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Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Anguishing over the acquired land occupied by farmers

अधिग्रहीत जमीन पर आक्रोशित किसानों का कब्जा

Sun, 02 Nov 2014 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद Updated Sun, 02 Nov 2014 12:16 AM IST
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हुडा प्रशासन द्वारा अधिग्रहण की गई भूमि का मुआवजा नहीं मिलने से खफा किसानों ने शनिवार को जमीन पर कब्जा कर लिया।

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लघु सचिवालय के समक्ष 72 दिनों से धरने पर बैठे सेक्टर 9, 10, 11 व 11ए के काश्तकारों ने आरोप लगाया कि कोर्ट ने 24 मार्च 14 काश्तकारों को 965 रुपये प्रति गज के हिसाब से मुआवजा देने के आदेश दिए थे। भुगतान के लिए काश्तकारों ने प्रशासन को 31 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया था।

शनिवार दोपहर 12 बजे तक प्रशासन से जवाब नहीं आने से भड़के काश्तकार एकत्र होकर अधिग्रहीत जमीन के पास पहुंच और कब्जा कर लिया।
हुडा प्रशासन ने 213 काश्तकारों की 755 एकड़ जमीन वर्ष 2008 में अधिग्रहण की थी। तब उन्हें 212 रुपये प्रति गज के हिसाब से मुआवजा राशि देने की बात हुई। इससे नाराज किसानों ने कोर्ट की शरण ली। बाद में अदालत ने उन्हें 965 रुपये प्रति गज के हिसाब से जमीन के रेट देने की बात कही, जिसे स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लंबे समय से नजरअंदाज कर रहे थे। शनिवार को आक्रोशित काश्तकार ट्रैक्टर लेकर अधिग्रहीत जमीन पर पहुंचे। उन्होंने सेक्टर में लगे बोर्ड को ट्रैक्टर की मदद से उखाड़ दिया। हुडा प्रशासन को अंतिम चेतावनी दी कि मुआवजा राशि नहीं मिलने तक किसी अधिकारी को संबंधित एरिया में नहीं आने दिया जाएगा। किसान संघर्ष समिति के प्रधान महेश नागपाल व किसान नेता सुरेंद्र सैनी ने कहा कि 23 दिसंबर 2013 को कोर्ट ने फैसला देकर किसानों को मुआवजा राशि 31 मार्च 2014 तक देने का फैसला दिया था, लेकिन हुडा विभाग के अधिकारियों व तत्कालीन डीसी डीके बेहरा ने किसानों के हितों पर कुठाराघात किया।
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किसानों को मुआवजा राशि अभी तक नहीं दी गई है। उधर प्रशासन किसानों को यह कहकर लटका रहा था कि एक नवंबर तक खातों में रुपए डलवा दिए जाएंगे। इस मौके पर छोटू राम सहारण, डा. नरसी, श्योचंद, पवन कुमार, सुदामा, अजय कुमार, इद्र सैनी, अनिल कुमार, रामपाल, रिसाल सिंह, महेंद्र कुमार,बजीर सिंह, प्रकाश, अनिल कुमार, रामपाल, डॉ. महेंद्र मताना सहित अनेक किसान मौजूद थे।
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किसान बोले कोई शख्स न करें प्लाट के लिए आवेदन
किसानों ने कहा कि कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर हुडा विभाग ने उक्त जमीन पर कॉलोनियां काटने का नोटिफिकेशन जारी कर प्लॉटों के लिए आवेदन मांग रखे है। हुडा ने प्लॉटों की कीमत 13640 रुपये प्रति गज निर्धारित की, जबकि कोर्ट ने मात्र 965 रुपये प्रति गज के हिसाब से किसानों को मुआवजा देने फैसला दिया था, जो उन्हें अभी तक नहीं मिला है। किसान नेता जगदीश नायक ने किसान संघर्ष समिति द्वारा जमीन पर कब्जा लिए जाने के बाद लोगों से आग्रह किया है। कोई शख्स यहां प्लाट के लिए आवेदन नहीं करें, क्योंकि हुड्डा विभाग ने झूठा नोटिफिकेशन जारी किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का अगला रुख हुडा विभाग का हिसार कार्यालय होगा।


कब्जा रोकने नहीं आए पुलिस व प्रशासन के अधिकारी
हैरत इस बात की थी कि धरना स्थल से जमीन पर कब्जा करने गए किसानों को रोकने के लिए पुलिस व प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। किसानों ने काफी समय तक हुडा के सेक्टरों में हंगामा किया। मगर सीआईडी के कर्मचारी यहां आकर खानापूर्ति कर चले गए। किसान नेता सुरेंद्र सैनी ने कहा कि प्रशासन में सच का सामना करने की ताकत नहीं है। किसान जायज हक के लिए आंदोलनरत है। मुआवजा राशि नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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