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अंतिम चरण में 3 डिग्री तापमान के बीच 85.6 प्रतिशत मतदान
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Mon, 25 Jan 2016 12:04 AM IST
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कड़ाके की ठंड के बावजूद रतिया में 86.2 जबकि जाखल में 85.3 फीसदी मतदान हुआ। तीनों चरणों के मतदान शांतिपूर्वक निपटने से जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
अब सबकी नजरें 28 को जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के होने वाली मतगणना पर टिक गई हैं। रविवार को पंचायत चुनावों के चलते रतिया और जाखल ब्लॉक में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे।
सुरक्षा प्रबंधों को लेकर खुद पुलिस कप्तान ओपी नरवाल रविवार को पूरे दिन जाखल और रतिया के गांवों का दौरा करते रहे।
रतिया में 228 और जाखल में 91 बूथों पर हुई वोटिंग, मुस्तैद रहे पुलिस कर्मी
तीसरे चरण में रतिया ब्लॉक के 228 जबकि जाखल ब्लॉक में 91 बूथों पर वोटिंग हुई। रतिया में कुल 65 पंचायतों के लिए चुनाव होने थे जिसमें 7 पूरी पंचायत का चयन पहले ही सर्वसम्मति से कर लिया गया था।
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इसके अलावा 5 और सरपंच भी सर्वसम्मति से चुने जा चुके थे। इसके अलावा रतिया खंड से 30 ब्लॉक समिति सदस्यों के लिए भी भी वोटिंग करवाई गई।
जाखल में 24 पंचायतों के चुनाव प्रस्तावित थे लेकिन दो ग्राम पंचायतें एवं एक सरपंच निर्विरोध पहले ही चुने गए। रविवार को बाकी बची पंचायतों एवं 12 ब्लॉक समिति सदस्यों के लिए भी वोटिंग हुई।
जिला प्रशासन की ओर से तीसरे चरण के मतदान के लिए 1645 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी, वहीं सुरक्षा प्रबंधों के लिए भी 1050 पुलिस कर्मचारी लगातार अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहे।
यहां यहां हुए हंगामे
रतिया ब्लॉक के गांव भरपूर में चुनाव से एक रात पहले दो उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच झगड़े की सूचना है। बताया गया है कि वोट खरीदने के आरोपों के बीच विवाद हुआ था।
पुलिस ने रात को ही मौके पर पहुंचकर झगड़ा बंद करवा दिया। गांव नंगल में बूथ न.180 में उम्मीदवारों के समर्थकों में बहसबाजी होने के कारण 20 मिनट तक मतदान प्रभावित रहा।
इसी तरह गांव बलियाला में मृतक का वोट डालने को लेकर काफी हंगामा हो गया। लेकिन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मामले को संभाला। गांव अलीका में वोटों की खरीद की अफवाहों को लेकर भी तनाव हुआ।
गांव नुक्केआना में ईवीएम मशीन की खराबी के कारण सुबह लगभग 15 मिनट तक मतदान रुका रहा। नंगल में चुनाव परिणाम आने के बाद पराजित उम्मीदवार के समर्थकों द्वारा भी हंगामा किया गया।
अंतिम चरण में न हो कोई अप्रिय घटना, कड़े थे सुरक्षा के प्रबंध
आखिरी चरण के चुनाव में किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। रतिया और जाखल के इंट्री प्वाइंट्स पर बाकायदा पुलिस नाके लगाए गए थे, जो आने-जाने वाले वाहनों की पूरी तरह से जांच कर रहे थे।
