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Fatehabad News: 386 प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई, लिखाई, व्यवहार का मूल्यांकन
Sat, 15 Nov 2025 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 15 Nov 2025 11:28 PM IST
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फतेहाबाद के प्राइमरी स्कूल में खेल गतिविधि में भाग लेते हुए विद्यार्थीस्त्रोत शिक्षा विभाग
फतेहाबाद। जिले के 386 सरकारी प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का शिक्षा विभाग की तरफ से मूल्यांकन किया गया। पहले दिन विभाग की तरफ से 16,745 विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर जांचा गया और शनिवार को भी अभियान चलाया गया लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं आई है।
इस अभियान में विभाग की तरफ से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को भी शामिल किया गया। विभाग का उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान करना रहा, जो पढ़ाई-लिखाई या दैनिक गतिविधियों में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना कर रहे हों ताकि उन्हें आवश्यक सहायता और विशेष शिक्षण सहयोग प्रदान किया जा सके। जिले में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए 12 अध्यापक हैं।
जिले के प्राइमरी विद्यालयों में यह कार्यक्रम दो दिनों तक चला। सुबह साढ़े 8 बजे से साढ़े 11 बजे तक विद्यालयों में विभिन्न समावेशी गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें हौसलों के रंग (कहानी सुनाना), सपनों की उड़ान (एक हाथ से चुनौती), भरोसे के कदम (आंख पर पट्टी बांधकर चलना), बूझो तो जानो (वस्तु पहचानो), इशारों में बात (मूक संवाद), जब अक्षर न दिखें साफ (धुंधले अक्षरों को पढ़ना) और सबके रंग, सबकी चमक (इंद्रधनुषी दीवार) जैसी रचनात्मक गतिविधियां शामिल होंगी।
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इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों में सहयोग, संवेदनशीलता और परस्पर समझ की भावना को बढ़ावा देना है ताकि सभी बच्चे, चाहे वे किसी भी क्षमता के हो, एक साथ सीखने और बढ़ने का अवसर प्राप्त कर सकें। सभी शिक्षकों को इन गतिविधियों के संचालन के लिए परिशिष्ट-अ में दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा।
सभी विद्यालयों में निपुण हरियाणा शिक्षक एप में एकीकृत प्रशस्त-1 उपकरण का उपयोग करते हुए कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों की जांच की जाएगी। जांच के दौरान शिक्षकों को यह देखना होगा कि किसी बच्चे को पढ़ने, लिखने, बोलने या व्यावहारिक कार्यों में कोई कठिनाई तो नहीं है।
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जिले में स्कूल और विद्यार्थियों की संख्या
जिले में प्राइमरी स्कूल : 386
पहली कक्षा में विद्यार्थी : 5295
दूसरी कक्षा : 4920
तीसरी कक्षा : 4509
चौथी कक्षा : 6667
पांचवीं : 8759
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विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुझान बढ़ाने और शैक्षणिक स्तर जांचने के लिए दो दिन तक सर्वे हुआ है। एप के जरिए ये सर्वे किया गया है। इसके अलावा स्कूल में खेल गतिविधियां भी करवाई गईं।
-धर्मपाल गोस्वामी, जिला संयोजक, एफएलएन
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इस अभियान में विभाग की तरफ से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को भी शामिल किया गया। विभाग का उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान करना रहा, जो पढ़ाई-लिखाई या दैनिक गतिविधियों में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना कर रहे हों ताकि उन्हें आवश्यक सहायता और विशेष शिक्षण सहयोग प्रदान किया जा सके। जिले में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को पढ़ाने के लिए 12 अध्यापक हैं।
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जिले के प्राइमरी विद्यालयों में यह कार्यक्रम दो दिनों तक चला। सुबह साढ़े 8 बजे से साढ़े 11 बजे तक विद्यालयों में विभिन्न समावेशी गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें हौसलों के रंग (कहानी सुनाना), सपनों की उड़ान (एक हाथ से चुनौती), भरोसे के कदम (आंख पर पट्टी बांधकर चलना), बूझो तो जानो (वस्तु पहचानो), इशारों में बात (मूक संवाद), जब अक्षर न दिखें साफ (धुंधले अक्षरों को पढ़ना) और सबके रंग, सबकी चमक (इंद्रधनुषी दीवार) जैसी रचनात्मक गतिविधियां शामिल होंगी।
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इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों में सहयोग, संवेदनशीलता और परस्पर समझ की भावना को बढ़ावा देना है ताकि सभी बच्चे, चाहे वे किसी भी क्षमता के हो, एक साथ सीखने और बढ़ने का अवसर प्राप्त कर सकें। सभी शिक्षकों को इन गतिविधियों के संचालन के लिए परिशिष्ट-अ में दिए गए निर्देशों का पालन करना होगा।
सभी विद्यालयों में निपुण हरियाणा शिक्षक एप में एकीकृत प्रशस्त-1 उपकरण का उपयोग करते हुए कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों की जांच की जाएगी। जांच के दौरान शिक्षकों को यह देखना होगा कि किसी बच्चे को पढ़ने, लिखने, बोलने या व्यावहारिक कार्यों में कोई कठिनाई तो नहीं है।
जिले में स्कूल और विद्यार्थियों की संख्या
जिले में प्राइमरी स्कूल : 386
पहली कक्षा में विद्यार्थी : 5295
दूसरी कक्षा : 4920
तीसरी कक्षा : 4509
चौथी कक्षा : 6667
पांचवीं : 8759
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विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुझान बढ़ाने और शैक्षणिक स्तर जांचने के लिए दो दिन तक सर्वे हुआ है। एप के जरिए ये सर्वे किया गया है। इसके अलावा स्कूल में खेल गतिविधियां भी करवाई गईं।
-धर्मपाल गोस्वामी, जिला संयोजक, एफएलएन