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Fatehabad News: बंदर न पकड़े जाने से खफा लोगों ने नगर परिषद कार्यालय में किया हंगामा
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फतेहाबाद के नगर परिषद कार्यालय में बंदर न पकड़े जाने पर हंगामा करते हुए शहरवासी। संवाद
फतेहाबाद। शहर में बंदरों के आतंक से परेशान लोग बुधवार सुबह नगर परिषद कार्यालय में पहुंच गए। लोगों ने नगर परिषद द्वारा बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू नहीं करने पर प्रधान राजेंद्र खिंची और उपप्रधान सविता टुटेजा से जवाब मांगा। प्रधान ने ईओ ऋषिकेश चौधरी से पूछा तो जवाब मिला कि मंजूरी के लिए वन जीव प्राणी विभाग को लिख रखा है। इस पर मौके पर मौजूद लोग भड़क गए और हंगामा कर दिया। प्रधान के सामने ईओ और अन्य अधिकारियों को खरी-खरी सुनाई। प्रधान कार्यालय में एक बार तनाव भरा माहौल बन गया। मौके पर मौजूद अन्य पार्षदों ने भी लोगों के गुस्से को जायज बताया।
जगजीवनपुरा, मॉडल टाउन, सूर्या इन्कलेव, चौधरी कॉलोनी आदि जगहों पर बंदरों का आतंक है। बच्चे और बुजुर्ग घर के बाहर बैठ तक नहीं सकते हैं, गली में निकलना भी मुश्किल हो रहा है। वार्ड नंबर 12 के पार्षद मोहनलाल नारंग के साथ पहुंचे संजय मेहता, संजीव गेरा आदि ने कहा कि बंदरों को पकड़ने के लिए कई बार अफसरों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। ईओ ऋषिकेश चौधरी ने कहा कि बंदरों को पकड़ने के लिए वन्य जीव प्राणी विभाग से अनुमति मांगी हुई है। इस पर लोग भड़कते हुए बोले कि आप अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं और एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। इस पर ईओ ने कहा कि आप वन जीव प्राणी विभाग के अफसरों से अनुमति लेकर आएं। इसके बाद माहौल तनाव पूर्ण हो गया और संजय मेहता ने कहा कि उनके घर जाकर देखें, बंदरों ने उनकी मां की क्या हालत की हुई है। भूना में बंदर पकड़े जा सकते हैं तो यहां पर क्या दिक्कत है। कॉलोनी में कई लोगों को काट चुके हैं। लोगों को उपचार लेने भी अग्रोहा मेडिकल कॉलेज जाना पड़ रहा है। प्रधान ने मौके पर मौजूद लोगों को शांत करवाते हुए कहा कि वन्य जीव प्राणी विभाग से अनुमति लेकर टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
वन्य जीव प्राणी विभाग ने हिसार से गुरुग्राम भेजी फाइल
नगर परिषद अफसरों ने शहर में घूम रहे 300 बंदरों को पकड़ने के लिए वन जीव प्राणी विभाग से अनुमति मांगने के लिए पत्र लिखा था। जिला अधिकारियों ने अनुमति के लिए हिसार मंडल कार्यालय को पत्र लिख दिया। इसके बाद हिसार से अब गुरुग्राम मुख्यालय से अनुमति मांगी गई है। हिसार से गुरुग्राम मुख्यालय में मंगलवार को ही अनुमति के लिए पत्र लिखा गया है। अब वहां से अनुमति मिलने के बाद ही नगर परिषद अधिकारी टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे।
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स्कूल छोड़ने जाते समय भी डरते हैं लोग
चौधरी कॉलोनी व जगजीवनपुरा में छोटी-छोटी गलियां हैं, इन गलियों में सारा दिन बंदरों के झुंड नजर आते हैं। सुबह-सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते समय भी लोग डरते हैं। रात में भी बंदर घरों की छतों पर आकर उत्पात मचाते हैं। घरों में ऊपर बने कमरों में भी बंदर घुस आते हैं। इससे लोग सहमे हुए हैं।
कोट
बंदरों को पकड़ने के लिए वन जीव प्राणी विभाग से अनुमति मांगी गई है। वहां से अनुमति मिलने के बाद ही टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद
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जगजीवनपुरा, मॉडल टाउन, सूर्या इन्कलेव, चौधरी कॉलोनी आदि जगहों पर बंदरों का आतंक है। बच्चे और बुजुर्ग घर के बाहर बैठ तक नहीं सकते हैं, गली में निकलना भी मुश्किल हो रहा है। वार्ड नंबर 12 के पार्षद मोहनलाल नारंग के साथ पहुंचे संजय मेहता, संजीव गेरा आदि ने कहा कि बंदरों को पकड़ने के लिए कई बार अफसरों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। ईओ ऋषिकेश चौधरी ने कहा कि बंदरों को पकड़ने के लिए वन्य जीव प्राणी विभाग से अनुमति मांगी हुई है। इस पर लोग भड़कते हुए बोले कि आप अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं और एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। इस पर ईओ ने कहा कि आप वन जीव प्राणी विभाग के अफसरों से अनुमति लेकर आएं। इसके बाद माहौल तनाव पूर्ण हो गया और संजय मेहता ने कहा कि उनके घर जाकर देखें, बंदरों ने उनकी मां की क्या हालत की हुई है। भूना में बंदर पकड़े जा सकते हैं तो यहां पर क्या दिक्कत है। कॉलोनी में कई लोगों को काट चुके हैं। लोगों को उपचार लेने भी अग्रोहा मेडिकल कॉलेज जाना पड़ रहा है। प्रधान ने मौके पर मौजूद लोगों को शांत करवाते हुए कहा कि वन्य जीव प्राणी विभाग से अनुमति लेकर टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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वन्य जीव प्राणी विभाग ने हिसार से गुरुग्राम भेजी फाइल
नगर परिषद अफसरों ने शहर में घूम रहे 300 बंदरों को पकड़ने के लिए वन जीव प्राणी विभाग से अनुमति मांगने के लिए पत्र लिखा था। जिला अधिकारियों ने अनुमति के लिए हिसार मंडल कार्यालय को पत्र लिख दिया। इसके बाद हिसार से अब गुरुग्राम मुख्यालय से अनुमति मांगी गई है। हिसार से गुरुग्राम मुख्यालय में मंगलवार को ही अनुमति के लिए पत्र लिखा गया है। अब वहां से अनुमति मिलने के बाद ही नगर परिषद अधिकारी टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे।
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स्कूल छोड़ने जाते समय भी डरते हैं लोग
चौधरी कॉलोनी व जगजीवनपुरा में छोटी-छोटी गलियां हैं, इन गलियों में सारा दिन बंदरों के झुंड नजर आते हैं। सुबह-सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते समय भी लोग डरते हैं। रात में भी बंदर घरों की छतों पर आकर उत्पात मचाते हैं। घरों में ऊपर बने कमरों में भी बंदर घुस आते हैं। इससे लोग सहमे हुए हैं।
कोट
बंदरों को पकड़ने के लिए वन जीव प्राणी विभाग से अनुमति मांगी गई है। वहां से अनुमति मिलने के बाद ही टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद