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दिवाली की रात खराब हुई हवा, एक्यूआई 301
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फतेहाबाद के जवाहर चौक में रोक के बावजूद पटाखे जलाते हुए।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। दिवाली की रात से जिले की हवा खराब हो गई है। सांस लेने के साथ-साथ आंखों में जलन शुरू हो गई है। एक्यूआई 301 तक पहुंच गया है। बढ़े हुए वायु प्रदूषण के कारण हालात गंभीर हो गए हैं। पटाखों की बिक्री से लेकर बजाने तक पर रोक लगाने वाला प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। पटाखे बजाने से रोकने के लिए बकायदा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई, लेकिन फिर भी रात को जमकर पटाखे बजते रहे। जिम्मेदार अफसरों की खामोशी के कारण लोगों की सांस आफत में आ गई है।
यही नहीं किसानों ने भी दिवाली का फायदा उठाकर खेतों में जमकर पराली जलाई। कृषि विभाग को प्रदेश में सबसे ज्यादा फतेहाबाद में 92 जगहों की लोकेशन मिली है जहां पर पराली जलाई गई है। हालात ये हो गए कि बुधवार को जहां एक्यूआई 210 था, वह वीरवार रात को बढ़कर 301 तक पहुंच गया। शुक्रवार सुबह एक्यूआई 232 दर्ज किया गया है। धूप निकलने के कारण शुक्रवार दोपहर तक एक्यूआई 201 तक पहुंच गया।
गोदामों से दूसरी जगह ले जाकर बेचे गए पटाखे
प्रशासन ने दिवाली से चार दिन पहले पटाखों की बिक्री और बजाने पर रोक लगा दी थी। लेकिन बावजूद इसके जिले में खूब पटाखे बिके। अनुमान के मुताबिक जिले में करीब दो करोड़ रुपये के पटाखे बेच दिए गए। गोदामों के बाहर कहने को प्रशासन ने पीसीआर और कर्मचारी तैनात कर दिए थे लेकिन गोदामों से एक दिन पहले दूसरी जगहों पर पटाखे शिफ्ट कर दिए गए थे। अवैध तरीके से गोदाम संचालकों ने पटाखे बेचे। रात को पहले की तरह खूब पटाखे चलाए गए। प्रशासन ने सिर्फ कागजों में ही बैन कर रखा था। उपायुक्त महावीर कौशिक ने इस पर रोक के लिए डीएमसी, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, ईओ, डीएसपी, थाना प्रभारियों की ड्यूटी लगाई थी लेकिन कोई अफसर फील्ड में नहीं उतरा।
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दिवाली की रात किसानों ने जलाई पराली
पिछले करीब सात दिनों से जिले की आबोहवा खराब हो रही है। सांस लेने और आंखों में जलन होने लगी है। कारण ये ही है कि खेतों में पराली जल रही है। दिवाली की रात 80 लोकेशन मिली है जहां पर पराली जलाई गई है। अब तक जिले में 523 लोकेशन पराली जलाने की मिल चुकी है।
जानिए कितना एक्यूआई है खतरनाक
एक्यूआई स्थिति
0-50 अच्छा
51-100 संतोषजनक
101-200 थोड़ा प्रदूषित
201-300 खराब
301-400 बहुत खराब
401-500 गंभीर
पिछली दिवाली ये थी एक्यूआई
वर्ष एक्यूआई
14 नवंबर 2020 491
4 नवंबर 2021 301
लोकेशन मिलने पर टीम कर रही है निरीक्षण : उप कृषि निदेशक
हरसेक से हमें आग लगने की लोकेशन मिल रही है, वहां पर टीम को मौके पर भेजा जा रहा है। जांच में पराली जलाने का पता लगने पर टीम जुर्माना कर रही है। अहम बात यह है कि पिछले वर्षों की तुलना में पराली कम जल रही है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है और लोग जागरूक हो भी रहे है। किसानों से भी अपील है कि वह पराली न जलाएं।
डॉ. राजेश सिहाग, उप कृषि निदेशक फतेहाबाद।
कोट
एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब होने के कारण आंखों में जलन होने लगती है, पिछले चार से पंाच दिनों में हवा में प्रदूषण के कारण दिक्कत हो रही है। ऐसे में आंखों को धुएं से बचाना है तो बाहर निकलते समय चश्मा अवश्य लगाएं। आंखों को बंद करके पानी की छींटे मारे। डॉक्टर की सलाह से दवाई लें।
- डॉ. राजेश चौधरी, एसएमओ एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ फतेहाबाद।
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यही नहीं किसानों ने भी दिवाली का फायदा उठाकर खेतों में जमकर पराली जलाई। कृषि विभाग को प्रदेश में सबसे ज्यादा फतेहाबाद में 92 जगहों की लोकेशन मिली है जहां पर पराली जलाई गई है। हालात ये हो गए कि बुधवार को जहां एक्यूआई 210 था, वह वीरवार रात को बढ़कर 301 तक पहुंच गया। शुक्रवार सुबह एक्यूआई 232 दर्ज किया गया है। धूप निकलने के कारण शुक्रवार दोपहर तक एक्यूआई 201 तक पहुंच गया।
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गोदामों से दूसरी जगह ले जाकर बेचे गए पटाखे
प्रशासन ने दिवाली से चार दिन पहले पटाखों की बिक्री और बजाने पर रोक लगा दी थी। लेकिन बावजूद इसके जिले में खूब पटाखे बिके। अनुमान के मुताबिक जिले में करीब दो करोड़ रुपये के पटाखे बेच दिए गए। गोदामों के बाहर कहने को प्रशासन ने पीसीआर और कर्मचारी तैनात कर दिए थे लेकिन गोदामों से एक दिन पहले दूसरी जगहों पर पटाखे शिफ्ट कर दिए गए थे। अवैध तरीके से गोदाम संचालकों ने पटाखे बेचे। रात को पहले की तरह खूब पटाखे चलाए गए। प्रशासन ने सिर्फ कागजों में ही बैन कर रखा था। उपायुक्त महावीर कौशिक ने इस पर रोक के लिए डीएमसी, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, ईओ, डीएसपी, थाना प्रभारियों की ड्यूटी लगाई थी लेकिन कोई अफसर फील्ड में नहीं उतरा।
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दिवाली की रात किसानों ने जलाई पराली
पिछले करीब सात दिनों से जिले की आबोहवा खराब हो रही है। सांस लेने और आंखों में जलन होने लगी है। कारण ये ही है कि खेतों में पराली जल रही है। दिवाली की रात 80 लोकेशन मिली है जहां पर पराली जलाई गई है। अब तक जिले में 523 लोकेशन पराली जलाने की मिल चुकी है।
जानिए कितना एक्यूआई है खतरनाक
एक्यूआई स्थिति
0-50 अच्छा
51-100 संतोषजनक
101-200 थोड़ा प्रदूषित
201-300 खराब
301-400 बहुत खराब
401-500 गंभीर
पिछली दिवाली ये थी एक्यूआई
वर्ष एक्यूआई
14 नवंबर 2020 491
4 नवंबर 2021 301
लोकेशन मिलने पर टीम कर रही है निरीक्षण : उप कृषि निदेशक
हरसेक से हमें आग लगने की लोकेशन मिल रही है, वहां पर टीम को मौके पर भेजा जा रहा है। जांच में पराली जलाने का पता लगने पर टीम जुर्माना कर रही है। अहम बात यह है कि पिछले वर्षों की तुलना में पराली कम जल रही है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है और लोग जागरूक हो भी रहे है। किसानों से भी अपील है कि वह पराली न जलाएं।
डॉ. राजेश सिहाग, उप कृषि निदेशक फतेहाबाद।
कोट
एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब होने के कारण आंखों में जलन होने लगती है, पिछले चार से पंाच दिनों में हवा में प्रदूषण के कारण दिक्कत हो रही है। ऐसे में आंखों को धुएं से बचाना है तो बाहर निकलते समय चश्मा अवश्य लगाएं। आंखों को बंद करके पानी की छींटे मारे। डॉक्टर की सलाह से दवाई लें।
- डॉ. राजेश चौधरी, एसएमओ एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ फतेहाबाद।

फतेहाबाद में दिन समय छाया धुआं।- फोटो : Fatehabad