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Fatehabad News: पुरातत्व निदेशक ने हड़प्पाकालीनस्थल गांव कुनाल का किया दौरा
Wed, 19 Apr 2023 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 19 Apr 2023 12:18 AM IST
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गांव कुनाल में खुदाई कार्य का अवलोकन करते पुरातत्व विभाग के निदेशक अमित खत्री व अन्य अधिकारी।
रतिया। अभिलेख, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की ओर से गांव कुनाल में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर पुरातत्व विभाग के डायरेक्टर अमित खत्री ने हड़प्पाकालीन स्थल का दौरा कर वहां खोदाई कार्य की जानकारी ली। कार्यशाला के दौरान पुरातत्व विभाग द्वारा बुक को भी लांच की गई।
डायरेक्टर अमित खत्री ने कहा कि गांव कुनाल ने भारतीय उपमहाद्वीप में आरंभिक हड़प्पा सभ्यता के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यहां खोदाई किए जाने से उत्कृष्ट हड़प्पा संस्कृति के उदय और इसके प्राचीन चरणों पर भविष्य में अनुसंधान के नए द्वार खुलेंगे। कुनाल गांव में हुई खोदाई में मिले अवशेषों से इस बात की प्रबल संभावना है कि कुनाल की सभ्यता विश्व की सबसे प्राचीनतम सभ्यता है। कुनाल एक हड़प्पा कालीन स्थल है, इसलिए अब पूर्व हड़प्पा कालीन ऐतिहासिक चीजों की तलाश रहेगी, जिससे उस काल के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाई जा सके।
उन्होंने बताया कि इस स्थल पर सबसे पहले खुदाई की गई थी, जिसमें विकसित जल निकासी प्रणाली की दरारें मिली थीं। उन्होंने कार्यशाला में आए हुए छात्रों से कहा कि इस तरह की वर्कशाप से अच्छी मेमोरी लेकर जाएं। विभिन्न संस्थाओं से पहुंचे छात्रों को हमारे इतिहास के बारे में जानकारी हासिल करने का अवसर मिलेगा।
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इस मौके पर अधिकारियों द्वारा छात्रों से पुरातत्व विभाग से संबंधित प्रश्न पूछे गए। इस मौके पर रतिया एसडीएम जगदीश चंद्र, बीडीपीओ संदीप भारद्वाज, प्रिसिंपल डॉ. बीआर मनी, एओ राघविद्रं राय, उपनिदेशक डॉ. बुनानी भट्टाचार्य, डॉ. सुरजीत, पवन भट्टाचार्य, विजय दहिया, सोहनलाल, महादेव सिंह, अमन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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डायरेक्टर अमित खत्री ने कहा कि गांव कुनाल ने भारतीय उपमहाद्वीप में आरंभिक हड़प्पा सभ्यता के अध्ययन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यहां खोदाई किए जाने से उत्कृष्ट हड़प्पा संस्कृति के उदय और इसके प्राचीन चरणों पर भविष्य में अनुसंधान के नए द्वार खुलेंगे। कुनाल गांव में हुई खोदाई में मिले अवशेषों से इस बात की प्रबल संभावना है कि कुनाल की सभ्यता विश्व की सबसे प्राचीनतम सभ्यता है। कुनाल एक हड़प्पा कालीन स्थल है, इसलिए अब पूर्व हड़प्पा कालीन ऐतिहासिक चीजों की तलाश रहेगी, जिससे उस काल के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाई जा सके।
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उन्होंने बताया कि इस स्थल पर सबसे पहले खुदाई की गई थी, जिसमें विकसित जल निकासी प्रणाली की दरारें मिली थीं। उन्होंने कार्यशाला में आए हुए छात्रों से कहा कि इस तरह की वर्कशाप से अच्छी मेमोरी लेकर जाएं। विभिन्न संस्थाओं से पहुंचे छात्रों को हमारे इतिहास के बारे में जानकारी हासिल करने का अवसर मिलेगा।
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इस मौके पर अधिकारियों द्वारा छात्रों से पुरातत्व विभाग से संबंधित प्रश्न पूछे गए। इस मौके पर रतिया एसडीएम जगदीश चंद्र, बीडीपीओ संदीप भारद्वाज, प्रिसिंपल डॉ. बीआर मनी, एओ राघविद्रं राय, उपनिदेशक डॉ. बुनानी भट्टाचार्य, डॉ. सुरजीत, पवन भट्टाचार्य, विजय दहिया, सोहनलाल, महादेव सिंह, अमन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।