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Fatehabad News: सरकारी खरीद हुई बंद तो बासमती धान के भाव में 700 रुपये प्रति क्विंटल की आई तेजी

Thu, 20 Nov 2025 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Thu, 20 Nov 2025 11:22 PM IST
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Basmati rice prices rose by Rs 700 per quintal after government procurement was halted.
फतेहाबाद की नई अनाज मंडी में रखी धान की ढेरियां। संवाद
फतेहाबाद। पिछले एक सप्ताह में बासमती धान के भाव में आई तेजी से किसानों को राहत मिली है। बासमती धान के दामों में 700 रुपये प्रति क्विंटल तक का उछाल दर्ज किया गया है, जिससे धान उत्पादकों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलना शुरू हो गया है। इन दिनों अनाज मंडियों में बासमती धान की आवक में तेजी आई है।
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बासमती धान की कई प्रमुख किस्मों के भाव में तेजी आई है। बासमती की लोकप्रिय किस्म 1401 अब 3700 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है। यह पिछले हफ्तों के मुकाबले 700 रुपये की बढ़ोतरी है। धान की किस्म 1509 के भाव में भी 200 रुपये से लेकर 400 रुपये प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी के साथ ही 3100 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है।
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किस्म 1701 का भाव 3900 रुपये, किस्म 1885 का 3625 रुपये क्विंटल। बासमती की इन किस्मों के भाव में आई तेजी ने निर्यातकों और राइस मिलर्स की तरफ से मांग बढ़ रही है।
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वहीं इस तेजी ने किसानों ने राहत दी है, जिन्होंने बासमती धान की रोपाई की है। शुरुआती सीजन में कम भाव मिलने से किसान हताश थे, लेकिन अब मौजूदा भाव उनकी लागत और मेहनत का उचित भाव मिल रहा हैं। आने वाले दिनों में अगर निर्यात की मांग बनी रहती है, तो बासमती धान के भाव में और तेजी आ सकती है। किसानों के लिए यह समय अपनी फसल को सही दाम पर बेचने के लिए अनुकूल है।

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तेजी के कारण और किसानों को राहत

बासमती धान के भाव में आई तेजी को लेकर निजी व्यापारी जगदीश, सुरेश, नरेश और आत्माराम आदि ने बताया कि इस तेजी के कई कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय बासमती चावल की मांग बढ़ने लगी है। साथ ही, घरेलू स्तर पर भी अच्छी गुणवत्ता वाले पुराने स्टॉक की कमी और नई फसल की आवक कम होने से कीमतों को बल मिला है। वहीं कुछ व्यापारियों का कहना है कि जिले की अनाज मंडियों में अब परमल (गैर-बासमती) धान की आवक लगभग बंद हो गई है। परमल धान की आवक बंद होने से अब केवल बासमती की ही खरीद हो रही है। जिससे बासमती की मांग और कीमतों में वृद्धि हुई है।

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:: मंडियों में अब लगभग बासमती धान की आवक हो रही है। व्यापारी व राइस मिलर्स अपनी जरूरत के अनुसार धान खरीद कर रहे हैं।
-यशपाल मेहता, सचित मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।
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