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Fatehabad News: बीआईएस टीम का ज्वेलरी दुकान पर छापा
Sat, 12 Oct 2024 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 12 Oct 2024 01:27 AM IST
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रतिया के मैसर्ज जगदीश ज्लवेर पर पहुंची भारतीय मानक ब्यूरो के हरियाणा कार्यालय की टीम।
फतेहाबाद। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के हरियाणा शाखा कार्यालय के अधिकारियों की टीम ने रतिया में मैसर्स जगदीश ज्वेलर के यहां छापा मारा। इस दौरान फर्म को लेजर मशीन द्वारा सोने के आभूषणों पर बीआईएस मानक चिह्न (हॉलमार्क) करते हुए पाया गया। इसके बाद मशीन व अन्य टीम ने जब्त कर लिया।
हरियाणा शाखा कार्यालय के निदेशक एवं प्रमुख रमेश के ने बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 के तहत अपराधियों के खिलाफ बीआईएस हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा कार्रवाई शुरू की जाएगी। यह अपराध बीआईएस अधिनियम की धारा 14 और 15 का उल्लंघन है। इसके लिए कारावास की सजा हो सकती है, जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है या जुर्माना भी लगाया जा सकता है, जो एक लाख रुपये से कम नहीं होगा।
बीआईएस अधिनियम, 2016 की धारा 29(2) के अनुसार उत्पादित या बेची गई या बेचने की पेशकश की गई वस्तुओं के मूल्य को पांच गुना तक बढ़ाया जा सकता है। कई बार देखा गया है कि भारी मुनाफे के लिए नकली आईएसआई मार्क वाले उत्पाद बनाकर आम उपभोक्ताओं को बेचे जाते हैं। इसलिए, लोगों को खरीदारी से पहले बीआईएस वेबसाइट http://www.bis.gov.in पर जाकर या बीआईएस-केयर एप के माध्यम से उत्पाद पर आईएसआई मार्क की वास्तविकता का पता लगाना चाहिए।
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उन्होंने आमजन से अपील की है कि यदि उन्हें किसी उत्पाद पर आईएसआई मार्क के दुरुपयोग का कोई मामला मिलता है, तो इसकी सूचना प्रमुख हरियाणा शाखा कार्यालय चंडीगढ़ को दें। ऐसी शिकायतें ईमेल mdch1@ bis.gov.in या complaints@ bis.gov.in पर या फिर टेलीफोन नंबर 0172-2650290 पर भी की जा सकती हैं। सूचना देने वाले की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।ा
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हरियाणा शाखा कार्यालय के निदेशक एवं प्रमुख रमेश के ने बताया कि भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 के तहत अपराधियों के खिलाफ बीआईएस हरियाणा शाखा कार्यालय द्वारा कार्रवाई शुरू की जाएगी। यह अपराध बीआईएस अधिनियम की धारा 14 और 15 का उल्लंघन है। इसके लिए कारावास की सजा हो सकती है, जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है या जुर्माना भी लगाया जा सकता है, जो एक लाख रुपये से कम नहीं होगा।
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बीआईएस अधिनियम, 2016 की धारा 29(2) के अनुसार उत्पादित या बेची गई या बेचने की पेशकश की गई वस्तुओं के मूल्य को पांच गुना तक बढ़ाया जा सकता है। कई बार देखा गया है कि भारी मुनाफे के लिए नकली आईएसआई मार्क वाले उत्पाद बनाकर आम उपभोक्ताओं को बेचे जाते हैं। इसलिए, लोगों को खरीदारी से पहले बीआईएस वेबसाइट http://www.bis.gov.in पर जाकर या बीआईएस-केयर एप के माध्यम से उत्पाद पर आईएसआई मार्क की वास्तविकता का पता लगाना चाहिए।
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उन्होंने आमजन से अपील की है कि यदि उन्हें किसी उत्पाद पर आईएसआई मार्क के दुरुपयोग का कोई मामला मिलता है, तो इसकी सूचना प्रमुख हरियाणा शाखा कार्यालय चंडीगढ़ को दें। ऐसी शिकायतें ईमेल mdch1