{"_id":"66a542e4d2b594d0dc0b3504","slug":"arrangement-of-potholes-and-lighting-on-the-national-highway-fatehabad-news-c-127-1-ftb1001-120086-2024-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: राष्ट्रीय राजमार्ग पर गड्ढे भरे न उजाले का प्रबंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: राष्ट्रीय राजमार्ग पर गड्ढे भरे न उजाले का प्रबंध
विज्ञापन
फतेहाबाद। जिला मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित दिल्ली-डबवाली नेशलन हाईवे 9 पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की अनदेखी के कारण स्थिति लगातार जर्जर हो रही है। सरकार हर वर्ष टोल टैक्स तो बढ़ा रही है। मगर लोगों की सुविधा नहीं बढ़ रही है। हाईवे को बने हुए आठ साल से अधिक का समय हो गया है। इस कारण कई जगहों पर गड्ढे बन गए हैं। हाईवे पर रोशनी के लिए लाइटें नहीं लगाई गई हैं।
वहीं, शहर के हांसपुर पुल, भूना रोड पुल और रतिया रोड पुल के नीचे कैमरे नहीं लगाए गए हैं। रात के अंधेरे में राहगीरों के साथ लूटपाट की कई वारदात हो चुकी हैं। मगर प्राधिकरण के अधिकारियों ने समाधान की कोई जहमत ही नहीं उठाई है। हांसपुर पुल के पास दुकान चलाने वाले दुकानदार विक्रम, अरविंद, सतबीर, राजू और राकेश कुमार आदि बताते हैं कि यहां पर लगी स्ट्रीट लाइट पिछले एक साल से खराब पड़ी थी। इस बारे में कई बार प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। इसके बाद उन्होंने खुद रुपये एकत्रित करके लाइटों को ठीक करवाया। अब दोबारा पिछले छह माह से लाइट खराब पड़ी हैं। उनको शाम 7 बजते ही रेहड़ी से सामान उठाकर घर जाना पड़ता है। संवाद
बाढ़ के दौरान बने अवैध कट एक साल बाद भी नहीं हुए बंद
जिले में पिछले साल जुलाई महीने में आई बाढ़ के कारण माजरा रोड के पास डिवाइडर को तोड़कर अवैध कट बनाए गए थे। उस समय इन कटों को इसलिए बताया गया था ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हों। मगर अब एक वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी इन कटों को बंद नहीं किया गया है। इससे हादसों का खतरा बढ़ा हुआ है। हाईवे पर चल रहे तेज रफ्तार वाहनों के कट से निकलने वाले वाहनों से टकराने की आशंका रहती है।
विज्ञापन
साइन बोर्ड लगाने का भी नहीं हो रहा फायदा
नेशनल हाईवे के किनारे कई स्थानों पर साइन बोर्ड लगाए गए हैं, ताकि वाहनचालकों को उनसे कुछ सहूलियत हो सके। मगर लगाने के बाद दोबारा उन साइन बोर्डों को नहीं संभाला गया है। इस कारण कई साइन बोर्डों के आगे तो लंबी-लंबी घास उग चुकी है। अब कई साइन बोर्ड तो नजर ही नहीं आते हैं। सिरसा से फतेहाबाद की तरफ आते समय के 60 फीसदी साइन बोर्डों का वाहनचालकों को फायदा ही नहीं मिल रहा है।
पुल के नीचे राहगीरों को तंग करते हैं नशेड़ी युवक
मेरा घर रतिया चुंगी के पास शिव मंदिर के पीछे है। करीब दस दिन पहले मैं रात को 9 बजे हांसपुर पुल के पास से घर जा रहा था। इस दौरान चार युवकों ने रोककर पैसे मांगने शुरू कर दिए। कुछ राहगीर आ गए, जिससे बचाव हो गया। प्रशासन को पुल के नीचे कैमरे व लाइटें लगवानी चाहिए ताकि कोई अनहोनी न हो।
-राकेश कुमार, निवासी, रतिया चुंगी
मैं हांसपुर पुल के पास फल की रेहड़ी लगाता हूं। शाम को 7 बजे के बाद पुल के नीचे नशेड़ी युवक राहगीरों को तंग करते हैं। ऐसे में अगर स्ट्रीट लाइटों को ठीक करवा दिया जाए और कैमरे का प्रबंध कर दिया जाए तो रोजाना होने वाली छीनाझपटी की घटनाएं कम हो जाएंगी।
-अरविंद कुमार, फल विक्रेता
कोट
