{"_id":"577c0c6a4f1c1b090c7fb67a","slug":"arms-arms-licence-ig-fatehabad-harayana","type":"story","status":"publish","title_hn":"शस्त्र आवेदनों के लंबित मामलों पर आईजी हैरान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शस्त्र आवेदनों के लंबित मामलों पर आईजी हैरान
fatehabad
Updated Wed, 06 Jul 2016 01:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शस्त्र लाइसेंसों के आवेदनों की फाइलों पर जमी धूल हटने के आसार बनते दिख रहे हैं। हिसार रेंज के आईजी ओपी सिंह ने मामले को अपने हाथ में लेकर महीनों से लंबित पड़े मामलों को निपटाने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं, खुद आईजी ने इस संबंध में हिसार रेंज के तहत आने वाले सभी जिलों के लंबित पड़े आवेदनों का आंकड़ा जारी कर इस पर हैरानी भी जताई है। इसके साथ ही
मामले में पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े किए हैं। आईजी ओपी सिंह ने कहा कि इतनी संख्या में शस्त्र आवेदनों का लंबित पड़े होना साफ तौर पर दर्शाता है कि या तो संबंधित विभाग के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली लचर है या फिर वे अवैध सिफारिश का इंतजार कर रहे हैं।
फतेहाबाद में सबसे ज्यादा 1144 शस्त्र लाइसेंस आवेदन लंबित
शस्त्र लाइसेंस के हिसार रेंज में 1946 आवेदन पिछले छह माह से अटके पड़े हैं। हैरानी की सबसे बड़ी बात यह है कि हिसार रेंज में फतेहाबाद जिला ऐसा है, जहां पर 712 आवेदन पिछले छह माह से अफसरों की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार को हिसार रेंज आईजी ओपी सिंह ने आंकड़ा जारी कर ढीली कार्रवाई को लेकर हैरानी जताई है। इसके साथ ही आदेश भी जारी किए हैं कि 20 दिन के अंदर छह माह से लंबित पड़े आवेदनों को निपटाकर तीन अगस्त को स्टेटस रिपोर्ट दें ।
विज्ञापन
कहां कितने आवेदन पेंडिंग
रेंज छह माह से तीन माह से 15 दिन से
हिसार 469 267 96
भिवानी 367 18 24
जींद 398 511 190
सिरसा 0 11 20
फतेहाबाद 712 377 छ 55
आईजी का सवाल, पासपोर्ट का सत्यापन हो सकता है, तो शस्त्र लाइसेंस का क्यों नहीं?
आईजी ने आंकड़ा जारी करते हुए देरी के दो कारण भी बताए हैं। आईजी का कहना है कि संबंधित शाखा का काम लचर है या किसी अवैध सिफारिश का इंतजार कर रहे हैं। अवैध सिफारिश का मतलब रिश्वत की आशंका से भी लगाया जा सकता है। आईजी ने जिला पुलिस को संबंधित शाखा में तैनात अधिकारियों की जिम्मेवारी तय करने और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई कर 10 जुलाई को सूचित करने को कहा है। साथ ही 10 से 30 जुलाई तक एक विशेष अभियान चलाकर छह माह से लंबित मामलों को तुरंत निपटान कर तीन अगस्त को स्टेटस रिपोर्ट देने को भी कहा है।
आईजी ओपी सिंह ने आदेश दिए हैं कि सत्यापन मामले 20 दिन के अंदर निपटाए जाएं और रिपोर्ट के साथ डीसी को दिए जाएं। उन्होंने कहा कि जब पासपोर्ट का सत्यापन इतने ही दिनों में हो सकता है तो शस्त्र लाइसेंस का क्यों नहीं? आईजी ने निर्देश दिए हैं कि सत्यापन के लिए स्टैंडर्ड आपरेशन प्रोसिजर बनाएं, ताकि 10 दिन के अंदर सत्यापन होकर आवश्यक रिपोर्ट डीसी के पास जा सके। शस्त्र लाइसेंस का सत्यापन करते समय कानूनी प्रावधानों और सरकारी हिदायतों का ध्यान रखा जाए।
इस बारे में बात करने पर एएसपी गंगा राम पूनियां ने कहा कि आईजी साहब के निर्देशों का पालन होगा। सबसे पहले देखा जाएगा कि किस कर्मचारी के लेवल पर शस्त्र लाइसेंस के आवेदन लंबित है और उसका कारण क्या है। अगर लापरवाही या किसी अन्य अनुचित कारण के चलते आवेदन लंबित रखा गया है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मामले में पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े किए हैं। आईजी ओपी सिंह ने कहा कि इतनी संख्या में शस्त्र आवेदनों का लंबित पड़े होना साफ तौर पर दर्शाता है कि या तो संबंधित विभाग के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली लचर है या फिर वे अवैध सिफारिश का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
फतेहाबाद में सबसे ज्यादा 1144 शस्त्र लाइसेंस आवेदन लंबित
शस्त्र लाइसेंस के हिसार रेंज में 1946 आवेदन पिछले छह माह से अटके पड़े हैं। हैरानी की सबसे बड़ी बात यह है कि हिसार रेंज में फतेहाबाद जिला ऐसा है, जहां पर 712 आवेदन पिछले छह माह से अफसरों की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार को हिसार रेंज आईजी ओपी सिंह ने आंकड़ा जारी कर ढीली कार्रवाई को लेकर हैरानी जताई है। इसके साथ ही आदेश भी जारी किए हैं कि 20 दिन के अंदर छह माह से लंबित पड़े आवेदनों को निपटाकर तीन अगस्त को स्टेटस रिपोर्ट दें ।
विज्ञापन
कहां कितने आवेदन पेंडिंग
रेंज छह माह से तीन माह से 15 दिन से
हिसार 469 267 96
भिवानी 367 18 24
जींद 398 511 190
सिरसा 0 11 20
फतेहाबाद 712 377 छ 55
आईजी का सवाल, पासपोर्ट का सत्यापन हो सकता है, तो शस्त्र लाइसेंस का क्यों नहीं?
आईजी ने आंकड़ा जारी करते हुए देरी के दो कारण भी बताए हैं। आईजी का कहना है कि संबंधित शाखा का काम लचर है या किसी अवैध सिफारिश का इंतजार कर रहे हैं। अवैध सिफारिश का मतलब रिश्वत की आशंका से भी लगाया जा सकता है। आईजी ने जिला पुलिस को संबंधित शाखा में तैनात अधिकारियों की जिम्मेवारी तय करने और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई कर 10 जुलाई को सूचित करने को कहा है। साथ ही 10 से 30 जुलाई तक एक विशेष अभियान चलाकर छह माह से लंबित मामलों को तुरंत निपटान कर तीन अगस्त को स्टेटस रिपोर्ट देने को भी कहा है।
आईजी ओपी सिंह ने आदेश दिए हैं कि सत्यापन मामले 20 दिन के अंदर निपटाए जाएं और रिपोर्ट के साथ डीसी को दिए जाएं। उन्होंने कहा कि जब पासपोर्ट का सत्यापन इतने ही दिनों में हो सकता है तो शस्त्र लाइसेंस का क्यों नहीं? आईजी ने निर्देश दिए हैं कि सत्यापन के लिए स्टैंडर्ड आपरेशन प्रोसिजर बनाएं, ताकि 10 दिन के अंदर सत्यापन होकर आवश्यक रिपोर्ट डीसी के पास जा सके। शस्त्र लाइसेंस का सत्यापन करते समय कानूनी प्रावधानों और सरकारी हिदायतों का ध्यान रखा जाए।
इस बारे में बात करने पर एएसपी गंगा राम पूनियां ने कहा कि आईजी साहब के निर्देशों का पालन होगा। सबसे पहले देखा जाएगा कि किस कर्मचारी के लेवल पर शस्त्र लाइसेंस के आवेदन लंबित है और उसका कारण क्या है। अगर लापरवाही या किसी अन्य अनुचित कारण के चलते आवेदन लंबित रखा गया है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।