{"_id":"695aaea79dccadb52f0bea78","slug":"as-the-cold-increases-the-number-of-patients-suffering-from-joint-pain-in-the-hospital-is-increasing-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-146471-2026-01-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: ठंड बढ़ने के साथ ही अस्पताल में बढ़ रहे जोड़े में दर्द के मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: ठंड बढ़ने के साथ ही अस्पताल में बढ़ रहे जोड़े में दर्द के मरीज
Sun, 04 Jan 2026 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 04 Jan 2026 11:47 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर लगी भीड़ संवाद
फतेहाबाद। ठंड बढ़ने के साथ ही हड्डियों और जोड़ों से संबंधित रोगी बढ़ रहे हैं। सरकारी व निजी अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना 50 से 60 मरीज जोड़ों के दर्द, कमर दर्द, घुटनों की समस्या और गर्दन में जकड़न की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि ठंड के मौसम में शरीर की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं और रक्त संचार धीमा हो जाता है। इससे जोड़ों में अकड़न और दर्द की समस्या उत्पन्न होती है। गठिया, सर्वाइकल, सायटिका, कमर दर्द और घुटनों के दर्द से पीड़ित मरीजों को सर्दियों में अधिक परेशानी होती है।
इसके अलावा धूप कम निकलने से शरीर में विटामिन-डी की कमी भी हड्डियों को कमजोर बनाती है, जिससे दर्द और सूजन बढ़ जाती है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकुश अरोड़ा का कहना है कि लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना, शारीरिक गतिविधि की कमी, ठंड से बचाव न करना और गलत तरीके से वजन उठाना भी दर्द का प्रमुख कारण बनता है। ठंड में लोग कम चलना-फिरना पसंद करते हैं, जिससे जोड़ों की लचीलापन कम हो जाती है और दर्द बढ़ जाता है। कुछ सावधानियां अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
विज्ञापन
सर्दियों में शरीर को गर्म रखना बहुत जरूरी है। गर्म कपड़े पहनें, खासकर घुटनों, कमर और गर्दन को ढककर रखें। सुबह-शाम हल्का व्यायाम, स्ट्रेचिंग और योग करने से जोड़ों में लचीलापन बना रहता है। गुनगुने पानी से स्नान करने और दर्द वाले स्थान पर गर्म सिकाई करने से भी आराम मिलता है।
-- -- -- -- -- -
कैल्शियम युक्त भोजन लें :
विशेषज्ञों का कहना है कि दूध, दही, हरी सब्जियां, तिल, गुड़ और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। धूप में कुछ समय जरूर बैठें ताकि शरीर को पर्याप्त विटामिन-डी मिल सके। दर्द बढ़ने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक है।
विज्ञापन
चिकित्सकों का कहना है कि ठंड के मौसम में शरीर की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं और रक्त संचार धीमा हो जाता है। इससे जोड़ों में अकड़न और दर्द की समस्या उत्पन्न होती है। गठिया, सर्वाइकल, सायटिका, कमर दर्द और घुटनों के दर्द से पीड़ित मरीजों को सर्दियों में अधिक परेशानी होती है।
विज्ञापन
इसके अलावा धूप कम निकलने से शरीर में विटामिन-डी की कमी भी हड्डियों को कमजोर बनाती है, जिससे दर्द और सूजन बढ़ जाती है। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकुश अरोड़ा का कहना है कि लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना, शारीरिक गतिविधि की कमी, ठंड से बचाव न करना और गलत तरीके से वजन उठाना भी दर्द का प्रमुख कारण बनता है। ठंड में लोग कम चलना-फिरना पसंद करते हैं, जिससे जोड़ों की लचीलापन कम हो जाती है और दर्द बढ़ जाता है। कुछ सावधानियां अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
विज्ञापन
सर्दियों में शरीर को गर्म रखना बहुत जरूरी है। गर्म कपड़े पहनें, खासकर घुटनों, कमर और गर्दन को ढककर रखें। सुबह-शाम हल्का व्यायाम, स्ट्रेचिंग और योग करने से जोड़ों में लचीलापन बना रहता है। गुनगुने पानी से स्नान करने और दर्द वाले स्थान पर गर्म सिकाई करने से भी आराम मिलता है।
कैल्शियम युक्त भोजन लें :
विशेषज्ञों का कहना है कि दूध, दही, हरी सब्जियां, तिल, गुड़ और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। धूप में कुछ समय जरूर बैठें ताकि शरीर को पर्याप्त विटामिन-डी मिल सके। दर्द बढ़ने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक की सलाह लेना आवश्यक है।