इसके अलावा इस बार सुरक्षा जांच के लिए बाकायदा पुलिस के कमांडो भी पिछले कई दिनों से ग्रामीण इलाकों पर डटे हुए थे। पुलिस कप्तान के अलावा रतिया सदर थानाध्यक्ष भी लगातार पोलिंग स्टेशनों के दौरे करते रहे। कई गांवों में उन्होंने पोलिंग बूथों के बाहर खड़ी भीड़ को खदेड़ा।
34 गांव थे संवेदनशील और अति संवेदनशील
तीसरे चरण के लिए रतिया और जाखल ब्लॉक में मतदान होना था। प्रशासन की ओर से दोनों खंडों के 34 गांवों को संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा गया था।
रतिया ब्लॉक के चंदोकलां, ढाणी बबनपुर, गंदा, हमजापुर, हांसपुर, हडोली, जल्लोपुर, जांडवाला सोत्र, लादुवास, लाली, महमड़ा, मिराना, मढ़, पिलछियां, रताखेड़ा एवं सरदारेवाला को संवेदनशील एवं अहरवां, अलीका, बादलगढ़, बलियाला, हसंगा, खुनन, मोहम्मदपुर सोत्र व सुखलमपुर को अतिसंवेदनशील की लिस्ट में रखा गया था।
इसी तरह जाखल ब्लॉक के गांव तलवाड़ा, दिवाना, ढेर, गुल्लरवाला, सिढ़ानी को संवेदनशील एवं चांदपुरा, साधनवास, जाखल, जाखल मंडी और चुहड़पुर को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया था। इन गावों में पुलिस की भारी मौजूदगी के बीच चुनाव हुआ।
महिलाओं और बुजुर्गों में दिखा जबरदस्त उत्साह... चारपाई में पहुंचा मरीज
पिछले दोनों चरणों की तरह इस बार भी महिलाओं और बुजुर्गों में वोटिंग को लेकर खासा उत्साह दिखा। इस बार भी ग्रामीण महिलाएं सुबह सवेरे ही वोटिंग के लिए पोलिंग बूथों पर पहुंच गई थी।
इसके अलावा गांवों के बुजुर्गों ने भी मतदान को लेकर खूब रुझान दिखाया। कई बुजुर्गों को उनके परिजन पकड़ कर लाते देखे गए तो अलीका गांव में एक बीमार व्यक्ति को चारपाई समेत उठाकर वोटिंग के लिए लाया गया।
कई पोलिंग बूथों पर महिलाओं के वोटिंग के लिए जाने पर पति बच्चों को संभालते भी देखे गए।
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अब सबकी नजरें 28 को जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के होने वाली मतगणना पर टिक गई हैं। रविवार को पंचायत चुनावों के चलते रतिया और जाखल ब्लॉक में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे।
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सुरक्षा प्रबंधों को लेकर खुद पुलिस कप्तान ओपी नरवाल रविवार को पूरे दिन जाखल और रतिया के गांवों का दौरा करते रहे।
रतिया में 228 और जाखल में 91 बूथों पर हुई वोटिंग, मुस्तैद रहे पुलिस कर्मी
तीसरे चरण में रतिया ब्लॉक के 228 जबकि जाखल ब्लॉक में 91 बूथों पर वोटिंग हुई। रतिया में कुल 65 पंचायतों के लिए चुनाव होने थे जिसमें 7 पूरी पंचायत का चयन पहले ही सर्वसम्मति से कर लिया गया था।
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इसके अलावा 5 और सरपंच भी सर्वसम्मति से चुने जा चुके थे। इसके अलावा रतिया खंड से 30 ब्लॉक समिति सदस्यों के लिए भी भी वोटिंग करवाई गई।
जाखल में 24 पंचायतों के चुनाव प्रस्तावित थे लेकिन दो ग्राम पंचायतें एवं एक सरपंच निर्विरोध पहले ही चुने गए। रविवार को बाकी बची पंचायतों एवं 12 ब्लॉक समिति सदस्यों के लिए भी वोटिंग हुई।
जिला प्रशासन की ओर से तीसरे चरण के मतदान के लिए 1645 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी, वहीं सुरक्षा प्रबंधों के लिए भी 1050 पुलिस कर्मचारी लगातार अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहे।
यहां यहां हुए हंगामे
रतिया ब्लॉक के गांव भरपूर में चुनाव से एक रात पहले दो उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच झगड़े की सूचना है। बताया गया है कि वोट खरीदने के आरोपों के बीच विवाद हुआ था।
पुलिस ने रात को ही मौके पर पहुंचकर झगड़ा बंद करवा दिया। गांव नंगल में बूथ न.180 में उम्मीदवारों के समर्थकों में बहसबाजी होने के कारण 20 मिनट तक मतदान प्रभावित रहा।
इसी तरह गांव बलियाला में मृतक का वोट डालने को लेकर काफी हंगामा हो गया। लेकिन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मामले को संभाला। गांव अलीका में वोटों की खरीद की अफवाहों को लेकर भी तनाव हुआ।
गांव नुक्केआना में ईवीएम मशीन की खराबी के कारण सुबह लगभग 15 मिनट तक मतदान रुका रहा। नंगल में चुनाव परिणाम आने के बाद पराजित उम्मीदवार के समर्थकों द्वारा भी हंगामा किया गया।
अंतिम चरण में न हो कोई अप्रिय घटना, कड़े थे सुरक्षा के प्रबंध
आखिरी चरण के चुनाव में किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। रतिया और जाखल के इंट्री प्वाइंट्स पर बाकायदा पुलिस नाके लगाए गए थे, जो आने-जाने वाले वाहनों की पूरी तरह से जांच कर रहे थे।
इसके अलावा इस बार सुरक्षा जांच के लिए बाकायदा पुलिस के कमांडो भी पिछले कई दिनों से ग्रामीण इलाकों पर डटे हुए थे। पुलिस कप्तान के अलावा रतिया सदर थानाध्यक्ष भी लगातार पोलिंग स्टेशनों के दौरे करते रहे। कई गांवों में उन्होंने पोलिंग बूथों के बाहर खड़ी भीड़ को खदेड़ा।
34 गांव थे संवेदनशील और अति संवेदनशील
तीसरे चरण के लिए रतिया और जाखल ब्लॉक में मतदान होना था। प्रशासन की ओर से दोनों खंडों के 34 गांवों को संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा गया था।
रतिया ब्लॉक के चंदोकलां, ढाणी बबनपुर, गंदा, हमजापुर, हांसपुर, हडोली, जल्लोपुर, जांडवाला सोत्र, लादुवास, लाली, महमड़ा, मिराना, मढ़, पिलछियां, रताखेड़ा एवं सरदारेवाला को संवेदनशील एवं अहरवां, अलीका, बादलगढ़, बलियाला, हसंगा, खुनन, मोहम्मदपुर सोत्र व सुखलमपुर को अतिसंवेदनशील की लिस्ट में रखा गया था।
इसी तरह जाखल ब्लॉक के गांव तलवाड़ा, दिवाना, ढेर, गुल्लरवाला, सिढ़ानी को संवेदनशील एवं चांदपुरा, साधनवास, जाखल, जाखल मंडी और चुहड़पुर को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया था। इन गावों में पुलिस की भारी मौजूदगी के बीच चुनाव हुआ।
महिलाओं और बुजुर्गों में दिखा जबरदस्त उत्साह... चारपाई में पहुंचा मरीज
पिछले दोनों चरणों की तरह इस बार भी महिलाओं और बुजुर्गों में वोटिंग को लेकर खासा उत्साह दिखा। इस बार भी ग्रामीण महिलाएं सुबह सवेरे ही वोटिंग के लिए पोलिंग बूथों पर पहुंच गई थी।
इसके अलावा गांवों के बुजुर्गों ने भी मतदान को लेकर खूब रुझान दिखाया। कई बुजुर्गों को उनके परिजन पकड़ कर लाते देखे गए तो अलीका गांव में एक बीमार व्यक्ति को चारपाई समेत उठाकर वोटिंग के लिए लाया गया।
कई पोलिंग बूथों पर महिलाओं के वोटिंग के लिए जाने पर पति बच्चों को संभालते भी देखे गए।