डबवाली-दिल्ली नेशनल हाईवे पर बारिश के कारण हुए कटाव को भरने और लाइटों को ठीक करने व नई लाइटें लगवाने का काम चल रहा है। अगले साल रोड पर तारकोल डालने का टेंडर जारी होगा, जिसके बाद हाईवे पर बने गड्ढे खत्म हो जाएंगे। हाईवे को बने अभी आठ साल का समय हो गया है, इस कारण कुछ जगह गड्ढे बन गए हैं। मगर इन्हें ठीक करवाया जाएगा।
-सुभाष भांभू, रेजिडेंट इंजीनियर, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
विज्ञापन
वहीं, शहर के हांसपुर पुल, भूना रोड पुल और रतिया रोड पुल के नीचे कैमरे नहीं लगाए गए हैं। रात के अंधेरे में राहगीरों के साथ लूटपाट की कई वारदात हो चुकी हैं। मगर प्राधिकरण के अधिकारियों ने समाधान की कोई जहमत ही नहीं उठाई है। हांसपुर पुल के पास दुकान चलाने वाले दुकानदार विक्रम, अरविंद, सतबीर, राजू और राकेश कुमार आदि बताते हैं कि यहां पर लगी स्ट्रीट लाइट पिछले एक साल से खराब पड़ी थी। इस बारे में कई बार प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। इसके बाद उन्होंने खुद रुपये एकत्रित करके लाइटों को ठीक करवाया। अब दोबारा पिछले छह माह से लाइट खराब पड़ी हैं। उनको शाम 7 बजते ही रेहड़ी से सामान उठाकर घर जाना पड़ता है। संवाद
विज्ञापन
बाढ़ के दौरान बने अवैध कट एक साल बाद भी नहीं हुए बंद
जिले में पिछले साल जुलाई महीने में आई बाढ़ के कारण माजरा रोड के पास डिवाइडर को तोड़कर अवैध कट बनाए गए थे। उस समय इन कटों को इसलिए बताया गया था ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हों। मगर अब एक वर्ष का समय बीत जाने के बाद भी इन कटों को बंद नहीं किया गया है। इससे हादसों का खतरा बढ़ा हुआ है। हाईवे पर चल रहे तेज रफ्तार वाहनों के कट से निकलने वाले वाहनों से टकराने की आशंका रहती है।
विज्ञापन
साइन बोर्ड लगाने का भी नहीं हो रहा फायदा
नेशनल हाईवे के किनारे कई स्थानों पर साइन बोर्ड लगाए गए हैं, ताकि वाहनचालकों को उनसे कुछ सहूलियत हो सके। मगर लगाने के बाद दोबारा उन साइन बोर्डों को नहीं संभाला गया है। इस कारण कई साइन बोर्डों के आगे तो लंबी-लंबी घास उग चुकी है। अब कई साइन बोर्ड तो नजर ही नहीं आते हैं। सिरसा से फतेहाबाद की तरफ आते समय के 60 फीसदी साइन बोर्डों का वाहनचालकों को फायदा ही नहीं मिल रहा है।
पुल के नीचे राहगीरों को तंग करते हैं नशेड़ी युवक
मेरा घर रतिया चुंगी के पास शिव मंदिर के पीछे है। करीब दस दिन पहले मैं रात को 9 बजे हांसपुर पुल के पास से घर जा रहा था। इस दौरान चार युवकों ने रोककर पैसे मांगने शुरू कर दिए। कुछ राहगीर आ गए, जिससे बचाव हो गया। प्रशासन को पुल के नीचे कैमरे व लाइटें लगवानी चाहिए ताकि कोई अनहोनी न हो।
-राकेश कुमार, निवासी, रतिया चुंगी
मैं हांसपुर पुल के पास फल की रेहड़ी लगाता हूं। शाम को 7 बजे के बाद पुल के नीचे नशेड़ी युवक राहगीरों को तंग करते हैं। ऐसे में अगर स्ट्रीट लाइटों को ठीक करवा दिया जाए और कैमरे का प्रबंध कर दिया जाए तो रोजाना होने वाली छीनाझपटी की घटनाएं कम हो जाएंगी।
-अरविंद कुमार, फल विक्रेता
कोट
डबवाली-दिल्ली नेशनल हाईवे पर बारिश के कारण हुए कटाव को भरने और लाइटों को ठीक करने व नई लाइटें लगवाने का काम चल रहा है। अगले साल रोड पर तारकोल डालने का टेंडर जारी होगा, जिसके बाद हाईवे पर बने गड्ढे खत्म हो जाएंगे। हाईवे को बने अभी आठ साल का समय हो गया है, इस कारण कुछ जगह गड्ढे बन गए हैं। मगर इन्हें ठीक करवाया जाएगा।
-सुभाष भांभू, रेजिडेंट इंजीनियर, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण