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Fatehabad News: आशा वर्कर घर-घर बांटेंगी ओआरएस पैकेट और जिंक टेबलेट
Mon, 16 Jun 2025 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 16 Jun 2025 11:30 PM IST
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फतेहाबाद। जिला में स्टॉप डायरिया अभियान के तहत विभिन्न गतिविधियां करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मच
फतेहाबाद। डायरिया से होने वाली मृत्यु दर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्टॉप डायरिया अभियान शुरू किया है। इसकी थीम डयरिया की रोकथाम, सफाई और ओआरएस से रखें अपना ध्यान रहेगी। इसके तहत आशा वर्कर घर-घर जाकर ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोली बांटेंगी।
इसके अलावा डायरिया के लक्षण और दवाई लेने के तरीके बारे में बताया जाएगा। यह अभियान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत हर वर्ष आयोजित किया जाता है। इसके तहत बताया जाता है कि यदि बच्चे को दस्त है तो उसे प्रत्येक दस्त के बाद ओआरएस का घोल पिलाना चाहिए, साथ में जिंक की गोली दिन मेें एक बार देनी चाहिए।
0 से 5 वर्ष तक बच्चों को डायरिया होने पर 14 दिनों तक जिंक टेबलेट 2 से 6 माह तक की आयु के लिए 10 एमजी प्रतिदिन व 6 माह से 5 वर्ष तक के लिए 20 एमजी प्रतिदिन देना अनिवार्य है। अभिभावकों को डायरिया के लक्षण, बचाव व घरेलू देखभाल के विषय में जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस कार्नर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा विभाग पीने के पानी की गुणवता की जांच के लिए ओटी टेस्ट किए जाएंगे।
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डायरिया के लक्षण
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बच्चे को 3 या 3 बार से ज्यादा पतला मल आने को डायरिया कहा जाता है। इस स्थिति में निर्जलीकरण (पानी की कमी) के लक्षणों जैसे बच्चा बेचैन व चिड़चिड़ा होना अथवा सुस्त व बेहोश होना, बच्चे की आंखें धंसना, बच्चे को बहुत ज्यादा प्यास लगना या पानी न पी पाना, त्वचा के लचीलेपन में कमी होना होता है।
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जन सहभागिता के माध्यम से इस अभियान को सफल बनाया जाएगा। आमजन से अपील की है कि डायरिया के लक्षण दिखते ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करे और बच्चों को ओआरएस व जिंक अवश्य दें। हैलोजन टेबलेट का वितरण किया जा रहा है। हाई रिस्क एरिया जैसे कि ईंट-भट्ठों, झुग्गी झोपड़ी इत्यादि पर डायरिया के बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है।
-डॉ. कुलप्रतिभा, सिविल सर्जन
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इसके अलावा डायरिया के लक्षण और दवाई लेने के तरीके बारे में बताया जाएगा। यह अभियान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत हर वर्ष आयोजित किया जाता है। इसके तहत बताया जाता है कि यदि बच्चे को दस्त है तो उसे प्रत्येक दस्त के बाद ओआरएस का घोल पिलाना चाहिए, साथ में जिंक की गोली दिन मेें एक बार देनी चाहिए।
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0 से 5 वर्ष तक बच्चों को डायरिया होने पर 14 दिनों तक जिंक टेबलेट 2 से 6 माह तक की आयु के लिए 10 एमजी प्रतिदिन व 6 माह से 5 वर्ष तक के लिए 20 एमजी प्रतिदिन देना अनिवार्य है। अभिभावकों को डायरिया के लक्षण, बचाव व घरेलू देखभाल के विषय में जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस कार्नर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा विभाग पीने के पानी की गुणवता की जांच के लिए ओटी टेस्ट किए जाएंगे।
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डायरिया के लक्षण
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बच्चे को 3 या 3 बार से ज्यादा पतला मल आने को डायरिया कहा जाता है। इस स्थिति में निर्जलीकरण (पानी की कमी) के लक्षणों जैसे बच्चा बेचैन व चिड़चिड़ा होना अथवा सुस्त व बेहोश होना, बच्चे की आंखें धंसना, बच्चे को बहुत ज्यादा प्यास लगना या पानी न पी पाना, त्वचा के लचीलेपन में कमी होना होता है।
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जन सहभागिता के माध्यम से इस अभियान को सफल बनाया जाएगा। आमजन से अपील की है कि डायरिया के लक्षण दिखते ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करे और बच्चों को ओआरएस व जिंक अवश्य दें। हैलोजन टेबलेट का वितरण किया जा रहा है। हाई रिस्क एरिया जैसे कि ईंट-भट्ठों, झुग्गी झोपड़ी इत्यादि पर डायरिया के बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है।
-डॉ. कुलप्रतिभा, सिविल सर्जन