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दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन 200 पार, सत्यापन सिर्फ 35 फीसदी का
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में दिव्यांग प्रमाण पत्र को लेकर आए लोग आवेदन देते हुए।
- फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों को तीन-तीन सप्ताह तक चक्कर काटने पड़ रहे हैं। 70 से 80 किलोमीटर दूर से जिला मुख्यालय आने वाले लोगों के लिए परेशानी बढ़ रही है। जिला मुख्यालय के नागरिक अस्पताल में बुधवार को लगने वाले कैंप में 200 से ज्यादा आवेदन आ रहे हैं और मात्र 35 फीसदी का ही सत्यापन हो पा रहा है। 65 फीसदी को अगले सप्ताह की तारीख दी जा रही है लेकिन फिर भी नहीं बन पा रहे हैं।
बुधवार को नागरिक अस्पताल में लगाए गए कैंप में करीब 190 आवेदन पहुंचे। इसमें से करीब 70 से 80 आवेदन नए थे और अन्य पिछले सप्ताह के थे। कर्मचारियों का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन बोर्ड के पास आता है, उसे कंप्यूटर पर अपलोड किया जाता है। अपडेट करने में ही करीब 15 से 20 मिनट का समय लगता है। इसके बाद फाइल डॉक्टर के पास जाती है। डॉक्टर बोर्ड मेडिकल करता है। 200 आवेदनों में से मात्र 70 से 75 दिव्यांग के ही मेडिकल हो पा रहे हैं। जिनके मेडिकल नहीं हो पाते है उन्हें अगले सप्ताह बुलाया जाता है लेकिन फिर भी नंबर न आने पर तीसरे सप्ताह बुलाया जा रहा है।
खबर के बाद शेड के नीचे लगे पंखे, कमेटी हुई गठित
दिव्यांगों के लिए लगने वाले कैंप में पिछले दो सप्ताह से व्यवस्था बिगड़ रही थी। पिछले सप्ताह बुधवार को लगाए गए कैंप में कई दिव्यांगों को बैठने की जगह नहीं मिली थी और इसके अलावा शेड के नीचे पंखे तक की व्यवस्था नहीं थी। इसको लेकर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। अस्पताल प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए शेड के नीचे पंखे की व्यवस्था की है और कमेटी गठित की है। अगर किसी को दिक्कत आती है तो कमेटी समाधान करेगी।
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पुराने दिव्यांग प्रमाण पत्रों की हो रहा है सत्यापन
सरकार ने पहले से बने हुए दिव्यांग प्रमाण पत्रों के सत्यापन के आदेश दिए हैं। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग दिव्यांग प्रमाण पत्रों का सत्यापन कर रहा है। कई दिव्यांग प्रमाण पत्र ऐसे सामने आ चुके हैं जिनमें पहले ज्यादा दिव्यांगता दिखाई गई थी लेकिन अब जांच में कम मिल रही है। इसको लेकर विवाद भी छिड़ा हुआ है और विकलांग अधिकार मंच विरोध कर चुका है।
बुधवार को कैंप में 72 दिव्यांग प्रमाण पत्र का सत्यापन हुआ है। डॉक्टरो की कमी है, इसके चलते दिक्कत आ रही है।
- डॉ. वीना बत्रा, उप सिविल सर्जन
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बुधवार को नागरिक अस्पताल में लगाए गए कैंप में करीब 190 आवेदन पहुंचे। इसमें से करीब 70 से 80 आवेदन नए थे और अन्य पिछले सप्ताह के थे। कर्मचारियों का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन बोर्ड के पास आता है, उसे कंप्यूटर पर अपलोड किया जाता है। अपडेट करने में ही करीब 15 से 20 मिनट का समय लगता है। इसके बाद फाइल डॉक्टर के पास जाती है। डॉक्टर बोर्ड मेडिकल करता है। 200 आवेदनों में से मात्र 70 से 75 दिव्यांग के ही मेडिकल हो पा रहे हैं। जिनके मेडिकल नहीं हो पाते है उन्हें अगले सप्ताह बुलाया जाता है लेकिन फिर भी नंबर न आने पर तीसरे सप्ताह बुलाया जा रहा है।
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खबर के बाद शेड के नीचे लगे पंखे, कमेटी हुई गठित
दिव्यांगों के लिए लगने वाले कैंप में पिछले दो सप्ताह से व्यवस्था बिगड़ रही थी। पिछले सप्ताह बुधवार को लगाए गए कैंप में कई दिव्यांगों को बैठने की जगह नहीं मिली थी और इसके अलावा शेड के नीचे पंखे तक की व्यवस्था नहीं थी। इसको लेकर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। अस्पताल प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए शेड के नीचे पंखे की व्यवस्था की है और कमेटी गठित की है। अगर किसी को दिक्कत आती है तो कमेटी समाधान करेगी।
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पुराने दिव्यांग प्रमाण पत्रों की हो रहा है सत्यापन
सरकार ने पहले से बने हुए दिव्यांग प्रमाण पत्रों के सत्यापन के आदेश दिए हैं। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग दिव्यांग प्रमाण पत्रों का सत्यापन कर रहा है। कई दिव्यांग प्रमाण पत्र ऐसे सामने आ चुके हैं जिनमें पहले ज्यादा दिव्यांगता दिखाई गई थी लेकिन अब जांच में कम मिल रही है। इसको लेकर विवाद भी छिड़ा हुआ है और विकलांग अधिकार मंच विरोध कर चुका है।
बुधवार को कैंप में 72 दिव्यांग प्रमाण पत्र का सत्यापन हुआ है। डॉक्टरो की कमी है, इसके चलते दिक्कत आ रही है।
- डॉ. वीना बत्रा, उप सिविल सर्जन

फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में शेड के नीचे लगाए गए पंखे।- फोटो : Fatehabad