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Fatehabad News: अध्यापकों की कमी से गुस्साए विद्यार्थियों और अभिभावकों ने स्कूल गेट पर जड़ा ताला
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गांव टिब्बी में स्कूल गेट को बंद करके रोष प्रदर्शन करते ग्रामीण एवं विद्यार्थी।
भूना। गांव टिब्बी स्थित राजकीय हाई स्कूल में अध्यापकों के रिक्त पदों को लेकर सोमवार को गुस्साए विद्यार्थियों और अभिभावकों ने स्कूल के बाहर जमकर नारेबाजी की। विद्यार्थियों व ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और धरना देकर शिक्षा विभाग के खिलाफ रोष जताया।
ग्रामीणों द्वारा स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगाने की सूचना मिलने के बाद बीईओ ने एक अध्यापक को डेपुटेशन पर टिब्बी स्कूल में भेजा। परंतु ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने डीईओ व डीसी से मिलकर अध्यापकों के रिक्त पदों की समस्या के समाधान के लिए मांग पत्र सौंपा।
गांव टिब्बी निवासी एवं युवा संगठन प्रधान सुदामा, बलविंदर सिंह, कृष्ण कुमार, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि स्कूल में लंबे समय से अध्यापकों की कमी चल रही थी। समस्या के समाधान को लेकर कई बार शिक्षा अधिकारियों को अवगत करवाया गया। मगर कोई समाधान नहीं हुआ। स्कूल में 280 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिनको मात्र दो अध्यापक ही पढ़ा रहे हैं। परंतु इनको भी विभागीय कार्रवाई देखनी पड़ रही है। इसलिए बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और परीक्षा परिणाम पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
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पाठ्यक्रम तक पूरा नहीं हुआ
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने बताया कि अध्यापकों की कमी के कारण उनके पढ़ाई खराब हो रही है। उनका पाठ्यक्रम तक पूरा नहीं हो पाता। विद्यार्थियों की इस समस्या को देखते हुए ग्राम पंचायत द्वारा गांव के दो युवाओं को अस्थायी तौर पर पढ़ाने के लिए लगाया हुआ था तो अब विभाग ने उन्हें भी निकाल दिया है। विद्यार्थियों ने कहा कि अध्यापकों की कमी के कारण पिछले सत्र में भी स्कूल का बोर्ड रिजल्ट ठीक नहीं आया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्तमान सत्र शुरू हो गया है और अध्यापकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में इस बार भी अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर काफी परेशान है। विद्यालय में स्टाफ न होने के चलते अभिभावक मजबूरन अपने बच्चों को अपने गांव के बजाय आसपास के गांवों लहरियां व धोलू के स्कूलों में भेजने को मजबूर हैं।
सरपंच प्रतिनिधि ने खुलवाया ताला
गांव के सरपंच प्रतिनिधि सुशील सहारण ने मौके पर पहुंचकर स्कूल पर लगाया हुआ ताला खुलवाया और समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों से बातचीत की। सरपंच प्रतिनिधि ने कहा कि इस समस्या को लेकर विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली से मिलेंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में बीईओ की कार्यप्रणाली ठीक नहीं है क्योंकि उन्हें स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों व अध्यापकों की समस्या से संबंधित निरीक्षण करना चाहिए। परंतु बीईओ अपने कर्तव्यों का अच्छी तरह से निर्वाह नहीं कर रहे हैं। अगर वे चाहते तो डेपुटेशन पर पहले ही अध्यापकों की नियुक्ति टिब्बी स्कूल में कर सकते थे।
राजकीय उच्च विद्यालय टिब्बी में अध्यापकों के रिक्त पदों को लेकर ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों द्वारा तालाबंदी की सूचना मिली थी। इसके बाद डीईईओ वेद दहिया के माध्यम से बीईओ भूना को अध्यापकों की कमी को दूर करने के लिए आदेश दिए गए। समस्या का समाधान जल्द होगा।
दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद
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ग्रामीणों द्वारा स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगाने की सूचना मिलने के बाद बीईओ ने एक अध्यापक को डेपुटेशन पर टिब्बी स्कूल में भेजा। परंतु ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने डीईओ व डीसी से मिलकर अध्यापकों के रिक्त पदों की समस्या के समाधान के लिए मांग पत्र सौंपा।
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गांव टिब्बी निवासी एवं युवा संगठन प्रधान सुदामा, बलविंदर सिंह, कृष्ण कुमार, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि स्कूल में लंबे समय से अध्यापकों की कमी चल रही थी। समस्या के समाधान को लेकर कई बार शिक्षा अधिकारियों को अवगत करवाया गया। मगर कोई समाधान नहीं हुआ। स्कूल में 280 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जिनको मात्र दो अध्यापक ही पढ़ा रहे हैं। परंतु इनको भी विभागीय कार्रवाई देखनी पड़ रही है। इसलिए बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और परीक्षा परिणाम पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
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पाठ्यक्रम तक पूरा नहीं हुआ
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने बताया कि अध्यापकों की कमी के कारण उनके पढ़ाई खराब हो रही है। उनका पाठ्यक्रम तक पूरा नहीं हो पाता। विद्यार्थियों की इस समस्या को देखते हुए ग्राम पंचायत द्वारा गांव के दो युवाओं को अस्थायी तौर पर पढ़ाने के लिए लगाया हुआ था तो अब विभाग ने उन्हें भी निकाल दिया है। विद्यार्थियों ने कहा कि अध्यापकों की कमी के कारण पिछले सत्र में भी स्कूल का बोर्ड रिजल्ट ठीक नहीं आया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वर्तमान सत्र शुरू हो गया है और अध्यापकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं की गई है। ऐसे में इस बार भी अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर काफी परेशान है। विद्यालय में स्टाफ न होने के चलते अभिभावक मजबूरन अपने बच्चों को अपने गांव के बजाय आसपास के गांवों लहरियां व धोलू के स्कूलों में भेजने को मजबूर हैं।
सरपंच प्रतिनिधि ने खुलवाया ताला
गांव के सरपंच प्रतिनिधि सुशील सहारण ने मौके पर पहुंचकर स्कूल पर लगाया हुआ ताला खुलवाया और समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों से बातचीत की। सरपंच प्रतिनिधि ने कहा कि इस समस्या को लेकर विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली से मिलेंगे। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में बीईओ की कार्यप्रणाली ठीक नहीं है क्योंकि उन्हें स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों व अध्यापकों की समस्या से संबंधित निरीक्षण करना चाहिए। परंतु बीईओ अपने कर्तव्यों का अच्छी तरह से निर्वाह नहीं कर रहे हैं। अगर वे चाहते तो डेपुटेशन पर पहले ही अध्यापकों की नियुक्ति टिब्बी स्कूल में कर सकते थे।
राजकीय उच्च विद्यालय टिब्बी में अध्यापकों के रिक्त पदों को लेकर ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों द्वारा तालाबंदी की सूचना मिली थी। इसके बाद डीईईओ वेद दहिया के माध्यम से बीईओ भूना को अध्यापकों की कमी को दूर करने के लिए आदेश दिए गए। समस्या का समाधान जल्द होगा।
दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद