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Fatehabad News: डीसी का आश्वासन पूरा नहीं हुआ तो ट्रैक पर उतरे किसान, 45 मिनट तक दो ट्रेनें रोकीं
Fri, 23 Oct 2026 10:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 23 Oct 2026 10:42 PM IST
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जाखल में रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान
जाखल। तलवाड़ा फाटक पर अस्थायी रास्ता नहीं खुलने से नाराज किसानों ने पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति ब्लॉक जाखल व भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के नेतृत्व में शुक्रवार को जाखल रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनें रोक दीं। करीब 45 मिनट पर बाद ट्रेनें देरी से रवाना हुईं लेकिन किसानों का धरना जारी रहा।
शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे किसान संगठनों के नेता हरविंदर सिंह, नवजोत सिंह पूर्व सरपंच गांव जाखल, दर्शन सिंह, चैत सिंह, अमरीक सिंह के साथ 15 सदस्यीय कमेटी स्टेशन अधीक्षक से मिली। कमेटी अस्थायी रास्ता जल्द चालू करने की मांग पर धरने पर बैठ गई। दोपहर तक कोई समाधान नहीं निकला। दोपहर करीब ढाई बजे तक रास्ता चालू नहीं होने पर किसानों ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया।
दोपहर करीब तीन बजे रेल रोकने का एलान किया गया। शाम करीब चार बजे बड़ी संख्या में किसान रेलवे ट्रैक पर एकत्रित हो गए। उन्होंने दिल्ली से श्रीगंगानगर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस और हिसार से लुधियाना जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को रोककर विरोध जताया। दोनों ट्रेनें करीब 45 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रहीं।
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सूचना मिलने पर टोहाना के डीएसपी जय भगवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत की और रेलवे अधिकारियों के साथ वार्ता कर समस्या का जल्द समाधान कराने का भरोसा दिया। इसके बाद किसानों ने ट्रैक खाली कर दिया और दोनों ट्रेनें रवाना हो गईं। हालांकि किसान धरने पर डटे रहे।
किसान नेताओं ने प्रशासन को स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन मिलने से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। जब तक अस्थायी रास्ता आवागमन के लिए नहीं खोला जाता तब तक धरना जारी रहेगा।
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पांच अक्तूबर को मिला था आश्वासन
इससे पहले पांच अक्तूबर को प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत हुई थी। इसके बाद रेलवे ने करीब 10 दिन में अस्थायी रास्ते का काम पूरा करने का आश्वासन दिया था। किसानों ने 15 अक्तूबर तक का समय देते हुए प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन स्थगित कर दिया था। तय समय तक काम पूरा नहीं होने पर समय सीमा 20 अक्तूबर तक बढ़ाई गई लेकिन इसके बाद भी रास्ता चालू नहीं हुआ।
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डीसी ने निर्माण कार्य का जायजा लिया था
डीसी डॉ. विवेक भारती ने बुधवार को जाखल पहुंचकर अस्थायी रास्ते के निर्माण कार्य का जायजा लिया था। उन्होंने अधिकारियों को जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। किसानों ने गुरुवार शाम तक इंतजार किया लेकिन रास्ता नहीं खुला। इसके बाद शुक्रवार को उन्होंने रेल रोकने का फैसला लिया। किसानों का कहना है कि जब तक रास्ता चालू नहीं होता तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
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शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे किसान संगठनों के नेता हरविंदर सिंह, नवजोत सिंह पूर्व सरपंच गांव जाखल, दर्शन सिंह, चैत सिंह, अमरीक सिंह के साथ 15 सदस्यीय कमेटी स्टेशन अधीक्षक से मिली। कमेटी अस्थायी रास्ता जल्द चालू करने की मांग पर धरने पर बैठ गई। दोपहर तक कोई समाधान नहीं निकला। दोपहर करीब ढाई बजे तक रास्ता चालू नहीं होने पर किसानों ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया।
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दोपहर करीब तीन बजे रेल रोकने का एलान किया गया। शाम करीब चार बजे बड़ी संख्या में किसान रेलवे ट्रैक पर एकत्रित हो गए। उन्होंने दिल्ली से श्रीगंगानगर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस और हिसार से लुधियाना जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को रोककर विरोध जताया। दोनों ट्रेनें करीब 45 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रहीं।
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सूचना मिलने पर टोहाना के डीएसपी जय भगवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत की और रेलवे अधिकारियों के साथ वार्ता कर समस्या का जल्द समाधान कराने का भरोसा दिया। इसके बाद किसानों ने ट्रैक खाली कर दिया और दोनों ट्रेनें रवाना हो गईं। हालांकि किसान धरने पर डटे रहे।
किसान नेताओं ने प्रशासन को स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन मिलने से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। जब तक अस्थायी रास्ता आवागमन के लिए नहीं खोला जाता तब तक धरना जारी रहेगा।
पांच अक्तूबर को मिला था आश्वासन
इससे पहले पांच अक्तूबर को प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत हुई थी। इसके बाद रेलवे ने करीब 10 दिन में अस्थायी रास्ते का काम पूरा करने का आश्वासन दिया था। किसानों ने 15 अक्तूबर तक का समय देते हुए प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन स्थगित कर दिया था। तय समय तक काम पूरा नहीं होने पर समय सीमा 20 अक्तूबर तक बढ़ाई गई लेकिन इसके बाद भी रास्ता चालू नहीं हुआ।
डीसी ने निर्माण कार्य का जायजा लिया था
डीसी डॉ. विवेक भारती ने बुधवार को जाखल पहुंचकर अस्थायी रास्ते के निर्माण कार्य का जायजा लिया था। उन्होंने अधिकारियों को जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। किसानों ने गुरुवार शाम तक इंतजार किया लेकिन रास्ता नहीं खुला। इसके बाद शुक्रवार को उन्होंने रेल रोकने का फैसला लिया। किसानों का कहना है कि जब तक रास्ता चालू नहीं होता तब तक उनका धरना जारी रहेगा।

जाखल में रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान