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Fatehabad News: कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष रह चुके अशोक तंवर और सैलजा अब आमने-सामने

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Apr 2024 11:32 PM IST
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Ashok Tanwar and Selja, former state president of Congress, now face to face
फतेहाबाद। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष रह चुके अशोक तंवर और कुमारी सैलजा चुनावी मैदान में अब आमने-सामने हैं। कभी दोनों की जुगलबंदी थी। सिरसा संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में अशोक तंवर करीब 40 दिन से मैदान में हैं, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी कुमारी सैलजा के सामने 29 दिन की तैयारी में ही बाजी मारने की चुनाैती है। वह सिरसा की चुनावी रणभूमि में तीसरी बार उतरने जा रही हैं। अशोक तंवर कर्मभूमि में अपनी साख बचाने में जुटे हैं, दूसरी तरफ सैलजा के सामने राजनीतिक विरासत की जमीन बचाने की चुनौती है। दोनों एक ही जाति से हैं। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच कांटे का मुकाबला होने के आसार हैं।
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बता दें कि सितंबर 2019 में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस हाईकमान ने अशोक तंवर को हटाकर कुमारी सैलजा को प्रदेशाध्यक्ष की कमान सौंपी थी। अशोक तंवर के प्रदेशाध्यक्ष रहने के दौरान उनकी सैलजा के साथ जुगलबंदी थी। हालांकि, कुमारी सैलजा के प्रदेशाध्यक्ष बनने के महीने भर बाद ही अशोक तंवर ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी। बाद में वह तृणमूल कांग्रेस और फिर आम आदमी पार्टी में चले गए। भाजपा में शामिल होने के 54 दिन बाद ही 12 मार्च को उनको सिरसा से भाजपा उम्मीदवार घोषित कर दिया गया।
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वर्ष 1991 में संभाली थी चौधरी दलबीर सिंह की राजनीतिक विरासत
प्रदेश के दिग्गज दलित नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी दलबीर सिंह की राजनीतिक विरासत संभालने वाली कुमारी सैलजा ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत वर्ष 1991 के लोकसभा चुनाव से कीं। वर्ष 1987 में चौधरी दलबीर सिंह के निधन के बाद कांग्रेस ने उनकी बेटी सैलजा को 1991 के आम चुनाव में सिरसा संसदीय क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया।
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पहले ही चुनाव में कुमारी सैलजा ने 42.92 फीसदी वोट लेकर अपने प्रतिद्वंद्वी जनता पार्टी के हेतराम को 99 हजार से ज्यादा वोटों से हराकर अपना वर्चस्व साबित किया। इसके बाद 1996 के लोकसभा चुनाव में भी सैलजा ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। हालांकि तीसरे चुनाव में 1998 में कुमारी सैलजा हरियाणा लोकदल के उम्मीदवार डॉ. सुशील इंदौरा से 93930 वोटों से हार गई थीं। इसके बाद फिर से सैलजा ने सिरसा से चुनाव नहीं लड़ा। इसके बाद हुए 2004 में उन्हें कांग्रेस ने अंबाला सीट से उतारा।
यह रही थी 1991 के चुनाव में स्थिति
वर्ष 1991 में सिरसा लोकसभा क्षेत्र में कुल मतदाता 9,91,095 थे। इनमें से 6,70,827 मतदाताओं ने मतदान किया था। इस चुनाव में कुमारी सैलजा सहित 15 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें से 6 उम्मीदवार अलग-अलग पार्टियों के और 9 उम्मीदवार निर्दलीय थे। इस चुनाव में पहले नंबर पर कांग्रेस की कुमारी सैलजा, दूसरे नंबर पर जनता पार्टी के हेतराम, तीसरे नंबर पर जनता दल के सखीराम और चौथे नंबर पर भाजपा के प्यारेलाल फौजी व पांचवें नंबर पर हरियाणा विकास पार्टी के रामशरण रहे थे।


दूसरे चुनाव में मिली थी कड़ी टक्कर, 15,147 वोटों से जीत पाईं थीं



वर्ष 1996 के चुनाव में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 10,72,284 हो गई थी। 8,22,156 मतदाताओं ने मतदान किया था। उस चुनाव में 20 उम्मीदवार मैदान में थे। यह चुनाव काफी कांटे का रहा था। इस चुनाव को सैलजा 15,147 वोटों से जीत पाईं थीं। इस चुनाव में 20 में से 16 उम्मीदवार निर्दलीय थे, जबकि कांग्रेस, समता पार्टी, भाजपा व कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार ही थे। 2,60,312 वोट लेकर दूसरे नंबर पर समता पार्टी के सुशील कुमार रहे थे, जबकि तीसरे नंबर पर रहे भाजपा के हंसराज को 1,95,451 वोट मिले। सीपीआई के प्रकाश सिंह 27573 वोट लेकर चौथे स्थान पर रहे।

14 में से 8 चुनाव कांग्रेस ने जीती
सिरसा संसदीय क्षेत्र से 1967 से लेकर 2019 तक हुए 14 चुनावों में से 8 में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। 8 में से 6 चुनाव कांग्रेस की तरफ से चौधरी दलबीर सिंह व उनकी बेटी कुमारी सैलजा ने जीते हैं। यहां अधिकांश चुनावों में कांग्रेस और चौधरी देवीलाल के समर्थन वाली पार्टी में ही टक्कर हुई है। पहले जनता दल, फिर लोकदल और उसके बाद इनेलो के साथ कांग्रेस मुख्य मुकाबले में रही है। साल 2019 में पहली बार भाजपा जीती। इस बार कांटे का मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच होगा।


कुमारी सैलजा 1 मई को नामांकन दाखिल करेंगी

कांग्रेस प्रत्याशी कुमारी सैलजा 1 मई को नामांकन दाखिल करेंगी। पूर्व विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया ने बताया कि कुमारी सैलजा 29 अप्रैल को सिरसा जिले की पांचों विधानसभाओं में रोड शो निकालेंगी इसके बाद 30 अप्रैल को फतेहाबाद जिले में रोड शो करेंगी। गांवों के दौरों से पहले कुमारी सैलजा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हलका स्तरीय बैठक लेंगी।

सिरसा से अब तक रहे सांसद व उनके दल

1967 : कांग्रेस के दलबीर सिंह
1971 : कांग्रेस के दलबीर सिंह

1977 : भारतीय लोकदल के चांद राम
1980 : कांग्रेस के दलबीर सिंह

1984 : कांग्रेस के दलबीर सिंह
1989 : जनता दल के हेतराम

1991 : कांग्रेस की कुमारी सैलजा
1996 : कांग्रेस की कुमारी सैलजा
1998 : हरियाणा लोकदल के डॉ. सुशील कुमार इंदौरा
1999 : इनेलो के डॉ. सुशील कुमार इंदौरा
2004 : कांग्रेस के आत्मा सिंह गिल
2009 : कांग्रेस के अशोक तंवर

2014 : इनेलो के चरणजीत सिंह रोड़ी
2019 : भाजपा की सुनीता दुग्गल
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