचार और दवा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
कोट
नागरिक अस्पताल में ब्लड कंपोनेट सेपरेटर यूनिट स्थापित की जानी है। इसको लेकर अस्पताल का निरीक्षण किया गया। सिविल सर्जन को प्रपोजल बनाकर भेजने के निर्देश दिए हैं। अगर नई बिल्डिंग बनाने का जरूरत है तो वह भी बना ली जाएगी। जिले में डॉक्टरों की जो कमी है उसे पूरा कर लिया जाएगा। पीएचसी से लेकर नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की कमी नहीं रहेगी।
-डॉ. रणदीप सिंह पूनिया, निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, पंचकूला
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निरीक्षण के दौरान ब्लड बैंक के अंदर जगह की कमी के चलते कंपोनेट सेपरेटर यूनिट को लगाना असंभव बताया गया और इसके लिए अन्य जगह का चयन करके प्रपोजल भेजने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान निदेशक ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र की बिल्डिंग के लिए जो बजट आया है उसे वापस न भेजकर उससे बिल्डिंग बनाई जाए। नई बिल्डिंग में नशा मुक्ति केंद्र में शुरू किया जाए। ब्लड बैंक और मौजूदा नशा मुक्ति केंद्र की बिल्डिंग को मिलाकर ब्लड कंपोनेट यूनिट शुरू की जाए।
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डायरेक्टर ने दो डॉक्टरों के एप्रेन नहीं लगाने पर फटकार लगाई। करीब 20 मिनट तक निदेशक अस्पताल में रहे। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत, उप सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप, डॉ. हनुमान, एसएमओ डॉ. राजेश चौधरी, मनोचिकित्सक डॉ. गिरीश, मेजर डॉ. शरद तुली व अन्य स्टाफ मौजूद रहे।
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चार साल पहले भेजी गई थी मशीनें
नागरिक अस्पताल में ब्लड कंपोनेट सेपरेटर यूनिट लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने करीब चार साल पहले मशीनें भेजी थी। ये मशीनें दो साल तक डिब्बे में बंद रही, कोई अधिकारी सुध लेने नहीं आया। इसके बाद मशीनों को अग्रोहा मेडिकल में आरटीपीसीआर लैब के लिए भेज दिया गया। अब दोबारा विभाग ने मशीनें भेजी है, लेकिन जगह नहीं है। जगह के चयन को लेकर शनिवार को डायरेक्टर ने निरीक्षण किया। अब सिविल सर्जन प्रपोजल बनाकर भेजेंगी इसके बाद योजना सिरे चढ़ेगी।
यूनिट शुरू हुई तो प्लेटलेट्स के लिए मरीजों को नहीं होगा भटकना
नागरिक अस्पताल में अगर ब्लड कंपोनेट सेपरेटर यूनिट शुरू होती है तो इसका फायदा कई मरीजों को होगा। एक यूनिट रक्त से तीन मरीजों की जान बच सकेगी। मरीज को ब्लड के जिस कंपोनेंट की जरूरत होगी, उसे वही कंपोनेट दिया जा सकेगा। थैलेसीमिया के मरीजों को आरबीसी की जरूरत होती है और मशीन के माध्यम से उसे आरबीसी ही दिया जा सकेगा। इसी तरह से डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स की जरूरत है तो उसे प्लेटलेट्स दी जा सकेगी। फिलहाल मरीजों को ब्लड कंपोनेट के लिए हिसार-सिरसा जाना पड़ रहा है।
अग्रोहा मेडिकल में शुरू होगा एआरटी सेंटर
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में एचआईवी मरीजों के लिए एआरटी सेंटर शुरू होगा। इसको लेकर भी निदेशक डॉ.रणदीप सिंह पूनिया ने अग्रोहा मेडिकल में निरीक्षण किया। डॉ.पूनिया ने बताया कि यहां पर एचआईवी मरीजों के लिए एआरटी सेंटर बनाना प्रस्तावित है। इसको लेकर जगह का निरीक्षण किया गया। एआरटी सेंटर बनने यहां के मरीजों को उपचार और दवा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
कोट
नागरिक अस्पताल में ब्लड कंपोनेट सेपरेटर यूनिट स्थापित की जानी है। इसको लेकर अस्पताल का निरीक्षण किया गया। सिविल सर्जन को प्रपोजल बनाकर भेजने के निर्देश दिए हैं। अगर नई बिल्डिंग बनाने का जरूरत है तो वह भी बना ली जाएगी। जिले में डॉक्टरों की जो कमी है उसे पूरा कर लिया जाएगा। पीएचसी से लेकर नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों की कमी नहीं रहेगी।
-डॉ. रणदीप सिंह पूनिया, निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, पंचकूला