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Fatehabad News: अनाज मंडियों में परमल की आवक घटी, बासमती धान की खरीद में तेजी
Fri, 07 Nov 2025 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 07 Nov 2025 11:46 PM IST
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फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में सड़को पर लगी धान की ढेरियां। संवाद
फतेहाबाद। जिले की अनाज मंडियों में धान की आवक जारी है। इन दिनों परमल धान की कटाई का काम लगभग पूरा हो जाने के कारण इसकी आवक कम होने लगी है। पिछले सप्ताह तक जिले की मंडियों में जहां परमल धान की बंपर आवक हो रही थी, वहीं अब यह सिमटकर प्रति दिन 5,000 क्विंटल रह गई है। इसके स्थान पर अब बासमती धान की आवक में तेजी आई है।
बासमती धान की आवक में तेजी आने के बाद ही दूसरे राज्य से किसान धान की फसल लेकर पहुंचने लगे है। बासमती धान की कटाई परमल की कटाई के बाद शुरू होती है। ऐसे में किसानों अपनी फसल मंडियों तक पहुंचा रहे हैं। वर्तमान में जिले की विभिन्न मंडियों में रोजाना 20,000 क्विंटल बासमती धान की खरीद की जा रही है, जो परमल की आवक के मुकाबले चार गुना अधिक है। इस तेजी के कारण, मंडियों की सड़कों पर धान की फसल के ढेर लगने लगे हैं।
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बाहरी राज्यों के किसानों पर सख्त कार्रवाई के आदेश
जिला प्रशासन ने सख्त आदेश जारी किया है कि जिले की मंडियों में दूसरे राज्यों के किसान अपनी फसल नहीं बेच सकेंगे। ताकि स्थानीय किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और सरकारी खरीद सुचारु रूप से चलती रहे। कोई भी किसान या व्यापारी दूसरे राज्यों से धान लाकर जिले की मंडियों में बेचने की कोशिश करता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंडी अधिकारियों और पुलिस को इस नियम का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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किसानों को तेजी से उठान की उम्मीद
परमल धान की आवक कम होने और कटाई का काम लगभग पूरा हो जाने से अब प्रशासन का पूरा ध्यान बासमती की सुचारु खरीद और उठान पर केंद्रित हो गया है। बासमती की बढ़ती आवक को देखते हुए, मार्केट कमेटी ने उठान के काम में तेजी लाने के निर्देश जारी किए है। ताकि मंडियों में भीड़ न लगे और किसानों को अपनी फसल रखने व बेचने में आसानी हो सके।
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:: अनाज मंडी में दूसरे राज्यों के किसान फसल लेकर न पहुंचे। जिन किसानों ने परमल धान की फसल को अभी तक नहीं बेचा है वे किसान सरकारी खरीद पर 15 नवंबर तक फसल बेच सकते हैं। किसानों से अपील है वे खरीद प्रक्रिया में प्रशासन व मार्केट कमेटी का सहयोग करें।
-यशपाल मेहता, सचिव मार्केट, फतेहाबाद।
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बासमती धान की आवक में तेजी आने के बाद ही दूसरे राज्य से किसान धान की फसल लेकर पहुंचने लगे है। बासमती धान की कटाई परमल की कटाई के बाद शुरू होती है। ऐसे में किसानों अपनी फसल मंडियों तक पहुंचा रहे हैं। वर्तमान में जिले की विभिन्न मंडियों में रोजाना 20,000 क्विंटल बासमती धान की खरीद की जा रही है, जो परमल की आवक के मुकाबले चार गुना अधिक है। इस तेजी के कारण, मंडियों की सड़कों पर धान की फसल के ढेर लगने लगे हैं।
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बाहरी राज्यों के किसानों पर सख्त कार्रवाई के आदेश
जिला प्रशासन ने सख्त आदेश जारी किया है कि जिले की मंडियों में दूसरे राज्यों के किसान अपनी फसल नहीं बेच सकेंगे। ताकि स्थानीय किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और सरकारी खरीद सुचारु रूप से चलती रहे। कोई भी किसान या व्यापारी दूसरे राज्यों से धान लाकर जिले की मंडियों में बेचने की कोशिश करता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंडी अधिकारियों और पुलिस को इस नियम का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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किसानों को तेजी से उठान की उम्मीद
परमल धान की आवक कम होने और कटाई का काम लगभग पूरा हो जाने से अब प्रशासन का पूरा ध्यान बासमती की सुचारु खरीद और उठान पर केंद्रित हो गया है। बासमती की बढ़ती आवक को देखते हुए, मार्केट कमेटी ने उठान के काम में तेजी लाने के निर्देश जारी किए है। ताकि मंडियों में भीड़ न लगे और किसानों को अपनी फसल रखने व बेचने में आसानी हो सके।
:: अनाज मंडी में दूसरे राज्यों के किसान फसल लेकर न पहुंचे। जिन किसानों ने परमल धान की फसल को अभी तक नहीं बेचा है वे किसान सरकारी खरीद पर 15 नवंबर तक फसल बेच सकते हैं। किसानों से अपील है वे खरीद प्रक्रिया में प्रशासन व मार्केट कमेटी का सहयोग करें।
-यशपाल मेहता, सचिव मार्केट, फतेहाबाद।

फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में सड़को पर लगी धान की ढेरियां। संवाद